योग दिवस : योग हमें अपने आप से मिलाता है हमें बंधन मुक्त करता है - कविता वर्मा

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20th June, 2020, Edited by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। अक्सर मन में यह ख्याल आता है कि वर्तमान समय में हम जितनी भी समस्याओं से जूझ रहे हैं उन समस्याओं का निदान कहां पर छुपा हुआ है समस्याएं हमारी शारीरिक है मानसिक है और आध्यात्मिक भी है यदि हम  गंभीरता पूर्वक विचार करें और योग को जाने अपने जीवन में उतारे तो इन सभी समस्याओं से हमें छुटकारा मिल सकता है लेकिन योगिक प्रक्रिया बहुत धीमी है जिस तरह से एक बीज को फल देने तक बड़ा होने में समय लगता है वैसे ही शरीर को भी स्वस्थ होने में समय लगता है। क्योंकि पांचों तत्व पृथ्वी जल अग्नि वायु और आकाश मूल तत्व बहुत ही सूचना तरीकों से अपने कार्यकलापों को अंजाम देते हैं आपको केवल एक वातावरण उपलब्ध कराना होता है कि यह सब सुगमता से कार्य कर पाए उस वातावरण को हमें उपलब्ध करा देना ताकि यह मूल तत्व अपने समस्त कार्य सुगमता से कर पाए और हम रोग मुक्त हो जाए।

भगवान शिव  प्रथम योगी  और महर्षि पतंजलि  ने जो योग सूत्र बद्ध करके दिया है वह तो और भी अद्भुत है  उन्होंने हमें जो रास्ता दिखाया है  उस रास्ते पर बहुत ही संयम और धैर्य पूर्वक यदि हम आगे बढ़ते रहें  तो हमें हमारी  स्वस्थता को  योग के द्वारा पाने से  कोई भी रोक नहीं सकता है । योग हमें अपने आप से मिलाता है हमें बंधन मुक्त करता है और यह एक यात्रा है ज्ञात से अज्ञात की ओर की जिसका अंतिम लक्ष्य समाधि तक पहुंचना है मतलब अपना विसर्जन आता है इस आनंदपूर्ण योग यात्रा में हर क्षण होश रखेंगे इतना कि दृष्टा भाव हरदम प्रबल रहे,  और  इस यात्रा के अंतिम पड़ाव तक हम अवश्य पहुंचे,  प्रक्रिया धीमी है लेकिन स्थायित्व से भरी हुई है अतः अपने ऊपर विश्वास करें और अपनी प्रतिदिन की दिनचर्या में योग को शामिल करें यह अद्भुत प्राण ऊर्जा पांचों तत्वों से युक्त हमें ऊर्जावान बनाएगी आनंदित बनाएगी।

.आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर परिवार के साथ 1 घंटे का कार्यक्रम इस प्रकार भी कर सकते हैं-

व्यवस्था- सभी के बैठने हेतु दरी या चादर हो।

5 मिनट- बैठकर या खड़े होकर हम संधि योग या सूक्ष्म व्यायाम कर सकते हैं।

10- मिनट खड़े करने वाले आसन 

1- ताड़ासन,

2- उत्कटासन, 

3- अर्ध कटिचक्रासन, 

4- वृक्ष आसन 

5- सूर्य नमस्कार

10- मिनट बैठने वाले आसन

 1-पदमासन 

2-सुखासन, 

3-सिद्धासन,

4- वज्रासन, 

5- मंडूकासन,

6- गोमुख आसन

7- वक्र आसन

8- सुप्तवज्रासन(यदि सरलता पूर्वक कर लेते हो तो ही करें)

15- मिनट प्राणायाम

1-3 बार ओमकार का उच्चारण,

2-स्वशन क्रिया तीन बार गहरा श्वास लेना और छोड़ना, 3- पांच पांच बार अनुलोम विलोम, 

4- भस्त्रिका, 

5- कपालभाति, 

6- भ्रामरी,

7- अंत में तीन बार ओम का उच्चारण,

कविता वर्मा, योग प्रशिक्षिका, गाजियाबाद सिटी।