हर्ब की चाय से आप बढ़ा सकते हैं अपनी इम्यूनिटी, पढ़ें एक्सपर्ट की राय

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19th April, 2020, Edited by Focus24 team

हेल्थ डेस्क। आजकल हम सभी लोग बहुत ज्यादा डरे हुए हैं क्योंकि एक नई बीमारी जिसका अभी तक कोई इलाज नहीं ढूंढा गया है और उससे सब लोग बहुत ज्यादा भयभीत हो रहे हैं प्रतिदिन हमको बताया जा रहा है कि हमें किस तरह से सावधानी रखनी है , जिसमें सबसे जरूरी है हमें अपने को भीड़ से दूर रखना सोशल डिस्टेंसिंग इसके साथ हमें साफ सफाई का बहुत ध्यान रखना है जिसमें हमें थोड़े-थोड़े अंतराल पर अपने हाथों को बराबर होते रहना है, यह सब बाहरी सावधानियों के अलावा और हम क्या शामिल करें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में जिससे हम और भी ज्यादा मजबूत हो सके इस बीमारी से लड़ने के लिए हम अपने शरीर को आंतरिक रूप से मजबूत कर सकते हैं और आंतरिक रूप से मजबूत करने के लिए हमें अपने शरीर को ऐसा पोषक तत्वों से भरा खाना देना है जिससे हमारी इम्यूनिटी बहुत सादा मजबूत हो जाए और हम किसी भी बीमारी से आसानी से लड़ सकें अगर कभी हम भविष्य में इस बीमारी से ग्रसित हो भी जाए तो हमारी इम्यूनिटी उस बीमारी से लड़ने में हमें जिताने में मदद करेगी तो आइए हम ऐसी क्या कुछ चीजें अपनी जिंदगी में शामिल करें रोजमर्रा के खाने में हम क्या ऐसा शामिल करें जिससे हमारी इम्यूनिटी बहुत ज्यादा मजबूत बने जिसमें से आज मैं आपको एक ऐसी चाय बनाने जा रही हूं जो यदि हम प्रतिदिन अपनी अपनी दिनचर्या में अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी वक्त एक कप जिसमें कम से कम 200ml की चाय होनी चाहिए पिए तो वह चाय हमारे शरीर की इम्युनिटी को बढ़ाने में बहुत ही मददगार होगी साथ ही हमें सर्दी जुखाम या किसी भी तरह के शोषण से संबंधित इन्फेक्शन को खत्म करने में मदद करेगी क्या है यह चाय एक चाय तो हम प्रतिदिन अक्सर पीते हैं जिसको हम दूध और चाय पत्ती डालकर बनाते हैं लेकिन एक खास आए हैं जिसको हम कहते हर्बल टी हर्बल टी हमको घर पर ही बनानी होगी इसमें हम कुछ बहुत ही खास हर को इस्तेमाल करते हैं जो कि बाजार में बहुत आसानी से मिल जाता है और हम इसे अपने लिए प्रतिदिन एक कप चाय बना कर अपनी श्वसन तंत्र अपने पाचन तंत्र को अच्छे से साफ कर सकते हैं और धीरे-धीरे इम्यूनिटी को बढ़ा सकते हैं क्या है यह हर्ब- टी?

सामग्री

१-तुलसी की ताजी पत्तियां 5 से 6
२-ताजी हल्दी जिसको हम कद्दूकस करके डाल सकते हैं
३अदरक ताजा  थोड़ा सा
४रोजमेरी  5-6 पत्तियां
५सागे चार पत्तियां
६-थाइम, थोड़ा सा
७-गिलोय की ताजी डंडी, छोटी सी डंडी
८-ताजा ऑरेगैनो, पांच पत्तियां
९- लॉन्ग तीन से चार,
१०-काली मिर्च 4 ,
११-स्टार फूल एक ,
१२-दालचीनी थोड़ा सा

उपरोक्त दी गई सारी पत्तियों और स्पाइसेस को हम एक बर्तन में रख लेते हैं और पत्तियों को बहुत ही अच्छी तरह धो लेना है इसके बाद हम अदरक और गिलोय की डंडी को अच्छे से कूट लेते हैं साथ ही हम चाहे हैं तो काली मिर्च और लॉन्ग को भी थोड़ा सा कूटकर गरम उबलते पानी में हमें इन सब को साफ करके डालना एक साथ और जैसे हम नॉर्मल चाय बनाते हैं इसको भी थोड़ा सा बने रहना और फिर हम इसको 5 मिनट तक ढक कर रख देते हैं फिर हम इसको एक कप में छानकर उसमें थोड़ा सा  शहद और नींबू का रस डालकर धीरे-धीरे पीते हैं। उपरोक्त दिए गई सामग्री में से अगर आपके पास कोई चीज उपलब्ध ना हो तो आप बाकी सारी चीजों को डालकर चाय प्रतिदिन जरूर कीजिए जिससे आपका ईमेल भी बहुत मजबूत बनेगा और धीरे-धीरे उस में वृद्धि होती जाएगी।

तुलसी

तुलसी जुकाम, खांसी, बुखार, सूखा रोग, पसलियों का चलना, निमोनिया, कब्‍ज और अतिसार सभी रोगों में चमत्‍कारी रूप से अपना असर दिखाती है। तुलसी पत्र मिला हुआ पानी पीने से कई रोग दूर हो जाते हैं। इसीलिए चरणामृत में तुलसी का पत्ता डाला जाता है। आइये जानते हैं कि तरह-तरह की बीमारियों को तुलसी किस प्रकार से ठीक कर सकती है।श्वास संबंधी समस्याओं का उपचार करने में तुलसी खासी उपयोगी साबित होती है। शहद, अदरक और तुलसी को मिलाकर बनाया गया काढ़ा पीने से ब्रोंकाइटिस, दमा, कफ और सर्दी में राहत मिलती है। नमक, लौंग और तुलसी के पत्तों से बनाया गया काढ़ा इंफ्लुएंजा (एक तरह का बुखार) में फौरन राहत देता. इन सबके अलावा तुलसी हम किसी भी प्रकार की पाचन संबंधी बीमारी सर्दी जुखाम बदन दर्द बुखार और बहुत सी तकलीफों में एक रामबाण की तरह काम करती है इसलिए तुलसी को हम पूजते भी हैं तुलसी हर घर में बहुत आसानी से मिल जाती इसकी तीन से चार पत्तियों को हम प्रतिदिन किसी न किसी रूप में ले।

ताजी हल्दी

वैसे तो ताजी हल्दी बहुत आसानी से मिल जाती है देखने में याद रखी तरह होती है लेकिन अगर हम इसे काटते हैं तो अंदर से यह पीले रंग की होती है आज हल्दी में पाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण तत्व करक्यूमिन होता है  करक्यूमिन एक एंटी इन्फ्लेमेटरी तत्व है। एंटी इम्यूनिटी, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी सेप्टिक, कार्डियोप्रोटेक्टिव हेपाटो प्रोटेक्टिव, नेफ्रोप्रोटेक्टिव, इत्यादि बहुत सारे बहुत से भरपूर है।

अदरक

अदरक में बहुत से पोषक तत्व पाए जाते हैं कैल्शियम पोटेशियम क्लोरीन आयोडीन इसके अलावा अदरक में बहुत से ऐसे गुण पाए जाते हैं जिससे हमें एक गर्म गर्मी जैसा तत्व प्राप्त होता है और हमें सर्दी खांसी जुखाम से बचाता है यह ठंड में बहुत ही लाभदायक होता है , इन सबके अलावा अदरक एक मजबूत एंटीवायरल होता है ।

रोज मैरी

यह भी एक प्रकार का  हर्ब है इसकी पत्तियां बहुत ही पतली- पतली होती है इसकी एक छोटी सी डंडी में बहुत ढेर सारी पत्तियां लगे होती हैं इनको हम अच्छे से धो कर जब चाय में मिलाते हैं तो इसमें बहुत ही गुणकारी तत्व होते हैं जो कि हमारे लीवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं और साथ ही हमारे शुगर की मात्रा को नियमित करते हैं तो यह भी हमारे लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होती है। इसके अलावा अदरक को खाने से हमारे शरीर के अंदर के विषाक्त तत्व भी धीरे-धीरे खत्म हो जाते हैं हमारे मुंह में किसी भी तरह के बैक्टीरियल इनफेक्शन में कमी करता है,कोलेस्ट्रोल कम करने में यह मदद करता है कैंसर जैसी बीमारी में भी यह बहुत ही लाभदायक होता है। हड्डियों से जुड़ी कैसी भी बीमारी स्पॉन्डिलाइटिस सर्वाइकल पेन आर्थराइटिस गठिया और किसी भी तरह की हड्डियों में अगर दर्द हो तो हम अदरक का सेवन जरूर करें।

गिलोय  गिलोय का प्रयोग इस रोग के इलाज इम्युनिटी बढ़ाता है। इसके अलावा गिलोय

मधुमेह :

ब्लड शुगर लेवल को सामान्य रखने में गिलोय का तना, पत्तियां व जड़ उपयोगी हैं। आर्थराइटिस, किडनी ,हड्डी टूटने पर, सोरायसिस, वायरल इंफेक्शन मैं भी किया जाता है,
सेज

सेज में कई तरह के औषधीय गुण पाय जाते है. यह एक प्रकार का पौधा होता है, जिसमे अनेक प्रकार के गुण पाय जाते है. यह हमें स्वस्थ रखने में बहुत सहायक होता है. सेज से हमारे शरीर की बहुत सी बीमारिया दूर होती है. और यह हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक है. साथ ही साथ इससे हमारी याददाश्त बहुत अच्छे होती है यह वजन घटाने में बहुत लाभदायक होता है किसी भी प्रकार के इंफेक्शन को जो कि बैक्टीरिया से हुआ हो या वायरस से हुआ हो उसको दूर करने में मददगार साबित होता,कोलेस्ट्रोल दूध करने में मदद करता है त्वचा में निखार लाता है.

थाइम

बहुत ही पुराने समय से  थाइम नामक हर्बको अपनी श्वसन संबंधी बीमारियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है किसी भी प्रकार की श्वसन संबंधी बीमारी होती है तो हम थाईम को किसी न किसी रूप में लेते हैं जिसमें सबसे आसान तरीका होता है अगर हम उसको चाय के रूप में या काढ़े के रूप में पिए तो उससे हमारी श्वसनसे संबंधित बीमारियों में बहुत ही आराम मिलता है ।

ऑरेगैनोOregano में निम्नलिखित तत्व की मौजूदगी होती है आयरन, विटामिन A, C, E और K,ओमेगा फैटी एसिड,इसके अलावा ऑरेगैनो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यूनिटी को बढ़ाने में बहुत ही मददगार होते हैं प्रतिदिन हमें इनका उपयोग करना चाहिए

लॉन्ग

लौंग सिर्फ खाने का स्‍वाद और खुश्‍बू नहीं बढ़ाता बल्‍कि यह सेहत के लिए भी गुणकारी है. इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटीबैक्‍टीरियल तत्‍व आपको सेहतमंद बनाए रखते हैं.

काली मिर्च

कालीमिर्च के इस्तेमाल से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन बनता है, जो अच्छे मूड के लिए जिम्मेदार होता है। सेरोटोनिन की मात्रा बढ़ने से डिप्रेशन में फायदा मिलता है। सर्दी-खांसी के लिए काली मिर्च का सेवन प्राचीन समय से किया जा रहा है। इसमें एंटीबैक्टीरिल गुण होते हैं जो आपको सर्दी-खांसी से राहत दिलाने में मदद करते हैं

स्टार  एनीज़

स्टार एनीज़  में थाइमोल, टेरपिनोल और एनेथोल होता है, जिसका उपयोग खांसी और फ्लू के इलाज के लिए किया जाता है।

दालचीनी

दाल चीनी में एंटीऑक्सिडेंट और जीवाणुरोधी प्रभाव भी होते हैं। जो हमें किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस के इंफेक्शन से बचाने में मददगार साबित होते हैं । उपरोक्त दिए गए पदार्थों में किसी न किसी प्रकार के पोषक तत्व होते हैं और प्रचुर मात्रा में एंटीवायरल और एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं जो हमें रोगों से लड़ने के लिए इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करते हैं अतः हमें इन सभी पदार्थों को किसी ना किसी रूप में प्रतिदिन अपने आहार में शामिल करे और अगर आपको इनमें से कोई चीज उपलब्ध ना हो तो आपके पास जो भी चीजें इनमें से उपलब्ध हो कम से कम आप उनको प्रतिदिन जरूर शामिल करें।

वीना उपाध्याय, डाइटिशियन एंड न्यूट्रीशनिस्ट,  बेंगलुरु
veenaupadhyay8@gmail.com