fathers day special: हम आज तक उनके आदर्शो पर चल रहे हैं...

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24th June, 2020, Edited by Shikha singh

प्रभु जी, 

क्षमा मांगते हुए आपसे विनती करती हूँ, कृपा कर मेरी सहायता करें। प्रभु जी, आज स्वप्न में मेरे पापा आये थे,वह आपके पास बहुत खुश हैं, लेकिन"कोरोना" के कारण वह हमारे लिए बहुत चिंतित थे। मैं कुछ बातें कर पाती इससे पहले ही मेरी नींद खुल गई। कृपा कर आप उन तक हमारा संदेश पहुँचा दीजिए कि हम यहाँ पर सारे नियमों का पालन करते हुए स्वस्थ व सुरक्षित हैं।

प्रभु जी, ये भी बताईयेगा कि--- आज पितृ दिवस पर हमने उनकी पसंद की उड़द की दाल और करेले की सब्जी बनाई है। वैसे तो वह कभी विस्मृत हुए ही नहीं हैं लेकिन आज उनको चिन्तित देख कर उनकी बहुत याद आ रही है।

प्रभु जी, आपको तो पता ही है न, कि मेरे पापा कितने व्यवहारिक, जिन्दादिल और आध्यात्मिक व्यक्ति थे। हम आज तक उनके आदर्शो पर चल रहे हैं। हमेशा पहले अपनी कमियां खोजो, हर परिस्थिति का शान्ति एवं धैर्य से सामना करो, मेहनत में कोई कंजूसी न करो, सिर्फ कर्म करो,फल तो ईश्वर दे ही देगा.... ये उनके मूलमंत्र थे। मैंने आज भी उनका "चश्मा और घड़ी" संभाल कर रखी है और भाई ने उनकी "चप्पलें" अपने घर में सजा कर रखी हैं। जब भी वह मम्मी के लिए कोई नई साड़ी लाते थे तो पहले मुझे पहन कर दिखाने को कहते थे। मैं आज भी जब भी कोई नई साड़ी पहनती हूँ तो बरबस उनकी याद आ जाती है। उनकी बातों और गुणों को हम हमेशा अपनी यादों में जीवित रखते हैं।

बस, अब, कभी-कभी डर लगता है, उनका सुरक्षाकवच जो साथ नहीं है, लेकिन उनका आशीर्वाद फिर से हिम्मत जगा जाता है। प्रभु जी, बस इतना और बता देना कि उनसे जो वादा किया था हरहाल में खुश रहने का और हिम्मत ना हारने का, हम उसे आज भी निभा रहे हैं। उनके चेहरे पर मुस्कान बनी रहे इसलिए हम हरदम खुश और जिन्दादिल रहते हैं, बिल्कुल उनकी तरह।

इनपुट :  सुनीता रमन, लखनऊ।