एक ऐसा गांव, जहां खड़े खड़े सोने लगते हैं लोग

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7th February, 2020, Edited by Focus24 team

अजग गजब । आजकल लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें ठीक से नींद नहीं आती, ऐसे लोग सोंचते होंगे कि कास आपको सही से नींद आ जाये। इसके लिये वह हजारों रूपये की दवा खाते हैं, योगा करते हैं और जाने क्या क्या उपाय करते हैं। या कुछ लोग तो आधी रात तक को जगते रहते हैं, लेकिन सुबह उन्हें बहुत नींद आती है। लेकिन, जरा सोचिये कि अगर आप किसी से सामान्य बातचीत कर रहे हों और आपको नींद आ जाये। यानी हर पल आप सो जाये, कहीं भी और कभी भी आपको नींद आती रहे। यानि दिन हो या रात, खडे हो, बैठे हों, या लेटे हों, बात कर रहे हों, काम कर रहे हो हमेशा आपको नींद आ जाये। आप सोंचेगे ऐसा कैसे हो सकता है। लेकिन, यह सच है।

इस गांव में हो रहा यह
कजाकिस्तान के एक गांव में लोगों के साथ ऐसा ही हो रहा है। यहां लोग चलते चलते, बात करते करते, काम करते करते और खड़े खडे भी सोने लगते हैं। कजाकिस्तान के ग्रामीण इलाके कलाची गांव का यह हाल है। यहां लोगों को रहस्मयी नींद ने अपना शिकार बना लिया है। यह चलते चलते और बात करते हुये भी सो जाते हैं।

हफ्तो नहीं उठते
इस गांव के लोगों में रहस्मयी नींद का कहर इस तरह है कि लोग कयी हफ्ते तक बिस्तर पर सोते ही रह जाते हैं और जब सो कर उठते हैं तो उन्हें कुछ याद नहीं रहता और वह अजीबो गरीब बातें करने लगते हैं। आपस में बात करते करते ही यह सो जाते है। इस रहस्मयी नींद की खबर जब दुनिया में फैली तो वैज्ञानिक भी इस गांव पहुंचे और इस रहस्य को समझने का प्रयास कर रहे हैं।

2010 में पहला मामला
कजाकिस्तान के कलाची गांव में रहस्मयी नींद की घटना पहली बार 10 साल पहले 2010 में आयी थी। तब स्कूल में कयी बच्चे अचानक सो गये और सो कर धडाधड़ गिरने लगे और देखते ही देखते पूरे गांव में इस रहस्मय बीमारी ने हर किसी को अपना शिकार बना लिया।

वैज्ञानिक  पहुंचे गांव
इस रहस्यमय नींद की खबर जब दुनिया में पहुंची तो कुछ वैज्ञानिक इस गांव में रिसर्च करने पहुंचे। लगातार प्रयोग जारी हैं, लोगों का चेकअप किया जा रहा है। यहां की मिट्टी पर्यावरण आदि के भी नमूने लेकर जांच की जा रही है। लेकिन अभी तक वैज्ञानिककिसी सटीक नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं, जांच में पता चला है कि यूरेनियम से निकली गैस इन लोगों को इस तरह से अपना शिकार बना रही है और यहां के लोग स्लीपिंग डिसऑर्डर का शिकार हो रहे हैं। गौरतलब है कि यहां यूरेनियम माइंस हैं। जिससे निकलने वाली गैस से यह समस्या बढने की संभावना जताई जा रही है।

घर छोड़ रहे लोग
फिलहाल रहस्यमय नींद के कारण लोगों में दहशत है और अब यहां लोग नहीं रहना चाहते । धीरे धीरे लोग दूसरे स्थानों पर अपने रहने का इंतजाम कर रहे हैं और गांव छोड़ कर जाने का प्रयास लगातार कर रहे हैं। दर्जनों की संख्या में अब तक लोग इस गांव को छोडकर जा चुके हैं और ऐसे ही अगर चलता रहा तो अगले कुछ दशक में इस गांव में कोई भी रहने वाला नहीं होगा।