पितृ पक्ष में पुरखों का आशीर्वाद पाने के लिए रोज़ करें ये काम

इस समय पितरों को प्रसन्न कर लिया जाए तो घर-परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है। इसके अलावा जातक और उसके परिवार पर कोई भी बुरा साया या फिर दु:ख-तकलीफ नहीं आती। अगर आप भी अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहते हैं....

पितृ पक्ष में पुरखों का आशीर्वाद पाने के लिए रोज़ करें ये काम

फीचर्स डेस्क। हर वर्ष भाद्रपद मास की पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष रहता है और यह 16 दिन की अवधि का है। बता दें कि इस बार पितृपक्ष 20 सितंबर से है । हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत अधिक महत्व होता है। पितृ पक्ष को श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है। पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इसमें सनातन धर्म के लोग अपने पितरों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं और उनके लिये पिंडदान करते हैं। पितृपक्ष को लेकर यह भी मान्यता है कि अगर इस समय पितरों को प्रसन्न कर लिया जाए तो घर-परिवार पर उनकी कृपा बनी रहती है। इसके अलावा जातक और उसके परिवार पर कोई भी बुरा साया या फिर दु:ख-तकलीफ नहीं आती। अगर आप भी अपने पितरों को प्रसन्न करना चाहते हैं और चाहतें हैं कि उनकी कृपा-दृष्टि आप पर हमेशा बानी रहे तो यहां पर डॉ इति  मेहरोत्रा द्वारा बताये गए सुझावों को अपनाइये- 

ब्राह्मणों को भोजन

 पितृपक्ष के दौरान ब्राह्मणों को यदि नियमित रूप से भोजन कराया जाए तो भी पितर प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा अगर घर हो या कार्यक्षेत्र, दोनों ही जगहों पर पितरों की हंसती-मुस्कुराती हुई तस्वीर लगानी चाहिए। लेकिन ध्यान रखें कि तस्वीर दक्षिण-पश्चिम की दीवार या कोने में लगाएं। साथ ही अपने दिन की शुरुआत करते समय सबसे पहले पितरों की तस्वीर को प्रणाम करें। इसके बाद फूल-माला चढ़ाएं और धूपबत्ती जलाकर उनका आर्शीवाद लें।

दान करें

पितरों को प्रसन्न करने के लिए जरूरतमंदों को उनकी जरूरत के अनुसार वस्तुएं दान करें। कहते हैं कि इससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है और उनकी खुशी से जातक के जीवन में भी खुशियां आती हैं।

जरूरी दायित्व, इन्हें जरूर निभाएं

पितृ पक्ष में कौओं को खाना जरूर खिलाएं। इसके अलावा कभी भी पितरों की जयंती और बरसी मनाना न भूलें। इस दिन घर पर कोई न कोई पूजा जरूर रखें। साथ ही उनकी याद में भोजन और मिठाई बांटे। इससे परिवार पर उनकी कृपा हमेशा ही बनी रहती है।

सबका हिस्सा निकाले

श्राद्ध पक्ष के दौरान नियमित रूप से कुत्ता, गाय, कौवा, चिड़ियां आदि को रोटी खिलाएं। साथ हीं, सुबह-शाम कपूर जलाएं और गुड़ में घी मिलाकर उसको धूप दें। ऐसा करने से भी पितृ दोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

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पितृ दोष से मुक्ति ऐसे पाए

डॉ इति कहती  हैं कि पितृ दोष से मुक्ति के लिए पीपल और बरगद के पेड़ की नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए। पितृ पक्ष के दौरान दिन के समय जल चढ़ाएं, साथ ही फूल, अक्षत, और काले तिल अर्पित करें। इसके साथ ही पितरों से अपनी गलती की क्षमा मांगते हुए उनसे आर्शीवाद लेना चाहिए। परिवार के हर सदस्य से 10-10 रुपये के सिक्के के लेकर मंदिर में दान करें। अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग है तो उनके साथ गुरुवार के दिन जाकर दान करें। इन उपायों से पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी।