HAPPY WOMEN'S DAY : स्‍त्री की परिभाषा

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9th March, 2020, Edited by Focus24 team

जन्‍म से अवसान तक की भाषा है स्त्री 

उसके पार भी कोई दिव्‍यता है स्त्री 

वही तो स्‍वरूप की भव्‍यता है स्त्री 

संस्‍कृति स्‍त्री , उपमान है स्त्री 

भबंधना स्‍त्री , निर्वाण है स्त्री 

काल के पाश मे आबद्ध हर जीव बदल जाता है

बदलते परिवेश मे जन्‍मदेने वाला कहलाता है स्त्री 

तीनों लोकों की अर्द्धांगिनी है स्त्री 

स्‍त्री नर्क से स्‍वर्ग तक कामिनी है स्त्री 

सम्‍मान का पात्र है स्‍त्री 

पशुत्‍व से देवत्‍व तक में पाई जाती है स्त्री 

सम्‍मान का गान है स्‍त्री 

जो जन्‍मदा, पालिका, मुक्ति के रूप मे गाई जाती है स्त्री। 

शबनम मेहरोत्रा, कानपुर सिटी।