fathers day special 2020 : पापा 

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20th June, 2020, Edited by Focus24 team

घनी अंधेरी रातों में पापा रोशनी का वो टुकड़ा है

जो उन अंधेरों को काटकर हमारे जीवन में उजाला लाते है! 

हमारे अंदर का डर जब हमें डराता है 

भय से घिरे हम सहमें रहते हैं 

पापा डर को भगा, हमारे अंदर हिम्मत पैदा करते हैं! 

घड़ी परीक्षा की ,जब भी जीवन में आये 

पापा हर वक़्त, साथ खड़े दिखते आये 

पापा के जीवन में रहने, हमेशा उपस्तिथि से

नामुमकिन काम भी, पापा के रहने से मुमकिन हो जाये! 

जीवन में हर पड़ाव पर ,आये आंधियों से ,टकरा जाते हैं पापा! चट्टान से खड़ें रहकर, सब दर्द सह जाते हैं पापा! 

दर्द और कठिनाइयों के मेलजोल का नाम ही तो है पापा! 

अपनी हर पीड़ा ,जज्बात को ,नहीं दिखाते समर्पण का नाम है पापा! 

जिंदगी की राह में आये हर मुश्किलों का हल है पापा! 

अनिश्चितता के बादल के ऊपर, निश्चितता का साया बन, मंडराते है पापा! 

हर पल, हर वक़्त, बन पहरेदार ,पहरेदारी करते हैं पापा! 

उपस्थित होते हैं जीवन में ! 

साये की तरह साथ रहकर, हर दुख, कष्टों में, 

हमें अपनी दुआओं से बचाते है! 

जिनकी छाया में ,हम बच्चे रहते,                   

सुरक्षा का एहसास दिलाते, उस अहसास का नाम है पापा! 

 कम बोलना, धीमे बोलना अच्छी बात है ! 

हर वक़्त चुप रहना ये भी सही बात नहीं है! 

मन की बात को बताना सबसे जरूरी है, यह बात हमेशा कहते हैं पापा! 

बेझिझक हर बात को बताना, कहना सिखलाते है ! 

डर को भगा, साहस के साथ रहने को कहते हैं! 

ख़ामोशी को ना पालने की हिदायत के साथ

खुलकर बातचीत करने को कहते हैं ! 

अच्छे विचार ग्रहण करने को , अच्छी बातें अपनाने को कहते हैं ! 

विफलता का कड़वा स्वाद चीख़ना

सफलता का मीठा स्वाद चीख़ना 

दोनों के ही स्वाद में तृप्ति का सुख है

यह पाठ हमेशा पढ़ाते है पापा! 

पापा का अपना अलग हीं अंदाज होता है! 

हम सबके जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है! 

रचना - एकता प्रकाश पटना ( अनिसाबाद )