सही समय पर सही फैसले से मिलती है सफलता : शिप्रा उप्पल  

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19th November, 2019, Edited by Neeraj tripathi

फीचर्स डेस्क। कई बार मंजिल कि तलास मेँ निकले लोग राहों को ही मंजिल मान लेते हैं। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो मंजिल दूर दिखने पर राह ही छोड़ देते हैं, लेकिन जिनके अंदर विजन और जुनून होता है वो रास्तो पर भटकते नहीं बल्कि मंजिल को पाकर ही रहते हैं। ऐसे ही एक सख्सियत हैं आज मेरे साथ शिप्रा उप्पल जिनके साथ अनेकों उपलब्धियां जुड़ीं हैं, इन्होने अपनी मंजिल पाने के लिए कड़ी मेहनत की तो कई बड़े नाम को अपने साथ भी जोड़ा।

विनम्रता है शिप्रा कि पहचान  

रिसर्च एडिटर शिप्रा उप्पल हार्ट एंड सोल मोस्ट स्टाइलिश मिसेज इंडिया 2019 ब्यूटी पेजेंट की विजेता है। इसके अलावा शिप्रा हार्ट एंड सोल की गुडनेस अमेस्डर  2019 बनीं। इन्होने अपने व्यक्तित्व पर कड़ी मेहनत की जिसका नतीजा एक बहुत ही शानदार डीवा में बदलने सफल रहीं। विनम्रता हमेशा इनके लिए शैली बनी रही, अपने परफ़ार्मेंस से लोगों का दिल जीता और कई खिताब अपने नाम किए।

15  वर्षों से अधिक अनुभव  

शिप्रा उप्पल एक लेखक/ संपादक, शोधकर्ता, वॉयस ओवर आर्टिस्ट, सॉफ्ट स्किल ट्रेनर,और लेक्चरार भी हैं तथा अपने शोध पर भावुक हैं। जो प्रीमियम तकनीकी लेखन सेवाएं प्रदान करती हैं, उन्हें अनुसंधान और विश्लेषण के साथ-साथ मजबूत तकनीकी लेखन कौशल में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। ये एक रचनात्मक विचारक है, जो इन्हें काम की आवश्यकता का अनुमान लगाने की अनुमति देता है। वह प्रत्येक नए प्रोजेक्ट को अपना मानतीं हैं उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद को सुनिश्चित करतीं है। शिप्रा सटीक वितरण सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायीं है, सहकारी है और पूरे प्रोजेक्ट में सावधानीपूर्वक काम करती हैं।

शिप्रा कहती हैं कि व्यक्तिगत दृस्टिकोण में ऐसे खुशनुमा लोगों का साथ पसंद करती हूँ, जो चमत्कारी तरीके से कार्यरत रहते हैं और ऐसे चमत्कारी लोग, जो सदा खुश नुमा तरीके से जीवन यापन करते हैं। जीवन में कुछ चीजें हैं जो एक प्रेरणादायक भावना की तरह सरल या एक स्नेह पूर्वक कार्य है- जैसे महानता का पहला खाता खोलना। "सुनहरा नियम यह है कि लोगो का उसी तरह सम्मान कीजिये जिस तरह आप अपना सम्मान कराना चाहते हैं"। “एक वयक्ति के रूप में आज मैं खुद को अपनी कलात्मकता स्वामी मानती हूँ, जो कभी लिखने के सपने के साथ एक छोटी सी बच्ची थी।“ एक संपादक के रूप में मै लिंग भेद में विश्वास नहीं करती, लेकिन मेरा मानना है कि गुणवत्ता महत्वपूर्ण है और महिलाएं आयोजन, अनुशासन और धार्य में बहुत अच्छी होती हैं और संपादकता का आधा रास्ता धैर्य से ही पूरा हो जाता है।

शिप्रा ने कहा कि उतार-चढ़ाव जीवन के अविभाज्य पहलू हैं और मैंने शांति से सबकुछ सीखा है। मेरे माँ-बाप ने सख्त दौर में अनुग्रह दिखाया है मैंने भी उनके दृष्टिकोण कि तरह अपना एक दृष्टिकोण रखा और उसी दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया, जिसने निश्चित रूप से मेरे आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद कि और स्पष्ट रूप से मैंने अपने जीवन में एक बड़ी भूमिका निभाई है।

क्या आप जानते हैं ....

इन्होंने अपना करियर 2002 में केंद्रीय पल्प एंड पेपर रिसर्च इंस्टीट्यूट, वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत काम करने के एक शानदार अनुभव के साथ शुरू किया। भारतीय उद्योग परिसंघ, भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ, ज्ञान सक्षम सेवाओं के भारतीय चैंबर, उपभोक्ता की आवाज, जागो ग्राहक जागो, ड्रीम व्हिस्लर्स फाउंडेशन लिमिटेड आदि संस्था के साथ काम किया है।

इनकी विशेषताओं के क्षेत्र

किताब लेखन/अनुशंधान विश्लेषण/ व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा प्रबंध/ जनसंपर्क/ वॉइस ओवर /वयक्ति कौशल शिक्षा प्रशिक्षण/ सॉफ्ट स्किल ट्रेनिग एव योग प्रशिक्षण।

ये पुरस्कार हैं इनके नाम

  • 8वां राष्ट्रीय महिला उत्कृष्टता पुरस्कार, भारत सरकार (नवंबर, 2015) भारत सरकार के तहत विभिन्न मंत्रालयों के लिए विभिन्न विषयों पर व्यापक क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अध्ययन में सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि।
  • हार्ट एंड सोल विमेन्स विथ स्प्रिट अवार्ड 2019.

इनकी प्रमुख उपलब्धियां

  • वर्तमान-हार्ट एंड सोल मोस्ट स्टाइलिश मिसेज इंडिया क्लासिक 2019 ब्यूटी पेजेंट की विजेता।
  • अक्टूबर 2018 - बिजनेस एंड कनेक्ट पर उद्यमिता सम्मेलन में चेयरमैन ऑफ हार्ट एंड सोल वुमन राइजिंग के लिए प्रतिनिधित्व।
  • अगस्त 2018 - हार्ट एंड सोल वुमन राइजिंग द्वारा आयोजित महिला आजीवन उपलब्धि पुरस्कारों में "जीवन की भावनाओं को वैधता प्रदान" पर प्रेरक और शाश्वत व्याख्यान प्रस्तुत किया। 2015 भारत की सड़क सुरक्षा पर सड़क परिवहन और राज्य मार्ग मंत्रालय के लिए अध्यन और सुझाव।
  • 2013 में वॉइस सोसाइटी के साथ उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के लिए स्वस्थ वातावरण का अधिकार पर अध्यन और सुझाव।
  • 2013/ बच्चों में आटिज़्म के बढ़ते मामलों पर जागों ग्राहक जागों के साथ अध्यन और सुझाव।
  • 21 वाँ स्थान, 2010 बॉन-यात्रा 2010, चंडीगढ़ बॉलीवुड के नेताओं के साथ आगामी युवाओं की प्रतिभा दिखाने के लिए एक सांस्कृतिक पूर्व संध्या।
  • 14 वां सत्र, 2009 मिस अविश्वसनीय 2009, चंडीगढ़। यह एक प्रतियोगिता था जिसका उद्देश्य महिलाओं का सम्मान करना और उनकी प्रतिभा, सुंदरता, व्यक्तित्व, सामाजिक और बौद्धिक कौशल का प्रदर्शन करने के लिए युवा महत्वाकांक्षी लड़कियों की खोज करना और उन्हें स्क्रीन करना है।
  • 2005/ भारतीय वाणिज्य और उद्दोग महासंघ के सेवाव्रत 7 वां भारत यूरोपीय संघ व्यापार शिखर सम्मेलन।
  • 2004 मे भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ के सेवारत/भारत और फ़िनलेंड व्यापार मंच।
  • 2004/ भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ के सेवारत/भारतीय द्वा और स्वस्थ सेवा उद्दोग पर गर्ल्स कोपरेशन कौसिल के साथ आधान और सुझाव।

शिक्षा पर खास ज़ोर

शिप्रा ने बचपन से पढ़ाई को खास महत्व दिया, इसका नतीजा आज ये अच्छी लाइफ जी रहीं हैं। शिप्रा कहती हैं जब आने वाली पीढ़ियाँ हमारी शिक्षित होगी तो समाज का विकास खुद-पे-खुद होगा।

वोमेंस इम्पावरमेंट के लिए कर रहीं हैं काम

शिप्रा कहती हैं कि आज के दौर में महिलाओं और गर्ल्स को शिक्षित होना व सेल्फडिपेंड होना बहुत जरूरी है। इनका मानना है कि सभी गर्ल्स अपने ड्रीम को पूरा करना का प्रयास करना चाहिए। अगर गोल डिसाइड कर लिया तो मंजिल पाने के लिए पूरी सिद्दत से लग जाय। आज हर महिला को अपनी पहचान बनाने कि जरूरत है।

रुचि

योग, गायन, नृत्य, पाक कला, परिवार, व्यक्तित्व विकास और अंग्रेजी पर कक्षाएं लेना तथा मास-कम्युनिकेशन के छात्रों को पढ़ना।

इनकी खासियत

यथार्थवादी, आत्मविश्वास, आत्म-प्रेरित।