माघी पूर्णिमा : एक स्नान से मिलेगा पूरे माघ स्नान का फल

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5th February, 2020, Edited by Focus24 team

धर्म डेस्क । माघ के महीने में एक ओर जहां प्रयागराज में जप तप का महायज्ञ कल्पवास के तौर पर चल रहा है और दूसरी ओर माघ मास में पडने वाली विशेष स्नान तिथियों पर स्नान का पुण्य लोगों ने अर्जित किया। लेकिन, आपने माघ माह की स्नान तिथियों पर स्नान नहीं किया और किसी कारण से आप चूक गये हैं तो माघ माघी पूर्णिमा पर जरूर गंगा स्नान करें। क्योंकि यह ऐसा स्नान पर्व है कि सिर्फ एक स्नान से ही माघ मास के सभी दिवसों का फल मिल जाता है। इस बार माघी पूर्णिमा 9 फरवरी (रविवार) को है। मान्यता है कि सूर्य के मकर राशि में रहने पर या पूरे माघ महीने में जो भी सूर्योदय होते ही गंगा में स्नान करता सकता है, उसका भाग्य खुल जाता है और उसके पाप तत्काल नष्ट होकर आत्मा शुद्ध व पवित्र हो जाती है। 

धार्मिक मान्यता 
पद्मपुराण के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा को सूयार्दय से पहले स्नान करना, व्रत  और दान करने का पुण्य संपूर्ण माघ स्नान  के समान फलदायी है। यह स्नान धन धान्य प्रदान करने वाला व शरीर को रोग मुक्त करने वाला है। इस दिन स्नान से देवी देवता अति प्रसन्न होकर मनोकामना पूर्ण करते हैं। 

विष्णु होते हैं गंगाजल में
पौराणिक कथा व मान्यता के अनुसार माघी पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु स्वयं गंगाजल में विराजमान रहते हैं। जिसके कारण ही यह दिन बहुत ही विशेष व मानव जीवन के लिये हितकर होता है। इस बावत एक कथा पुराणों में दी गयी है कि जब धर्मराज युधिष्ठिर ने मानव कल्याण हेतु स्नान पर्व के बारे में जानना चाहा तब भगवान श्रीकृष्ण ने माघी पूर्णिमा पर गंगा का स्नान के अद्भुत फल का वर्णन किया था।