कोरोनावाइरस के चलते राखी कैसे बांधे या बंधवाएं ? पढ़ें ज्योतिष एक्सपर्ट की राय

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28th July, 2020, Edited by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते को दर्शाता है। रक्षाबंधन का त्योहार सदियों से चला आ रहा है। यह पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भी है।  रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई में रक्षा सूत्र बांधती हैं। हिंदूओं के लिए इस महापर्व का कुछ विशेष महत्व होता है। रक्षाबंधन का पर्व इस वर्ष श्रावण के अंतिम दिन 3 अगस्त, को मनाया जाएगा इस बार खास बात ये हे जो इस महापर्व को और भी शुभ बना रही हे वो हे रक्षाबंधन और श्रावण का अंतिम सोमवार।  वैसे तो प्रत्येक वर्ष ही श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया ही जाता है जो इस बार 3 अगस्त के दिन पड़ रही है।

रक्षाबंधन मुहूर्त 2020

रक्षाबंधन अनुष्ठान का समय- 09:28 से 21:14

अपराह्न मुहूर्त- 13:46 से 16:26

प्रदोष काल मुहूर्त- 19:06 से 21:14

पूर्णिमा तिथि आरंभ – 21:28 (2 अगस्त)

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 21:27 (3 अगस्त)

परन्तु इस बार भाई-बहन के स्नेह के पवित्र पर्व रक्षाबंधन पर इस बार कोरोना संक्रमण के कारण भाई या बहन जो दूर रह रहें हें । कहीं लॉकडाउन की स्थिति है तो कहीं संक्रमण की अधिकता के कारण लोग आवाजाही से बच रहे हैं। आध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि बहन रक्षाबंधन पर न आ पाए तो भाई भगवान या अपने इष्टदेव को राखी अर्पित कर स्वजन से बंधवा सकते हैं। और वहीँ बहन भी भाई के ना मिलने की स्थिति में बहन कान्हा (कृष्ण) को अपना भाई मानते हुए अपना रक्षासूत्र श्रीकृष्ण को बांध सकती है। एक पौराणिक कथा कहती है कि राजा बलि के यहां जब भगवान विष्णु पहरेदार बनकर गए थे तो माता लक्ष्मी ने राजा बलि को रक्षा सूत्र भेजकर रक्षा का वचन लिया था।

दूसरी पौराणिक कथा रक्षाबंधन का पर्व का धार्मिक महत्व पौराणिक कथा के अनुसार, राजसूय यज्ञ के समय भगवान कृष्ण को द्रौपदी ने रक्षा सूत्र के रूप में अपनी साड़ी के आंचल का टुकड़ा बांधा था। इसी के बाद से बहनों द्वारा भाई को राखी बांधने की परंपरा शुरू हो गई। अब जब कोरोना के चलते बहन राखी बांधने किसी कारण वश नहीं पहुंच पाती है तो भाई के नाम से वह रक्षा सूत्र अपने इष्ट देवता को समर्पित कर सकती हे और इसी प्रकार भाई भी घर बहन के नाम का धागा बहन का स्मरण कर अपना माता, बेटी या किसी छोटी कन्या से बंधवा सकता है।

बहन की भेजी राखी भी परिवार की किसी आदर्णीय स्त्री से बंधवा सकतें हैं। रक्षाबंधन के दिन ब्राहमणों द्वारा अपने यजमानों को राखी बांधकर उनकी मंगलकामना की जाती है। इस दिन विद्या आरंभ करना भी शुभ माना जाता है। जो भाई बहन मिल सकतें वो इस विधि से भाई की कलाई में बांधें राखी रक्षाबंधन के दिन सुबह-सुबह उठकर स्नान करें और शुद्ध कपड़े पहनें। पूजा की थाली तैयार कर दीप जलाएं अपने इष्ट देव को रक्षासूत्र अर्पण करें थाली में मिठाई रखें। इसके बाद भाई को पटले पर बिठाएं । रक्षा सूत्र बांधते समय भाई को पूर्व दिशा की ओर बिठाएं। वहीं भाई को तिलक लगाते समय बहन का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए। इसके बाद भाई के माथ पर टीका लगाकर दाहिने हाथ पर रक्षा सूत्र बांधें।राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें फिर उसको मिठाई खिलाएं और भाई भी अपनी बहन को कुछ उपहार दे।

ज्योतिषाचार्य, विनोद सोनी, भोपाल सिटी।