सुप्रीम कोर्ट ने दिया भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकालने की इजाजत, लेकिन रखा शर्त

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22nd June, 2020, Edited by Focus24 team

भुवनेश्वर। जगन्नाथ पुरी में कल रथयात्रा निकलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है। कोर्ट ने कहा है कि मंदिर कमेटी, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के को-ऑर्डिनेशन में यात्रा निकालें, लेकिन लोगों की सेहत से समझौता नहीं होना चाहिए। अगर हालात बेकाबू होते दिखें तो ओडिशा सरकार यात्रा या उत्सव को रोक सकती है। साथ ही कहा कि पुरी के अलावा ओडिशा में कहीं और यात्रा नहीं निकाली जाएगी। पांच बजे मुख्यमंत्री नवीन पटनायक यात्रा की तैयारियों को लेकर मीटिंग करेंगे। इसमें रथ यात्रा के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसिजर (एसओपी) तय किया जाएगा।

केंद्र ने प्रस्ताव दिया था- एक दिन का कर्फ्यू लगाकर यात्रा निकालें

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 18 जून को यात्रा पर रोक के आदेश दिए थे। इस पर केंद्र सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर कर कहा था कि श्रद्धालुओं को शामिल किए बिना यात्रा निकाली जा सकती है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि रथयात्रा करोड़ों लोगों की आस्था का मामला है। भगवान जगन्नाथ कल बाहर नहीं आ पाए तो फिर 12 साल तक नहीं निकल पाएंगे, क्योंकि रथयात्रा की यही परंपरा है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा था कि एक दिन का कर्फ्यू लगाकर यात्रा निकाली जा सकती है। ओडिशा सरकार ने भी इसका समर्थन किया था कि कुछ शर्तों के साथ आयोजन हो सकता है।

परंपरा तोड़ना ठीक नहीं: पुरी पीठ के शंकराचार्य 

स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि इस मामले में दोबारा विचार करें। उन्होंने पुरी मठ से जारी बयान में कहा- ‘किसी की यह भावना हो सकती है कि अगर इस संकट में रथयात्रा की परमिशन दी जाए तो भगवान जगन्नाथ कभी माफ नहीं करेंगे, लेकिन सदियों पुरानी परंपरा तोड़ी तो क्या भगवान माफ कर देंगे।’