पैरेंटिंग स्पेशल : बच्चों में ऐसी आदतें डेवलप करें जिससे उनकी फिजिकल स्ट्रेंथ रहे अच्छी 

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24th January, 2020, Edited by Shikha singh

फीचर्स डेस्क । आजकल के खानपान से बच्चों की फिजिकल ग्रोथ मेंटेन करना किसी चुनौती से कम नहीं है। बच्चे सेहतमंद रहे इस बात पर पेरेंट्स फोकस्ड करते हैं, जबकि आपको ओवर ऑल ग्रोथ पर ध्यान देना होगा। ऐसे में बच्चों की पूरी तरह से पेरेंटिंग होनी चाहिए। यह बच्चों के सोशल, मेंटल और करियर ग्रोथ को आगे बढ़ाती है। बता दें कि इसका असर बच्चों के बिहेवियर और पर्सनेलिटी पर भी पड़ता है।एक बच्चे की प्रॉपर ग्रोथ के लिए सोशल, इमोशनल, फिजिकल, इंटलेक्चुअल ग्रोथ जरूरी है। इसलिए बच्चों की एकेडेमिक परफॉर्मेंस अच्छी बनाने के लिए उन्हें कहानी सुनाएं।

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अच्छे पेरेंटिंग से सोशल, इमोशनल और फिजिकल ग्रोथ

बच्चे के जन्म से पहले और जन्म के एक साल बाद तक मां जिस तरह का खाना खाती है, उसी खाने का टेस्ट बच्चों में बनता है। इसलिए मां को प्रेग्नेंसी पीरियड में सब तरह का फूड खाना लेना चाहिए, जो आप खाएंगी, वो ही बच्चा खाएगा। स्ट्रेस से दूर रहने पर बच्चों में ऐसी आदतें डेवलप होगी, जिससे फिजिकल स्ट्रेंथ अच्छी रहेगी। 

जरूरी है ओवर ऑल डेवलपमेंट 

बुक्स पढ़ने, कहानी सुनाने, फेस टु फेस बात करने, क्वालिटी टाइम बिताने और पॉजिटिव स्पोर्ट से बच्चों का डेवलपमेंट अच्छा होता है। बुक रीडिंग से बच्चे जल्दी सीखते हैं। इसमें देखना और सुनना दो काम एक साथ होते है, इसलिए ब्रेन अच्छी तरह काम करता है। रीडिंग कंसेप्ट से बच्चों का एकेडेमिक स्कोर अच्छा होता है।

ऐसे करें बच्चों का ओवरऑल डेवलपमेंट 

बच्चों के साथ एक समान व्यवहार रखें। 

बच्चे के सामने झूठ या गलत बात ना करें, सच बताना चाहिए। 

फ्यूचर की एडवांस प्लानिंग करनी चाहिए। 

अच्छे कार्य एवं व्यवहार को बढ़ावा दें । 

बुरे व्यवहार को मैनेज करने की कोशिश करें। उनके गलत काम को छिपाएं नहीं। 

बच्चों से जरूरत से ज्यादा उम्मीद नहीं रखें। प्रैक्टिकल बात सिखाने से बच्चे खुश रहेंगे। 

सिंगल मदर या फादर बच्चों को समय दें। वरना गैप ज्यादा आने से बच्चे गलत व्यवहार की तरफ जा सकते है। बच्चों के ओवरऑल डेवलपमेंट में पेरेंटिंग का बड़ा योगदान है। 

इनपुट सोर्स :  प्रीति खुराना, पैरेंटिंग एक्सपर्ट, लखनऊ सिटी।