योगी ने किया डीआरडीओ के कोविड अस्पताल का निरीक्षण

योगी ने किया डीआरडीओ के कोविड अस्पताल का निरीक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कोरोना मुक्त होने के तुरंत बाद एक्शन में आते हुये अवध शिल्प ग्राम में डीआरडीओ की ओर से तैयार किए गए अटल बिहारी वाजपेयी कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। सीएम योगी आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य कोविड अस्पतालों का भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं। अधिकृत सूत्रों ने बताया कि 14 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हुये श्री योगी की कोरोना रिपोर्ट आज ही निगेटिव आयी थी। डॉक्टरों ने उन्हें एक सप्ताह तक आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने संवैधानिक जिम्मेदारियों को अपना पहला दायित्व माना। श्री योगी ने संक्रमित होने के बाद भी लगातार रोजाना 19 से 20 घंटे काम किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना की रोकथाम में तेजी लाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ संवाद का वर्चुअल कार्यक्रम जारी रखा। आईसोलेशन में होने के बावजूद वह अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते रहे।

उन्होंने अवध शिल्प ग्राम में तैयार किए गए 500 बेड के अस्पताल के साथ आईसीयू और प्रशासनिक भवन का भी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को तेजी से काम पूरा कराने के निर्देश दिए। काफी कम समय में तैयार किए गए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से परिपूर्ण 500 बेड के अस्पताल को पूरा कर लेने के लिए उन्होंने डीआरडीओ के अधिकारियों की तारीफ की।

श्री योगी ने कहा कि जरूरत के समय सेना के डीआरडीओ विभाग ने जनता की सेवा के लिए जो पहल की है, वह उत्तर प्रदेश की जनता के लिए बड़ी सौगात है। वर्तमान परिस्थितियों में प्रदेश सरकार के साथ मिलकर तैयार किए गए अस्पताल से गंभीर कोरोना मरीजों को काफी राहत मिलेगी। तत्काल इलाज की सुविधाओं के साथ यहां 24 घंटे ऑक्सीजन उपलब्ध होगी। विभिन्न तरह की जांच की सुविधाएं और दवाखाना भी डीआरडीओ की तरफ से तैयार कर लिया गया है जो अभूतपूर्व कार्य की बड़ी मिसाल बना है। मुख्यमंत्री को डीआरडीओ के अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल में आईसीयू का ट्रायल शुरू हो गया है। इसके संचालन का जिम्मा मध्य कमान के शीर्ष सैन्य अधिकारी संभाल रहे हैं। शाम तक अस्पताल का ट्रायल पूरा होने की संभावना अधिकारियों ने जताई।

युद्धस्तर पर तैयार किए गए डीआरडीओ के अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता के दूसरे विकल्प को भी तैयार करने का निर्देश दिए गए हैं, जिससे अब यहां लगे 20 हजार लीटर की क्षमता वाले मेडिकल ऑक्सीजन टैंक के अलावा ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर भी लगाया जाएगा। जिससे संक्रमितों को 24 घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति बनी रहे।