जिस स्कूल में पढ़ता था छात्र, उसी स्कूल में फर्जी दारोगा बनकर करने पहुंचा जांच, गिरफ्तार

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6th November, 2019, Edited by manish shukla

इलाहाबाद / प्रयागराज : प्रयागराज जिले में एक युवक ने बाजार से पुलिस की वर्दी सिलाई और फर्जी दारोगा बनकर अपने ही स्कूल में जांच करने के लिये पहुंच गया। छात्र ने स्कूल स्टाफ को हड़काया और प्रिंसिपल के आफिस में जाकर बैठ गया। बातचीत से प्रीसिंपल को दारोगा पर शक हुआ तो उन्होंने पुलिस कप्तान को फोन कर बताया कि एक दारोगा उनके स्कूल में जांच के नाम पर परेशान कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो फर्जी दारोगा असली पुलिस को देखकर घबरा गया। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले गयी तो पता चला कि युवक उसी स्कूल का पूर्व में छात्र था । पकड़े गये युवक ने बताया कि वह तो केवल मजा लेने के लिये ही स्कूल में जांच करने गया था, उसे नहीं पता था कि बात इतनी बढ़ जायेगी। वहीं, घटना की सूचना पर युवक के परिजन थाने पहुंचे तो पता चला युवक के पिता पुलिस डिपार्टमेंट थे और उनकी मौत हो चुकी है। युवक को अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस डिपार्टमेंट में ही नौकरी मिलने वाली है। लेकिन, अचानक से उसके खुराफाती दिमाग में शरारत सूझी और अब वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। देर रात तक परिजनों से बातचीत चलती रही। इस मामले में अभी युवक के विरूद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन अगर कानूनी कार्रवाई होती है तो भविष्य में मिलने वाली नौकरी भी खतरे में पड़ जायेगी।

क्या है मामला
मामले की जानकारी देते हुये कर्नलगंज इंस्पेक्टर अरुण त्यागी ने बताया कि मंगलवार को एक दारोगा के मैरी लूकस स्कूल में जांच के नाम पर स्टाफ को परेशान करने की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस टीम स्कूल पहुंची तो वर्दी पहनकर एक युवक फर्जी दारोगा बना हुआ थ। पूछताछ के बाद पता चला कि युवक का नाम  प्रियांशु सिंह है और वह प्रयागराज जिले के म्योराबाद इलाके का रहने वाला है। प्रियांशु के पिता कालिका सिंह पुलिस डिपार्टमेंट में थे और मेरठ में तैनाती के दौरान उनका इधन हो गया था। मृतक आश्रित कोटे के तहत अब प्रियांशु को उनकी जगह नौकरी भी मिलने वाली थी। लेकिन मंगलवार को वह फर्जी दारोगा बनकर मैरी लूकस स्कूल में पहुंच गया और स्टाफ को परेशान करने लगा।

जानसेनगंज में सिलाई वर्दी
पुलिसकर्मियों की वर्दी कहां सिलाई जाती है, इसकी जानकारी होने के बाद प्रियांशु ने जानसेनगंज इलाके के एक टेलर की दुकान पर कपडे दिये और अपने लिये वर्दी सिलवा ली। फिर उसमें स्टार लगाकर वर्दी पहन ली। मंगलवार को वह मैरी लूकस स्कूल पहुंचा। प्रियांशु इसी स्कूल में बारहवीं तक की पढाई कर चुका था और इसी कारण वह यहां फर्जी जांच करने पहुंच गया। प्रियांशु ने एक ओला कैब बुक की और सीधे अपने स्कूल पहुंचा और सबको हडकाते चमकाते हुये प्रिंसिपल से जाकर मिला और कहा कि स्कूल की जांच करनी है।

आई पुलिस तो उड़े होश
बातचीत के दौरान जब  प्रिंसिपल को दारोगा पर शक हुआ तो उन्होंने एसएसपी को कॉल करके दरोगा की हरकत की जानकारी दी। जिस पर कर्नलगंज थाने व क्राइम ब्रांच की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही प्रियांशु हक्का बक्का रह गया।  पुलिस ने प्रियांशु के खिलाफ फर्जीवाड़ा और कूटरचना के आरोप में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पूछताछ में प्रियांशु ने यह सिर्फ एक मजाक बताया। परिजन भी बेटे की गलती को माफ करने की मिनन्त करते हुये रोते बिलखते रहे। वहीं, घटना की जानकारी अधिकारियों को दे दी गयी है।

मां ने थाने में पीटा
घटना की सूचना पर जब प्रियांशु की मां थाने पहुंची और बेटे की करतूत का पता लगा तो वह थाने में ही बेटे को पीटने लगी। भावुक हो चुकी प्रियांशु की मां थाने में ही फूट फूट कर रोने लगी तो पुलिस कर्मियों ने उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि उनके पति घुडसवार पुलिस में थे और मेरठ में तैनाती के दौरान उनका निधन हो गया था। उनके बेटे को अब पिता की जगह नौकरी मिलने वाली थी, लेकिन उसने यह करतूत करके अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मार ली है।