अलविदा 2019 : क्या रहे देश के सबसे बड़े फैसल

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31st December, 2019, Edited by manish shukla

नेशनल डेस्क । वर्ष 2019 देश के बडे फैसलों के लिये हमेशा याद किया जायेगा। इस वर्ष राजनैतिक तौर पर राष्ट्रहित में जम्मू कश्मीर से धारा 370 का हटना और जम्मू कश्मीर और लद्दाख के तौर पर दो नये संघ शासित प्रदेशों का बनना जहां बेहद अहम फैसला रहा। वहीं, अंतरिक्ष में एंटी सेटेलाइट मिसाइल की शक्ति प्राप्त करना, पूरी दुनिया में हमारी धमक की नयी पहचान बनी। अंतरक्षि में इस बार जिसरा ईएमआईएसएटी सैटेलाइट को प्र​क्षेपित किया गया, वह हमारी इंटेलिजेंस सूचना को नया आयाम दे देगा। इस वर्ष राज जन्म भूमि का हल निकला और सदियों से चल रहे विवाद को सुप्रीम कोर्ट द्वार खत्म किया गया। जबकि असम में एनआरसी, देश में सीएए व पीएनआर की शुरूआत बेहद ही अहम रही। इस वर्ष महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं की लोकसभा में बढ़ती हिस्सेदारी ने बेहद ही अहम प्रभाव देश पर डाला है, इससे महिलाओं के मुद्दे अब और प्रभावशाली ढंग से देश की सर्वोच्च पंचायत में उठाये जा सकेंगे। 

करतारपुर गलियारा 
सिख श्रद्धालुओं के लिये भारत और पाकिस्तान ने करतारपुर में गुरूदद्वारा दरबार साहिब को पंजाब के गुरूदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से जोड़ा। 

सर्जिकल स्ट्राइक टू 
भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां प्रांत के बालाकोट, चकोटी व मुजफ्फराबाद सेक्टर में जैश ए मोहम्मद के आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की और यह पूरी दुनिया को भारत के विश्व शक्ति बनने की दिशा में बड़ा संदेश था। 

पाकिस्तान का दर्जा खत्म 
भारत ने इस वर्ष पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म कर दिया। 

इस वर्ष ओबीसी उप वर्गीकरण पैनल को विस्तार दिया गया, जिससे अब इसका लाभ अधिकतम मिल सकेगा। 

मोटर वाहन अधिनियम 
इस अधिनियम ने यातायात नियमों में सुधार का नया आयाम शुरू कर दिया है। भारी जुर्माना और कयी प्रावधान इस वर्ष इसे खास बनाते हैं। 

धारा 377 खत्म 
देश के बडे फैसले में धारा 377 का खत्म होना रहा। यानी अब समलैंगिता भारत में अपराध नहीं होगा। 

मुस्लिम महिला अधिनियम 
तीन तलाक जैसे मुद्दे को इस अधिनियम से प्रतिबंधित किया गया और महिलाओ के हित में यह बहुत बडा कदम व इसमें बहुत सारे प्रावधान किये गये। 


विदेश नीति 
भारत की विदेश नीति में इस बार चीन से जहां नजदीकी बढ़ी वहीं, अंत समय में पाकिस्तान का समर्थन करने वाले चीन ने कुछ मुद्दों पर अपने हथियार डाल दिये और खुद को भारत का दोस्त पेश किया। भारत ने इस वर्ष अमेरिका, सउदी अरब, जापान, रूस आदि से अपने संबंध और अधिक प्रगाढ किये। कयी वैश्विक मंच पर भारत की मौजूदगी और जी सेवन जैसे सम्मेलन में प्रधानमंत्री का विशेष अतिथि बनना देश के लिये हितकर रहा। 

अर्थव्यस्था को मजबूती 
विश्व में मंदी के बावजूद भारत की अर्थव्यस्था अभी भी बेहतर बनी हुई है और भारत 5 हजार अबर डालर की अर्थव्यस्था का लक्ष्य 2024 लेकर आगे बढ़ रहा है। इसमें कामयाबी भारत को एक नया आकार दे देगी। 

एक राष्ट्र एक राशन कार्ड 
देश में केंद्र सरकार राशन कार्ड पोर्टबिलिटी योजना ला रही है । जिससे कार्ड धारक देश के किसी भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान से राशन ले सकेंगे। 

इन्फोसिस का जलवा 
फोब्र्स मैगजीन ने भारतीय आईटी कंपनी इंफोसिस को विश्व की तीसरी सबसे सम्मानित कंपनी होने की सूची जारी की है। यानी दुनिया की 250 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में भारतीय कंपनी तीसरे स्थान पर रही।