डायग्नोस्टिक एजेंट से जांच रिपोर्ट में सहूलियत, जानें क्या है ये

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10th October, 2019, Edited by Shivangi Agarwal

हेल्थ डेस्क। डायग्नोस्टिक एजेंट ऐसे पदार्थ होते हैं जो शरीर के सामान्य कार्य में बदलाव या गड़बड़ी का पता लगाने में मदद करता है। ये ऐसे केमिकल होते हैं जो शरीर के उत्तकों और अंगों की जांच कराने में मदद करता है, इससे बिमारी का पता लग सकता है, इन केमिकल का कोई औषधीय प्रयोग नहीं होता इसके मरीजों को जांच कराने के पहले दिया जाता है। जांच से पहले देने का कारण डॉक्टर्स कहते हैं कि इससे जांच करने में आसानी होती है और जांच सही आती है।

डायग्नोस्टिक एजेंट कई प्रकार के होते हैं

डायग्नोस्टिक ऐजेंट कई प्रकार के होते हैं, जो जांच के तरीके के आधार पर दिया जाता है। डायग्नोस्टिक एजेंट मरीज को इंजेक्शन और गोलियां दोनो तरह से दिया जाता है।

डायग्नोस्टिक एजेंट कैसे काम करता है

हर प्रकार के डायग्नोस्टिक एजेंट का काम करने का तरीका अलग-अलग होता है। ट्रांजोगैस्ट्रो नाम का डायग्नोस्टिक एजेंट एक्सरे या सिटी स्केन के लिए किया जाता है। डायग्नोस्टिक एजेंट पेट के खाने की नली और आंत के कुछ भागों को कवर करता है। इसी के कारण डॉक्टर्स एक्सरे या सीटी स्कैन करते समय अंगों को आसानी से देख पाते हैं।

डायग्नोस्टिक एजेंट के दुष्प्रभाव

डायग्नोस्टिक एजेंट के दुष्प्रभाव भी होते हैं, हलांकि डॉक्टर्स मानते हैं कि डायग्नोस्टिक एजेंट के अलग-अलग प्रभाव होते हैं। जैसे ट्रांजोगैस्ट्रो डायग्नोस्टिक एजेंट के कारण व्यक्ति को दौरे, सांस लेने में दिक्कत या फिर छाती भारी लगती हैं। दवाएं भी हैं उपलब्ध डायग्नोस्टिक एजेंट के मार्कट में बहुत सी दवाएं हैं। लेकिन बिना चिकित्सक के सलाह के न लें। इससे मरीजों को दिक्कत हो सकती है।