अभिनेत्री

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10th December, 2019, Edited by Renu mishra

फीचर्स डेस्क। "ये लो शीना... आज की पार्टी में ये ड्रेस पहनकर चलना... ग्लैमरस पार्टी है....थोड़ा हॉट दिखना ज़रूरी है... तभी तो ऑफर्स आएंगे... बडे बैनर की फ़िल्मों के..और सुन बोल्ड बिहेवियर रखना... समझी...." कनकधारा ने अपनी अभिनेत्री बेटी से कहा।

"मम्मी.... थक गई हूँ... ये सब कर करके.... मैं एक सामान्य लड़की की तरह रहना चाहती हूँ... खुली हवा में साँस लेना चाहती हूँ.. प्लीज़ मुझे जीने दो न...मेरी तरह...."शीना ने गिड़गिड़ाते हुए कहा।

"तुझे सिर्फ़ तेरी ज़िंदगी की परवाह है...तेरे तीन और भाई बहन हैं.... उनका क्या होगा... लोग अपने परिवार के लिए क्या क्या नही करते.... तुझे तो सिर्फ़ अभिनय करना है.... अब तू लाईम लाईट मे आ चुकी है.. लोगों की तुझपर नज़र है...बस उसी को भुनाना है...थोड़ी अदाएं, थोड़े लटके झटके...अभिनेत्री हो...थोड़ी एक्टिंग करो... बस....चल..अब जल्दी से रेडी हो जा..."माँ ने तल्खी से कहा।

शीना पढी लिखी लड़की थी....सीधा सरल जीवन उसे पसंद था....तड़क भड़क बिल्कुल नहीं भाती थी....पर उसकी मां परिवार की परवरिश की दुहाई दे देकर , उसके सादगी से परिपूर्ण सौंदर्य का फायदा उठाकर बहुत सारा पैसा कमाना चाहती थी... पैसे से मोह की वजह से ही शीना के पिता ने उन्हें छोड़ दिया था... पर उन्हें कोई परवाह नहीं थी....वो भी फिल्मों में छोटे मोटे रोल करती थीं और अब अपने सपने पूरा करने के लिए शीना पर शिकंजा कस कर रखा था।शीना तंग आ चुकी थी इस दिखावे की ज़िंदगी से ...उसने माँ को कितनी बार समझाने की कोशिश की पर नाकाम ही रही।

आज भी शीना मन मसोसकर तैयार हो रही थी।

रात देर पार्टी अपने पूरे शबाब पर थी..।

"शीना.. जी...आपके लिए एक रोल प्लान कर रहा हूँ मैं... अगर आपको कोई प्रॉब्लम न हो तो होटल में जो मेरा रूम बुक है, वहाँ बैठकर इत्मीनान से डिसकस कर लें..."मिस्टर भल्ला ने नशे में डूबी आवाज़ से कहा।

कनकधारा ने आँखों से इशारा किया कि जाओ उसके साथ...।

"शीना.... कम ऑन बेबी.." भल्ला ने कमर से पकड़कर शीना को उठाना चाहा।

"तड़ाक...."शीना ने एक ज़ोरदार थप्पड़ भल्ला को रसीद कर दिया।

"बिहेव योर सेल्फ.... ये क्या बदतमीज़ी है...."भल्ला ने भुनभुनाते हुए कहा।

"आप अपना बिहेवियर देखिए पहले..... हम काम करने आऐ हैं.. अपना सौदा करने के लिए नहीं.... क्या बिना गिरे....हम ऊपर नही चढ सकते... और गिरना ज़रूरी है तो नहीं चढ़ना हमें ऊपर... "शीना ने बुलंद लहज़े मे कहा।

"शीना.... होश मे तो हो न....चलो सॉरी बोलो भल्ला साहब को..."कनकधारा ने शीना की कलाई मोड़ते हुए कहा।

"माँ....मुझे नही करना अभिनय.... मैं भी एक इंसान हूँऔर एक आम लड़की की तरह साधारण खुशहाल जीवन जीना चाहती हूँ...माँ ...तुम भी सुन लो....अपने ज़मीर को मारकर अब और ज़्यादा अभिनय नही होगा हमसे...."कहते हुए शीना बाहर की तरफ भागी।

"एसक्यूज़ मी....मिस शीना..."तभी किसी की आवाज़ से शीना के पैर ठिठक कर रुक गए।

"मुझे तुम जैसी खुद्दार शख्सियत की ही तलाश थी.... मैं इस होटल का मालिक हूँ.... क्या तुम इस होटल मे मैनेजर की पोस्ट संभाल सकती हो.... यहाँ तुमपर कोई दबाव नहीं होगा कि तुम ऐसी वैसी ड्रेस पहनो...या हॉट एंड बोल्ड दिखो....तुम्हें सिर्फ़ खुद पर यकीन हो... कि तुमसे बेहतर कोई नहीं....."।

"कोई ज़रूरत नहीं हमें आपकी नौकरी की.... मेरी बेटी एक्ट्रैस है....ऐसी दस नौकरियों को लात मारती है.... चलो शीना यहाँ से..."कनकधारा ने शीना का हाथ खींचते हुए कहा।

"सॉरी माँ.....अब एक्टिंग और नही.... सर....मैं नौकरी कब से ज्वाईन कर सकती हूं" शीना ने होटल मालिक से पूछा।

"कल से ही....यू आर मोस्ट वेलकम...."होटल मालिक ने कहा।

"थैंक्यू सर...."शीना ने कहा.. और एक झटके में अपनी कलाई कनकधारा के हाथों से छुड़ा ली।

शीना आगे बढ़ी ही थी कि सामने उसके भाई बहन खड़े थे।

"दीदी.... वी आर प्राउड ऑफ यू....माँ शेम ऑन यू...अपनी महत्वाकांक्षा के लिए तुम्हें दीदी के साथ अन्याय करने का कोई हक़ नहीं... "शीना के भाई ने कहा।

शीना ने लपककर तीनों को गले से लगा लिया..... आँखों से आँसुओं का सैलाब बह निकला...कनकधारा की अकड़ का ग्लेशियर भी पिघल रहा था।

इनपुट सोर्स : नम्रता सरन "सोना", भोपाल म.प्र.।