दुर्लभ संयोग : 178 साल पहले चैत्र नवरात्रि में गुरु ने किया था मकर में प्रवेश, इस साल भी ऐसा ही होगा

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13th March, 2020, Edited by Pratima Jaiswal

फीचर्स डेस्क। इस साल चैत्र नवरात्रि 25 मार्च यानी बुधवार 2020 से शुरू रही है। इसी दिन कलश स्थापना होगी और हिन्दू नववर्ष शुरू होगा। इस तिथि पर गुड़ी पड़वा और श्री झुलेलाल जयंती भी मनाई जाएगी। इस नवरात्रि में एक विशेष संयोग बन रहा है। काशी के ज्योतिषाचार्य पं. विवेक शर्मा के अनुसार नवरात्रि के बीच में ही गुरु अपनी राशि धनु से मकर में जाएगा। मकर गुरु की नीच राशि है। यानी नवरात्रि के मध्य में ही गुरु नीच का हो जाएगा। चैत्र नवरात्रि गुरुवार, 2 अप्रैल तक रहेगी।

178 साल पहले बना था ऐसा ही दुर्लभ संयोग

पं. शर्मा के अनुसार 11 अप्रैल 1842 से चैत्र माह की नवरात्रि शुरुआत हुई थी। इस नवरात्रि में 16 अप्रैल को गुरु ग्रह ने धनु से मकर राशि में प्रवेश किया था। इस साल 2020 में भी ऐसा ही संयोग बन रहा है। 25 मार्च से नवरात्रि शुरू होगी और 29 मार्च को गुरु राशि बदलकर मकर राशि में जाएगा। मकर राशि में मंगल, गुरु और शनि का योग बनेगा।

विक्रम संवत् 2077 शुरू होगा

25 तारीख से हिन्दी नववर्ष विक्रम संवत् 2077 शुरू होगा। इसका नाम प्रमादी है। नवरात्रि बुधवार से शुरू होगी अगले सप्ताह गुरुवार को खत्म होगी। प्रमादी संवत् के राजा बुध और मंत्री चंद्र होंगे। बुध और चंद्र आपस में शत्रु भाव रखते है। ऐसे में मंत्री और राजा के बीच मतभेद होने से प्रजा को कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

कैसा रहेगा नववर्ष

पं. शर्मा के अनुसार नववर्ष में फसलों पर नकारात्मक प्रभाव, अल्प वर्षा और जनता को करों का ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है। भारत, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, ईरान, चीन, बांग्लादेश, म्यांमार के लिए नया वर्ष मुश्किलों से भरा हो सकता है। इन क्षेत्रों में भूकंप का झटका आ सकता है। मंहगाई, तनाव, विवाद की स्थितियां ज्यादा रहेंगी।

ये हैं नौ दिन की नौ देवियां

नवरात्रि के पहले दिन की देवी शैलपुत्री, दूसरे दिन की ब्रह्मचारिणी, तीसरी चंद्रघंटा, चौथी कूष्मांडा, पांचवी स्कंध माता, छठी कात्यायिनी, सातवीं कालरात्रि, आठवीं महागौरी और नौवीं सिद्धिदात्री। ये मां दुर्गा के नौ स्वरुप हैं, नवरात्रि में इनकी पूजा विशेष रूप से की जाती है।