Tokyo Olympics 2021 : अभी शुरुवात है आगे-आगे देखिये होता है क्या ? हम भी हैं तैयार

टोक्यो ओलिंपिक में पहले दिन ही भारत ने स्वर्ण पदक जीत कर सबकी उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अब भारत का परचम लहराने को तैयार हैं ये धुरंधर खिलाडी , आइये जाने इनसे जुड़े कुछ रोचक तथ्य .....

Tokyo Olympics 2021 : अभी शुरुवात है आगे-आगे देखिये होता है क्या ? हम भी हैं तैयार

फीचर्स डेस्क। टोक्यो ओलंपिक्स का शान दार आगाज़ हो चुका है।पहले ही दिन भारत की मीराबाई चानू ने सिल्वर मैडल जीत कर इतिहास रच दिया है। अब सब की नज़रें बाकि खिलाडियों पर हैं। आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी महिला खिलाडियों से रूबरू करवाने जा रहे हैं। जो कई मायनो में खास हैं और खेल जगत के धुरंधरों को उनसे काफी उम्मीदें हैं।

अंशु मालिक

हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली अंशु मालिक महज़ 19 वर्ष की एक होनहार पहलवान हैं। अंशु मलिक पहलवानों के परिवार से हैं। उनके पिता भी पहलवान हैं और पिता के बड़े भाई नेशनल लेवल पर पहलवानी कर चुके हैं। वर्ष 2020 में नई दिल्‍ली में हुई एशियन चैंपियनशिप में अंशु ने ब्रॉन्ज जीता था। वर्ष 2020 में ही  हुए वर्ल्ड कप में अंशु को सिल्‍वर मेडल मिला था और  वर्ष 2021 में अलमाती में हुई एशियन चैंपियनशिप में अंशु को गोल्ड मेडल हासिल हुआ। ओलिंपिक पदक के लिए सभी की निगाहे अंशु पर हैं। टोक्यों में इनका मैच 4 अगस्त को देखने को मिलेगा।

दुति चंद

दुति चंद एक सर्वश्रेष्ठ स्प्रिंटर्स हैं और ओलंपिक 2021 में देश का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।  दुति का जन्म 1996 में उड़ीसा के एक बुनकर परिवार में हुआ था।  इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत स्ट्रगल किया है।  उन्‍होंने एशियाई खेलों (2018), एशियाई चैंपियनशिप (2013, 2017, 2019), दक्षिण एशियाई खेलों (2016), समर यूनिवर्सियड (2019), आदि सहित कई अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया है। दुति में ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई नहीं किया है, लेकिन उनकी विश्व रैंकिंग ने उनके लिए ओलिंपिक की राह आसान की।अब वह 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाओं में टोक्यो ओलंपिक में धूम मचाती नजर आएंगी।

सुशीला चानू

भारतीय हॉकी टीम की दिग्गज महिलाओं में से एक हैं 29 साल की सुशीला चानू, जो इस बार टोक्यो ओलंपिक में भारत की तरफ से हॉकी टीम के लिए क्वालीफाई हुई हैं। सुशीला चानू का जन्म सन्न1992 को मणिपुर के इंफाल में हुआ था। सुशीला भारतीय हॉकी टीम की पूर्व कप्तान भी हैं और कई बार अपना विजय पताका लहरा चुकी हैं। उनके नाम कुल 150 अंतर्राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने का खिताब है। जर्मनी के मोंचेनग्लादबाक में 2013 जूनियर विश्व कप में कांस्य पदक जीतना उनके जीवन के सबसे ज्यादा सुखद अनुभवों में से एक है। सुशीला भारत को जीत दिलाने का पूरा जज़्बा रखती हैं।

राही सरनोबत

भारतीय महिला खिलाड़ी राही सरनोबत एक होनहार पिस्टल निशानेबाज हैं। इनका जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापुर में 1990 में हुआ। इनका शुरुवाती सफर भी काफी चैलेंजिंग रहा।  वर्ष 2013 में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीत कर उन्होंने इतिहास रच दिया। वह इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला पिस्टल शूटर थीं। इसके बाद इन्होने कई तमगे अपने नाम किये। साल 2015 में राही को उनकी शानदार कामयाबी के लिए भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया था। 2019 में जर्मनी में हुए वर्ल्ड में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत कर राही ने टोक्यो ओलंपिक में अपने लिए जगह बना ली थी। 29 जुलाई को वह टोक्यो ओलंपिक में महिला 25 मीटर पिस्टल इवेंट में अपनी निशानेबाजी के हुनर का प्रदर्शन करते हुए नजर आएंगी।

अंकिता रैने

अंकिता मौजूदा समय में नंबर 1 टेनिस प्लेयर हैं और वो सिंगल्स और डबल्स दोनों तरह के मैच खेल रही हैं। वो सानिया मिर्जा से टेनिस में भारत को रिप्रेजेंट कर रही है। अंकिता रैना वो एकलौती महिला खिलाड़ी हैं जिन्हें गुजरात से ओलंपिक गेम्स में सिलेक्ट किया गया है। जी हां, भारत 1900 पेरिस ओलंपिक्स से इन गेम्स में हिस्सा ले रहा है और अभी तक अंकिता के अलावा गुजरात से कोई और महिला खिलाड़ी इन गेम्स में नहीं गई हैं। यही कारण है कि 28 साल की अंकिता ने ओलंपिक्स के लिए क्वालीफाई करके इतिहास रच दिया है। अंकिता 2018 एशियन गेम्स की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट हैं। उनके नाम International Tennis Federation के 11 टाइटल्स हैं। Women's Tennis Association के 250 से भी ज्यादा टाइटल्स हैं और उनकी मौजूदा वर्ल्ड रैंक 95 है (डबल्स में) और 181 है (सिंगल्स में)। एशियन गेम्स में मेडल जीतकर अंकिता भारत की दूसरी ऐसी खिलाड़ी बन गई थीं जो एशियन गेम्स में मेडल जीतकर आई थीं। अब सभी इनसे ओलिंपिक पदक की उम्मीद कर रहे हैं।

इन सभी खिलाडियों को हम शुभकामनाएं देते हैं, आल दी बेस्ट !