बेजुबानों और जरूरतमंदों का सहारा बनी नितिका, बांट रही राशन और सेनेटरी पैड्स

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20th May, 2020, Edited by Focus24 team

लखनऊ सिटी । लॉकडाउन के बीच आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिये सहारा बनी नितिका सिंह गौर इन दिनों बेसहारों और बेजुबानों के लिये उम्मीद की किरण बनी हुई हैं। लोगों तक राशन पहुंचाने से लेकर, बेजुबान जानवरों के भी खाने पीने का इंतजाम वह कर रही हैं। बीमारी से बचाने और बेटियों को जागरूक करने के लिये गरीब बस्तियों में पहुंचकर व सेनेटरी पैड्स भी पहुंचा रही हैं। 
शहर में लॉकडाउन के बीच बतौर कोरोना वॉरियर उनका विशेष अभियान शुरूआत में अपने हाथों से मास्क बनाकर लोगों तक पहुंचाना था। जिसमें वह लगातार विस्तार करती रही और अब वह अपने एनजीओ द हुनर फाउंडेशन के साथ लोगों तक उनके दैनिक जरूरत की हर चीजों को नि:शुल्क पहुंचा रही हैं। 

स्ट्रीट ऐनिमल के लिये भी पहल 

नितिका बताती हैं कि जब वह लोगों की मदद करने के लिये उनके घरों तक पहुंचने लगी तो पूरे रास्ते उन्हें स्ट्रीट ऐनिमल नजर आते। जो भूखे प्यासे इंसानों से कुछ पाने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन,  लॉकडाउन के कारण इंसानों के भोजन का प्रबंध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में उनके लिये कौन सोंचता। इसलिये उन्होंने इसके लिये भी अलग से व्यवस्था शुरू कि और अब वह हर दिन स्ट्रीट ऐनिमल के  लिये फीडिंग की व्यवस्था कर रही हैं। ताकि बेजुबानों का जीवन भी बचा रहे। नितिका सिंह गौर ने कहा कि हर इंसान को इन बेजुबानों के बारे में सोचना चाहिये। क्योंकि यह पूरी तरह से हम पर ही आश्रित हैं और यह किसी से कुछ मांग भी नहीं सकते हैं। 


लोगों तक पहुंचा रही राशन 

लॉकडाउन के बाद अपने एनजीओ द हुनर फाउंडेशन के साथ नीतिका लोगों के घर तक जाकर उन्हें राशन पहुंचा रही हैं। इसके लिये अपने अपने फाउंडेशन के साथियों की भी मदद ले रही है और हर दिन वह इस क्रम में लोगों तक पहुंचती हैं और हर संभव उन्हें राशन की मदद पहुंचाती हैं। 

बांट रही सेनेटरी पैड्स 
द हुनर फाउंडेशन की डायरेक्टर नितिका सिंह गौर ने फोकस न्यूज से बात करते हुये बताया कि  एक महिला होने के नाते बखूबी जानती है, कि इस लॉक डाउन के चलते महिलाओं को पैड्स नहीं मिल पा रहे हैं। उनके पास पैसे नहीं हैं और लॉकडाउन के कारण वह कहीं जा भी नहीं पा रही हैं। ऐसे में वह पीरियड्स के टाइम पर पैड्स न होने की वजह से वो क्लॉथ उपयोग कर रही है। जिससे वह अनचाहे रूप में गंभीर बीमारी की ओर बढ़ रही हैं। क्योंकि क्लॉथ उनके स्वास्थ्य के लियेबहुत ही घातक है। इसी समस्या को लेकर उन्होंने बेटियों और महिलाओं तक पैड्स वितरित करने का निर्णय लिया और अब वह उन महिलाओं को, जो पैड्स खरीदने में सक्षम नहीं है उन्हें अपनी तरफ से निशुल्क पैड डोनेट कर रही है। इसके अलावा वह बेटियों को भी मेंस्ट्रुअल हाइजीन को लेकर अवेयर कर रही है । 

मानवता की सेवा ही देश सेवा 

नितिका सिंह का मानना है कि मानवता की सेवा ही सही मायने में देश सेवा है। अगर आप देश सेवा का भाव रखते हैं, तो यह वक्त है उसी सेवा का। चाहे वो मानवजाति हो या हमरे देश में रहने वाले जानवर सभी के प्रति आपका कर्तव्य बना है कि उनके लिये जितना आप संभव हो, उनके लिये कुछ करें। नितिका बताती हैं कि उनका फाउंडेशन द हुनर व उनके फाउंडेशन के सदस्य अरुन वर्मा के साथ वह लगातार लोगों तक मदद पहुंचा रही हैं और आगे भी यह क्रम जारी रहेगा।