'कहानी'

by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। हर चेहरे पर हजार चेहरे लगे है और हर चेहरे की हजार कहानी। कभी ध्यान से सुनना, हर कहानी के पीछे एक और कहानी होती है  हर मुस्कुराने वाले चेहरे के पीछे एक रोने वाले इंसान की ना जाने कितनी गहरी कहानी होती है ये कोई नहीं जानता है। ऐसी ही एक कहानी से मुलाकात हुई, शायद यू कहूं तो मोहब्बत से मुलाकात हुई उसकी उ Read more...

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by manish shukla

फीचर्स डेस्क। गोला और भोला बहुत अच्छे मतलब एकदम पक्के दोस्त थे, उनके बीच की आत्मीयता को समझने के लिए आप ये कह सकते हैं की They are brother from other mother.  गोला स्कूल टीचर थे, संविदा वाले नही ‘स्थाई’। किंतु स्थाई नौकरी के बाद भी वे स्कूल में ‘अस्थाई रूप’ से पाए जाते कभी-कभार घूमते हुए स्कूल Read more...

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by Renu mishra

फीचर्स डेस्क। "ये लो शीना... आज की पार्टी में ये ड्रेस पहनकर चलना... ग्लैमरस पार्टी है....थोड़ा हॉट दिखना ज़रूरी है... तभी तो ऑफर्स आएंगे... बडे बैनर की फ़िल्मों के..और सुन बोल्ड बिहेवियर रखना... समझी...." कनकधारा ने अपनी अभिनेत्री बेटी से कहा। "मम्मी.... थक गई हूँ... य Read more...

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by Shivangi Agarwal

फीचर्स डेस्क। इंदौर नगरी अपने भाई के पास घूमने आए  दामोदर ने सुनील से कहा छुटके  यहां बड़ा दम घुट रहा है   घर के अंदर की हवां में भी धुएं की महक आ रही है‌ भाई साहब बहुत साल बाद दिल्ली आये हो यहाँ की तो हवा पानी सब खराब हो गया  है । छुटके पानी की तो समझ आती है पर ये  हवा किसने खराब करदी Read more...

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by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। "नीना... जल्दी करो बेटा.... कोर्ट पहुंचना है...रास्ते में फूलमालाएं भी लेना है....अरुण से बात हो गई थी न तुम्हारी.... कह दिया था न कि समय से कोर्ट पहुंच जाऐ..."... गिरीश ने नीना से कहा। नीना गिरीश की इकलौती बेटी थी।नीना की माँ का असमय देहांत हो जाने के बाद गिरीश ने ही नीना की परवरिश की थी।आज नीना क Read more...

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by Priyanka Shukla

फीचर्स डेस्क। घर जाने के लिए निकला। अशांत और विचलित मन लिए सब्जी मंडी पहुँचा कुछ सब्जियाँ खरीदीं। आज कुछ देर हो गई थी तो घर पहुँचकर खिचड़ी अथवा मैगी बना लेने का विचार चल रहा था। पिछले सप्ताह के एक भी कपड़े धुले नहीं थे अतः 5-6 दिन से एक ही जीन्स को रगड़ रहा था। एक हाथ से काँधे पर लटके बैग को सम्हालता और दूसरे हाथ में दूध की Read more...

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