लद्दाख में कोरोना पर काबू : 13 दिन में सिर्फ एक केस, देश दुनिया के लिये नजीर

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3rd April, 2020, Edited by अमरीश मनीष शुक्ला 

लद्दाख ब्यूरो। भारत में लॉकडाउन चल रहा है। लेकिन, कुछ लोग लॉकडाउन मानने तक के लिये नहीं तैयार हैं और लद्दाख में देखिये, बिना हाथ धुले कोई गांव तक में नहीं घुसता। यहां गांव के युवा अलग अलग शिफ्ट में गांव के बाहर ड्यूटी करते हैं और किसी को भी बिना हाथ आदि धुले गांव में नहीं जाने देते। फिर चाहे वह गांव का हो या बाहरी। पत्थरों पर ही इसके लिये आदेश भी लिखा गया है कि हाथ धुलकर ही आगे जायें। यहां लोग पूरी तरह से यहां सहयोग कर रहे हैं। यहां पिछले 13 दिनों से भी एक केस सामने नहीं आया था और आज एक केस कोराना का सामने आया है। लद्दाख के लोग यह पूरे देश और दुनिया के लिये नजीर बन गये हैं कि अगर हम अपनी सरकार, अपने प्रशासन, अपने डाक्टरों का सहयोग करें, तो कोरोना को मसल कर रख सकते हैं। जागो इंडिया जागो। 

13 दिन में एक केस

लद्दाख में पिछले तेरह दिनों बाद पहला केस पॉजिटिव आया है और वह हुआ है यहां के लोगों के जन सहयोग की अपार भावना से। लोग खुद जागरूक हैं। वह खुद कोरोनो को गांवों में नही आने दे रहे हैं। वह आगे बढ़कर पुलिस प्रशासन का काम खुद ही कर रहे हैं। वह पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं और अब लद्दाख में कोरोना संक्रमण की रोकथाम पर सेंट्रल रैपिड रिस्पांस टीम ने अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल आरके माथुर को सौंप दी है। टीम में शामिल पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने स्पष्ट कहा है कि लद्दाख में बेहद ही सार्थक कदम चल रहा है। लोगों के सहयोग और विभागों की सतर्कता से कोरोना पर बहुत हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। जनसहयोग से यहां कोरोना पर नियंत्रण है और तेरह दिन बाद कोरोना पॉजिटिव का एक मामला सामने आया।

लातू गांव की पहल 

लद्दाख के कारगिल जिले के लातू गांव के लोगों कोरोना वायरस को हराने के लिये प्रशासन को सहयोग देने के साथ खुद ही कमर कस ली है। गांव के बाहर एक नोटिस लगाई गयी है, जिस पर लिखा है कि गांव में प्रवेश से पहले अपना हाथ धुले। गांव में बिना हाथ धुले कोई प्रवेश न कर पाये, इसके लिये युवा यहां पर ड्यूटी करते हैं। सभी ने शिफ्ट में अपनी ड्यूटी बांट ली है और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे ही युवाओं को यह देश सलाम करता है, क्योंकि इन्हीं के कंधों पर ही इस कोरोना को हराने की असल जिम्मेदारी नजर आ रही है। 

ग्रामीण इलाका है 

गांव की यह खबर अब मीडिया के माध्यम से पूरे देश में फैल चुकी है। यहां का प्रशासन इसकी तारीफ कर लोगों को ऐसा करने की नसीहत दे रहा है। लोकेशन की बात करें तो कारगिल टाउन से करीब 25 किलोमीटर दूर एलओसी के करीब यह गांव पहाडों के बीच में बसा है। इस गांव की आबादी भी काफी है और 45 घर यहां मौजूद हैं। जहां बेहद ही शानदार पहल की गयी है। कारगिल के जिला उपायुक्त बसीरुल हक चौधरी इस पहल को पूरे देश के लिये रोल मॉडल बताया था। 

ट्वीट पर दिखा गांव 

यह गांव सबसे पहले बसीरुल हक चौधरी के ट्वीट पर नजर आया। यहां कोरोना के लेकर चल रही लडाई का इतना सशक्त तरीका ट्वीटर पर आया तो वायरल हो गया। मीडिया ने यहां की खबरें उठाई और अब पूरी दुनिया के लिये लातू गांव रोल मॉडल बन गया है।

बनाई कमेटी 

गांव के लोगों ने मीडिया को बताया कि कोरोना के खतरे के बाद उन्होंने निर्णय लिया कि वह इसके लिये बहुत साफ सफाई रखेंगे और बिना हाथ आदि धुले हुये गांव में किसी का प्रवेश नहीं हो सकेगा। इसके लिये एक कमेटी बनायी गयी और जो इस फैसला का पालन कराती है। इसमें सभी युवा लोगों को सुरक्षा व निगरानी के साथ आदेश पालन की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। अब युवा अलग-अलग शिफ्ट में यहां ड्यूटी करते हैं। 

साबुन से सैनिटाइजर तक 

लातू गांव के बाहर पत्थरों पर ही नोटिस लिखी गयी। पानी की टंकी पर हाथ धुलने की व्यवस्था की गयी। अच्छे से हाथ धुला जाये, इसके लिये साबुन, सैनिटाइजर आदि सामान भी रख दिया गया है। गांव की सीमा शुरू होते ही पत्थरों पर और वहां बनी पानी की टंकी हाथ धुलने का आदेश लिखा हुआ है और इसे सबको मानना अनिवार्य है। यहां तक कि कोई अधिकारी भी अगर गांव में जाना चाहे तो उसे भी हाथ धुलकर ही अंदर जाना होगा।