धर्मसंकट में शादियां : निमंत्रण ना दे तो नाराज, आए तो चालान, आखिर कैसे बुलाएं मेहमान

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27th November, 2020, Edited by

प्रयागराज। दिल्ली समेत देश के कई प्रदेशों में कोरोना की दूसरी लहर की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश में भी एक बार फिर से कोरोना का कहर बढ़ने के आसार नजर आने लगे हैं, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है । लेकिन इस गाइडलाइन में सबसे बड़ा फैसला शादी समारोह में होने वाली भीड़ को लेकर है । नए नियम के तहत अब सिर्फ 100 मेहमान ही शादी समारोह में शामिल हो सकेंगे, जबकि इससे पहले 200 लोग शादी समारोह में शामिल हो सकते थे। सबसे बड़ी समस्या उनको है जिनकी शादियां अगले 2 से 4 दिनों के अंदर है। उनको ना तो अनुमति पत्र मिल पा रहा है और ना ही वह भीड़ को संभालने में सक्षम हो पा रहे हैं । ऐसे में वह अभी अनुमति पत्र के लिए तहसील और कचहरी का चक्कर लगा रहे हैं और घर के दूसरे लोग रिश्तेदारों को संभालने में किसी तरह की गणित बैठा रहे हैं। लेकिन सरकार के इस फैसले के बाद उन परिवारों के सामने बड़ा संकट है, जिनके घर पर शादियां है और जिन्होंने पुराने नियम के अनुसार 200 मेहमानों को शादी में बुलाने के लिए कार्ड भी बांट दिया था। लेकिन अब सरकार ने सिर्फ 100 मेहमानों को ही बुलाने की गाइडलाइन जारी कर दी है ऐसे में शादी वाले घरों में खुशियों की जगह धर्म संकट में ले ली है । आयोजन वाले परिवारों को अब समझ में नहीं आ रहा है कि किन मेहमानों को बुलाया जाए और किन्हें मना किया जाय। इस बात को लेकर कई परिवारों में मनमुटाव भी होना तय माना जा रहा है। हालात को संभालने के लिए शादी वाले कुछ परिवार अपने रिश्तेदारों को फोन कर माफी मांग रहे हैं। पर इसमें भी समस्या यह है कि किस से माफी मांगी जाए और मना किया जाए कि आप शादी में मत आइए। जिसे भी शादी में आने से रोका जाएगा वह सीधे तौर पर नाराज ही होगा। अब सरकार का यह फैसला हजारों लोगों के घरों में तनाव रिश्तो में दरार, मनमुटाव को जन्म दे रहा है।

कैटर्स को चाहिए पूरा पैसा

महीनों पहले शादी की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और उन सब में सबसे खास होता है लजीज व्यंजनों को तैयार करवाना। एक बार कैटर्स को बुक करने के बाद और उनको एडवांस देने के बाद भले ही आप मीनू कम करवा ले लेकिन वह पैसे नहीं कम करते हैं ।अब यही समस्या शादी वाले घरों में भी आ गई है,  क्योंकि कैटर्स मीनू में तैयार की गई चीजों की मात्रा तो कम करने को तैयार है लेकिन वह पैसे नहीं कम करेंगे ।यानी वह भुगतान पूरा लेंगे भले ही उन्हें मेहनत कंपनी पड़े इसके लिए आयोजक काफी माथापच्ची कर रहे हैं। लेकिन कैटरर्स कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है ।कमोबेश यही आलम बैंड और डीजे आदि को लेकर है । जहां पहले ही बुकिंग कर ली गई थी और एडवांस आदि दे दिए गए थे। लेकिन, अब डीजे का पैसा भी डूब गया है।

केस नंबर 1

जिन्हें कार्ड दिया अब उन्हें रोके कैसे

सोरांव के रहने वाले आशीष सोनी की शादी 8 दिसंबर को है। शादी का कार्ड बंट चुका है । सभी चीजों की बुकिंग हो चुकी है। लेकिन, जब से सरकार की नई गाइडलाइन आई है, तब से आशीष के घर में टेंशन का माहौल है। आशीष ने बताया कि कोरोना के चलते उन्होंने पहले से ही शादी समारोह को काफी सीमित रखा था। सिर्फ 200 लोगों को ही शादी का कार्ड बांटा गया था। लेकिन अब सिर्फ 100 लोगों के लिए जारी हुई गाइडलाइन बहुत समस्या खड़ी कर रही है हैं। अब समस्या यह है कि जिन 200 लोगों को कार्ड दिया गया है,  उनमें से किन 100 लोगों को आने से मना किया जाए। इस बात को लेकर घर का हर सदस्य परेशान है और समझ में नहीं आ रहा है कि क्या किया जाए। आशीष के अनुसार जिन्हें हमनें खुद अपने हाथों से कार्ड दिया आखिर उन्हें किस मुंह से कहा जाए कि वह ना आए। 

केस नंबर- दो

एक रिश्तेदार के घर से सिर्फ एक को बुलावा

चांदपुर सलोरी के रहने वाले शिवम शुक्ला की शादी पिछली लग्न में ही होनी थी । लेकिन अचानक से लॉकडाउन लग जाने के कारण शादी की डेट आगे बढ़ा दी गई थी । 8 दिसंबर को शादी की डेट फिक्स हुई तो फिर से नई बुकिंग के लिए भाग दौड़ शुरू हुई और बहुत ही मुश्किल से मैरिज हाल भी बुक किया गया । पिछले 1 सप्ताह से घर के सभी सदस्य शादी का कार्ड बांटने और निमंत्रण देने में व्यस्त रहें अब घर में तैयारियां अंतिम दौर में थी कि अचानक से ही नई गाइडलाइन जारी हो गई। कोरोना के चलते पहले से ही सभी रिश्तेदारों को संकेत दिया गया था कि ज्यादा लोग बारात में नहीं चलना है यानी एक रिश्तेदार के घर से सिर्फ एक बार आती ही चलता लेकिन अब मुश्किल यह है कि कितने लोगों को निमंत्रण भेजा गया है अगर उनके घर से एक एक भी मेहमान आते हैं तब भी नई गाइडलाइन के अनुसार दुगना हो जाएगा ऐसे में किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करें क्योंकि अगर ज्यादा मेहमान आए तो प्रशासन चालान काट देगा और अगर वह किसी को आने से मना करते हैं तो रिश्तेदार नाराज हो जाएंगे और उनका मनमुटाव हो जाएगा।

केस 3

कल है सगाई और आज मांग लिया अनुमति पत्र

सीआरपीएफ पंजाब में तैनात विक्रम सिंह की सिस्टर इन लॉ की सगाई 26 नवंबर को है। 2 दिन पहले ही वह प्रयागराज पहुंचे और जब गेस्ट हाउस में तैयारी का जायजा लेने के लिए पहुंचे तो गेस्ट हाउस वाले ने कहा कि पहले उन्हें एसडीएम द्वारा जारी किया गया अनुमति पत्र लाकर दे उसके बाद ही कार्यक्रम हो सकेगा। परेशान विक्रम सिंह ने कहा कि वह इतनी जल्दी कहां से अनुमति पत्र ले आएंगे । इस पर गेस्ट हाउस मालिक ने अपनी असमर्थता जता दी कि वह आयोजन करने में सक्षम नहीं है । इसके बाद विक्रम सिंह  तहसील और कचहरी का चक्कर लगाते रहे कि किसी तरह उन्हें अनुमति मिल जाए ।हालांकि तहसील में एसडीएम के न बैठने के कारण उन्हें अनुमति पत्र नहीं मिल सका । वह दिनभर अधिवक्ता की मदद से अनुमति पत्र प्राप्त करने के लिए थाने से तहसील और लेखपाल का चक्कर लगाते रहे। विक्रम सिंह का कहना है कि कोरोंना के चलते के पहले ही इस कार्यक्रम को बहुत सीमित रखे हुए थे। लेकिन अचानक से आए नए आदेश के बाद अनुमति पत्र मांगा जा रहा है । तत्काल में अनुमति पत्र प्राप्त करना बहुत बड़ी मुश्किल है। फिलहाल वह सारी तैयारियां छोड़कर अनुमति पत्र प्राप्त करने का ही प्रयास कर रहे हैं ताकि उनका कार्यक्रम हो सके।

केस नंबर 4

1 दिसंबर को नवाबगंज के बांध पुर में धुन्नू मिश्रा के यहां शादी है सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और खास रिश्तेदारों का आना भी शुरू हो गया है। लेकिन, अचानक से सरकार की 100 लोगों वाली गाइडलाइन आ गई है ऐसे में उनका परिवार यह समझ ही नहीं पा रहा है कि आखिर वह क्या करें अगर मेहमान ज्यादा आते हैं तो प्रशासन और पुलिस चालान काटने की बात कर रहा है और अगर वह किसी को एक रोकते हैं तो उनका रिश्ता खराब हो जाएगा।

समस्याएं ही समस्याएं

1- बलकरपुर के टेंट कारोबारी रामबाबू मौर्य बताते है कि  हम लोग पूरे साल में सिर्फ 2 से 3 महीने ही बुकिंग पाते हैं। यह साल वैसे ही लगभग खराब हो चुका है, नवंबर-दिसंबर में ही कुछ विशेष दिन था,  लेकिन अब नए नियम ने और मुश्किल बढ़ा दी है। सरकार को अगर अतिथि की संख्या पर

 नियम बनाना है तो महामारी तक एक ही नियम बनाकर रखें । बार-बार नियम बदलने से बहुत अधिक समस्याएं उत्पन्न हो जा रही हैं।

2- शिवगढ़ के बैंक्वेट हॉल संचालक दिनेश कुशवाहा ने कहा कि हम बुकिंग करने वालों को पहले ही कम से कम लोगों को बुलाने के लिए समझा रहे थे। पर लोग ऐसे कार्यक्रमों में मानते कहां है और अब जब सरकार ने नया नियम ले आया है तो उसे हमें तो पालन करना होगा लेकिन बुकिंग करने वाले इसे मानने को तैयार नहीं है जिससे बहुत समस्या हो रही है। फिलहाल हम पूरी तरह से सैनिटाइजेशन से लेकर सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रख रहे हैं ।

3- मलाका के कैटरिंग संचालक चिरंजीलाल केसरवानी ने बताया कि गंगापार में लगभग 200 कैटरिंग वालों के पास बुकिंग थी और 50000 लोगों के खाने का आर्डर भी था लेकिन अब पूरा मेन्यू बदलना पड़ेगा। इससेे बहु नुकसानन है। बुकिंग करने वालों के लगातार फोन आ रहे हैं और वह दबाव बनवा रहे हैं ऐसे में ऑर्डर में फेरबदल होगा। काम करने वालों की संख्या कम हो गई तो उनका पेट पालना  मुश्किल होगा।

4- सरकार के नए आदेश के बाद हर कोई असमंजस में है। सभी तैयारियों को बदलना पड़ रहा है। होटल के कमरे, खाने, नाश्ते, मेहमान समेत सभी व्यवस्थाएं बदल रही है।

क्या है नया नियम

सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार शादी समारोह में महज 100 लोग ही शामिल होंगे। लेकिन, 100 लोगों की क्षमता वाले हॉल में एक  साथ सभी लोग नहीं जा सकेंगे। बल्कि 50-50 लोग ही शामिल हो सकेंगे।  यानी अगर 100 मेहमान आए हैं और उन्हें खाना खिलाना है तो उन्हें दो अलग-अलग सिफ्ट में भोजन कराना होगा। इतना ही नहीं उनके बीच सामाजिक दूरी का होना भी अनिवार्य है। हालांकि सरकार ने अपने नए आदेश में अनुमति की अनिवार्यता को समाप्त करने की बात कही है और स्पष्ट किया है कि आयोजन की सूचना स्थानीय थाने स्तर पर देकर कार्यक्रम सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए किया जा सकता है।  इसके लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी और अनुमति के नाम पर किसी को भी किसी तरह से परेशान न किया जाए। हालांकि शादी में बैंड और डीजे लगाने पर बैन रहेगा। बीमार व बुजुर्ग व्यक्ति को समारोह का हिस्सा नहीं होंगे। हर जगह आयोजकों को सख्त हिदायत दी गई है कि आने वाले मेहमानों के बीच दो गज की दूरी, मास्क, हैंडवॉश व सैनिटाइजर की व्यवस्था का अनुपालन करना अनिवार्य होगा। मैरिज हॉल और गेस्ट हाउस संचालकों को भी सैनिटाइजेशन की व्यवस्था का अनुपालन कड़ाई से कराना होगा। प्रशासन ने सख्ती से कहा है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो दूल्हा दुल्हन वा परिवार समेत आयोजन स्थल के मालिक के विरूद्ध भी कानूनी कार्रवाई होगी।