क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले उम्मीदवार को टिकट देने में अब होगी फजीहत

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13th February, 2020, Edited by Focus24 team

नई दिल्ली । आने वाले समय में राजनीति में साफ सुथरी छवि के लोगों की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही आपराधिक राजनेता व बाहुबालियों की संख्या कम होने के भी आसार हैं। यानी अपराध को राजनीति से दूर करने की दिशा में अब देश को एक उम्मीद दिख रही रही है। दरअसल संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रित प्रक्रिया के लचीलेपन का फायदा उठाकर राजनीति में अपराधीकरण के बढावे से चिंचित सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक दिशा निर्देश जारी किया है और कहा है कि अगर राजनैतिक दल के कैंडीडेट पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो तो वह उसकी जानकारी अपनी वेबसाइट पर प्रसारित करे और बताये कि आखिर वह उस व्यक्ति को टिकट क्यों दे रही है, जिस पर अपराधिक मामले दर्ज हैं। 

बतायें कि क्यों दिया टिकट 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजनैतिक दल अगर आपराधिक मुकदमों से लैश व्यक्ति को टिकट देती है तो उसे अब अपनी वेबसाइट, न्यूजपेपर और सोशल मीडिया पर भी यह बताना होगा कि आखिर वह उस व्यक्ति को अपना उम्मीदवार क्यों बना रही है। साथ ही पार्टी द्वारा ऐसे लोगों से संबंधित नुपालन रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर चुनाव आयोग को भी देने होगी। 

अब तक क्या हुआ 
सुप्रीम कोर्ट में कयी याचिकाएं दाखिल हुई थी, जिसमें मांग की गयी थी कि कोर्ट राजनैतिक दलों से कहे कि वह आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को टिकट न दें। इस बावत सुनवाई करते हुये न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन और न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट की पीठ ने पूर्व में अपने आदेश में कहा था कि राजनीति में अपराध के वर्चस्व को खत्म करना जरूरी है और इसके लिये एक फ्रेमवर्क तैयार किया जाना चाहिये। देश में राजनीति के अपराधीकरण को रोकने के लिए कुछ तो करना ही होगा। इस मामले में चुनाव आयोग ने भी सुझाव दिया है कि ऐसे लोगों को टिकट से वंचित कर दिया जाना चाहिए।