'पब्लिक प्लेटफ़ॉर्म'

by Focus24 team

आप  के  नैन हमसे यूँ मिलते नहीं, होते हमको कभी यार शिकवे नहींl चैन  से  जी  रहे  थे  ग़मों  के  बिना, हम मुहब्बत कभी तुमसे करते नहींl तेरे नैनों की Read more...

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by Focus24 team

ये जो मेरी यात्रा है, खुद से खुद तक पहँचने की ये है मंदाकिनी सी पावन, निरंतर अविरल नित नयी उर्जा से स्पंदित.. खोज लेना है मुझे,  अंतर्मन के सभी रहस्य कलई खोल लेनी है,  काल Read more...

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by Focus24 team

बारिश की हल्की सी गुलाबी ठंडक  और ये तपिश तेरे प्यार की........ ये बूंदों की साजिश और महक तेरे एहसास की अक्सर एकान्त में  घेर लेतीं हैं मुझे और&n Read more...

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by Focus24 team

मेरे दिल का मौसम बदलने लगा है हर कतरा मोम सा पिघलने लगा है। मुसलसल तपिश अब बढने लगी है, कोई इसकी ऑंच में जलने लगा है। तमन्नाएं फिर से जवाँ हो रहीं हैं, Read more...

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फीचर्स डेस्क। सुबह-सुबह दादाजी कॉलोनी के बगीचे में टहलने जाते हैं  और आते समय एक बाईक जिस पर तीन-चार दोस्‍त सवार थे, वे दादाजी को टक्‍कर मारकर चल देते हैं।" इतनी सभ्‍यता भी बरकरार नहीं उनमें से एक में भी कि वे देखे तो उतरकर कहीं चोट तो नहीं लगी"?  थोड़ी ही देर में कॉलोनी के दो भाईसाहब आए, Read more...

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by Focus24 team

सिला क्यों भलाई का मिलता नहीं है, बशर क्यों सलीके का दिखता नहीं हैl समझते रहे जिसको महबूब दिल का, वही शख्स अब मुझसे मिलता नहीं हैl हवस ज़र की ऐसी लगी हर बशर को, Read more...

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