11वीं में एडमिशन व पढ़ाई अब होगी ऑनलाइन, प्रिंसिपल को वाॅट्सएप पर भेजने होंगे कागजात

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13th July, 2020, Edited by Focus24 team

एजुकेशन डेस्क। हरियाणा शिक्षा बोर्ड का 10वीं कक्षा का रिजल्ट आ गया है। अब 11वीं कक्षा में एडमिशन कोरोना कॉल के दौरान ऑनलाइन होंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को संबंधित स्कूल के प्रिंसिपल के मोबाइल पर वाॅट्सएप के जरिए अपने डकोमेंट्स भेजने होंगे। साथ ही लिखना होगा कि वह किस स्ट्रीम में एडमिशन लेना चाहता है। संदेश आते ही संबंधित डकोमेंट्स को चेक कर विद्यार्थी का एडमिशन कर दिया जाएगा। कोरोना कॉल में किसी तरह की एडमिशन फीस भी नहीं ली जाएगी। मोबाइल से ही एडमिशन कन्फर्म होने का संदेश स्टूडेंट्स को भेजा जाएगा।

सबसे बड़ी दिक्कत अब साइंस के स्टूडेंट्स को होगी, क्योंकि बिना लैब के पढ़ाई करने में दिक्कत आड़े आ सकती है, लेकिन शिक्षा विभाग इसके लिए योजना बना रहा है, ताकि किसी की पढ़ाई बाधित न हो। मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक प्रदीप कुमार ने बताया कि अब 11वीं कक्षा में विद्यार्थियों के एडमिशन ऑनलाइन होंगे। प्रिंसिपल के वाॅट्सएप नंबर पर कोई भी विद्यार्थी डकोमेंटस भेजकर एडमिशन के लिए एप्लाई कर सकता है। ऑनलाइन पढ़ाए जाने वाले विषय ही सिलेबस में शामिल किए जाएंगे।

मुखिया की सूची की होगी परख

14 हजार से अधिक स्कूलों के मुखिया जो जानकारी पोर्टल पर अपलोड करेंगे, इसकी जांच हाेगी। इसके लिए रोजाना 20 विद्यार्थियों को फोन पर बातचीत की जा रही है। इसके लिए बाकायदा 2000 पर्यवेक्षकाें की ड्यूटी लगी है।

कोरोना के कारण विदेशों में यह पैट्रन

कई देशों में फिलहाल एक बच्चा मार्च में तीसरी में था, लॉकडाउन के कारण चौथी में कर दिया। पूरा साल नहीं गया। अगले साल पांचवीं में जाएगा। किताब चौथी की दी जाएगी। उस पर पांचवीं लिखा जाएगा। आने वाले तीन सालों में किताबों में बदलाव कर, 25-25 फीसदी जोड़कर तीन साल में पूरा कर लिया जाएगा।

रोजाना 22 लाख स्टूडेंटस को ऑनलाइन पढ़ाई होगी। फिलहाल अधिकांश को विभिन्न चैनलों के जरिए टेलीवीजन पर ही पढ़ाया जा रहा है। ऑनलाइन पढ़ाई का दौर चल रहा है। टेलीफोन पर सीधे बातचीत में अब एक स्टूडेंट का नंबर सप्ताह बाद आता है, क्योंकि करीब 22 लाख विद्यार्थी हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। एक टीचर रोज 20 स्टूडेंट को फोन पर बात करके उसकी शंका का समाधान करता है, जबकि 14372 स्कूलों के मुखिया रोजाना अपने स्कूल के 20 स्टूडेंट से बात कर पर्यवेक्षण करते हैं कि टीचर ने किस सब्जेक्ट की पढ़ाई कराई है। अपनी रिपोर्ट को स्क्ूल मुखिया पोर्टल पर अपलोड करते हैं। स्कूल मुखिया व टीचर के पढ़ाया सिलेबस चेक करने के लिए 2000 पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं, जो रोजाना 20 बच्चों से बात कर असलियत जानेंगे।