मुक्ति फाउंडेशन ने बदल दी हजारों लोगों की जिंदगी, पढियें कैसे कर रहे काम

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22nd May, 2020, Edited by Focus24 team

लखनउ सिटी। बडे से बडे बदलाव की शुरूआत कोई एक व्यक्ति ही करता है और व्यक्ति में बदलाव एक सोच करती है। बात जब समाजसेवी की आती है तो ऐसे कयी बिरलों का नाम सामने आता है, जिनकी सोंच ने ऐसा आकार लिया कि हजारों लोगों की जिंदगियां बदल गयी। ऐसे ही एक अभियान से या यूं कहें कि संस्थान थे हम आपको रूबरू कराते हैं, जिनके कदम तो अकेले ही चले थे, लेकिन आज कारवां हजारों का है। समाजसेवा के क्षेत्र में अपने उतकृष्ठ प्रयासों और उपलब्धियों से पहचान बनाने वाली संस्था 'मुक्ति फाउंडेशन' यूपी के उन गिने चुने समाजसेवा संगठनों में शामिल हैं, जिन्हें समाजसेवा के क्षेत्र में पथम पंक्ति का योद्ध कहा जाता है। लखनउ में कार्यरत यह संस्था समाज से पीछे छूट रहे वर्ग का हाथ थामकर उन्हें मुख्यधारा में जोड रही है। आर्थिक, शैक्षिक, रोजगार, प्रोत्साहन जैसे कयी वर्गों में संस्था काम कर हर स्तर पर मदद पहुंचा रही है।

कैसे हुई शुरूआत

फोकस 24 न्यूज ने मुक्ति फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार वर्मा से बातचीत की और संस्थान को लेकर उनका दृष्टिकोण जानना चाहा तो बडे ही विस्तार से उन्होंने संस्थान की स्थापना और कार्य करने का तरीका व आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समाज में हमेशा से एक ऐसा वर्ग होता है, जो मुख्यधारा से दूर होता है। इनके सामने शिक्षा व आर्थिक समस्याओं की बेडियां पीढियों से बंधी होती हैं और इससे वह उबर नहीं पाते। लेकिन, समय समय पर उनके उत्थान का क्रम कुछ महापुरूषों द्वारा होता रहा है। बस उन्हीं घटनाओं और मौजूदा परिदृश्यों का असर मेरे मन मतिष्क पर भी होता रहा और फिर अपने सामाजिक दायित्वों को निभाने के कर्तव्य बोध ने वंचित समाज के उत्थान का एक प्रारब्द्ध बनने की प्रेरणा दी और इसी के साथ मुक्ति फाउंडेशन की स्थापना की गयी।

किस तरह करते हैं काम

मुक्ति फाउंडेशन के अध्यक्ष प्रफुल कुमार वर्मा एवं सचिव रीता सिंह समाज के वंचित वर्गों के लिये लगातार नये तरीके खोजते हैं और लक्ष्य तय कर उसे पूरा करने का अथक प्रयास करते हैं। फिर चाहे वह उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े स्लम महिबुल्लापुर के वंचित वर्ग को बच्चों की नियमित शिक्षा से संबंधित हो या महिलाओं को स्वारोजगार से जोड़ने का संकल्प। संस्थान ने कयी दूसरे एनजीओ के साथ मिलकर भी काम करना शुरू किया है। इससे समाजसेवा के मिशन को बहुत तेज गति मिल गयी है। इस तरीके से एक अभियान बनाकर अधिक से अधिक लोगों तक मदद पहुंचायी जा रही है।

इस तरह पहुंचा रहे मदद

स्लम बस्तियों में शिक्षा का स्तर लगभग शून्य ही है, ऐसे में इन बस्तियों के जीवन स्तर को उठाने के लिये नियमित शिक्षा की व्यवस्था की गयी है। महिबुल्लापुर जैसे इलाको में इसी अभियान के तहत शिक्षा पहुंचायी जा रही है। जबकि महिलाओं को सशक्त बनाने, उन्हें स्वाबलंबी बनाने और रोजगारपरक हुनर विकसित करने के लिये कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं और मोमोज बनाना व सप्लाई करना आदि उसी क्रम का हिस्सा है। इसके अलावा नई पीढी के लिये विशेष प्रयास किये जाते हैं। जिसमें बच्चों की काउंसलिंग करना, उन्हें सही गाडडेंस देना, उनका भविष्य कैसे उज्ज्वल हो सके, इसके लिये सही दिशा में आगे बढने के लिये प्रेरित करना जैसी पहल शामिल हैं।

लॉकडाउन में भी बढ गयी जिम्मेदारी

लॉकडाउन के बाद मुक्ति फाउंडेशन की जिम्मेदारियां और बढ़ गयी है। अब वह नियमित शिक्षा के लिये एक ओर जहां आनलाइन व्यवस्था कर रहा है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम ज़ोन तीन द्वारा प्रदत्त कम्युनिटी किचेन के माध्यम से 500 लोगों का प्रतिदिन खाना दिया जा रहा है। जबकि संस्था की ओर से समय-समय पर जरूरतमंद परिवारों को राशन एवं दनिक जीवन की उपयोगी वस्तुओं का वितरण भी किया जाता है। सस्था द्वारा अब तक लगभग 300 परिवारों को राशन किट का वितरण किया जा चुका है।

कोरोना योद्धाओं का बढा रहे मनोबल

मुक्ति फाउंडेशन ने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर महायुद्ध लड़ रहे कोराना वॉरियर्स यानि पुलिसकर्मियों तक भी हर स्तर से मदद पहुंचाई जा रही है। गोमती नगर समेत अन्य इलाकों में पुलिसकर्मियों के लिये फल, चाय की व्यवस्था करने जैसी पहल एक ओर जहां उनका मनोबाल बढाती है। वहीं दूसरी ओर समाज के संपन्न वर्ग को भी आगे आने के लिये प्रेरित करती है। इसके अलावा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों, मीडियाकर्मियों को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित करने की पहल लगातार जारी है।

उत्कृष्ठ कार्यों को सम्मान

मुक्ति फाउंडेशन शहर में होने वाले उत्कृष्ठ कार्यों को बढावा देने के लिये सम्मान कार्यक्रमों का भी आयोजन करती है, जिसके माध्यम से व्यक्ति विशेष, संस्था आदि को सम्मानित किया जाता है। हाल ही में मातृ दिवस के अवसर पर बेलीगाराद चौराहे पर कलाकृति का निर्माण करने वाले कलाकारों को, बैंकिंग सेवा के कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया । अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार वर्मा एवं सचिव रीता सिंह कहते हैं कि हम लोग इस संस्था के माध्यम समाज एवं देश के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।