Tokyo Olympics 2021 : महिलाओं ने मारी शुरुवाती बाज़ी , 5 खेलों में महिलाएं कर रही हैं देश का प्रतिनिधित्व

महिलाएं अब सिर्फ ना पुरुषों के साथ कंधे से कन्धा मिला का चल रही है ,बल्कि कई क्षेत्र में उनको पछाड़ भी रही हैं। टोक्यो ओलिंपिक में इस बार 5 ऐसे खेले हैं जिनमे सिर्फ महिला खिलाड़ी ही क्वालीफाई कर पाई। कौन से हैं वो खेले और कौन सी है वो भारतीय महिला खिलाडी आइये जाने ....

Tokyo Olympics 2021 : महिलाओं ने मारी शुरुवाती बाज़ी , 5 खेलों में महिलाएं कर रही हैं देश का प्रतिनिधित्व

फीचर्स डेस्क। टोक्यो ओलंपिक्स 2021 का शानदार आगाज़ हो चुका हैं। भारत से 117 खिलाड़ी टोक्यो में 18 खेलों में टीम और इंडिविजुअल इवेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। जबकि पांच ऐसे खेल हैं जिसमें सिर्फ महिलाओं के कंधों पर देश को मेडल दिलाने की जिम्मेदारी है। टेनिस, जूडो, वेटलिफ्टिंग, तलवारबाजी और जिम्नास्टिक में भारत का प्रतिनिधित्व महिलाये करने वाली हैं। ओलंपिक्स के लिए क्वालीफाई करना ही अपने आप में बड़ी बात है , और जब आप उसे गेम में लीड कर रही हो तो बात सोने पे सुहागा वाली हो जाती है। आइये जानते हैं इन महिला खिलाडियों के बारें में विस्तार से

टेनिस

 इस साल टोक्यो ओलिंपिक में विमेंस डबल्स में अंकिता रैना और सानिया मिर्जा की जोड़ी ने क्वालिफाई किया है। बड़ी बात ये है कि कोई भारतीय पुरुष टेनिस खिलाड़ी ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका है। यह अंकिता रैना का पहला ओलिंपिक है। वो 2016 साउथ एशियन गेम्स में देश के लिए विमेन सिंगल्स में और मिक्स्ड डबल्स में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। इनके अलावा 2018 एशियन गेम्स में भी देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। वहीं सानिया मिर्जा का यह तीसरा ओलिंपिक है। वे 6 बार की ग्रैंड स्लैम विजेता भी रही हैं।देश को इस जोड़ी से बहुत आशाएं हैं।

जूडो

 सुशीला देवी टोक्यो ओलिंपिक में जुडो में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली इकलौती खिलाड़ी हैं। उन्होंने एशियाई कोटे से ओलिंपिक के लिए 48 किलोग्राम कैटेगरी में क्वालिफाई किया है। शुशीला की एशियाई रैंकिंग 7 है। इसी वजह से उन्हें ओलिंपिक कोटा मिला। उन्होंने 2014 में कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए सिल्वर मेडल भी जीता था।

वेटलिफ्टिंग

वेटलिफ्टिंग में 26 साल की वेटलिफ्टर मीराबाई चानू दूसरी बार ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। 2016 रियो ओलिंपिक में वह क्लीन एंड जर्क में मेडल नहीं जीत सकी थीं। इस बार वे 49 किलो वेट कैटेगरी में मेडल की प्रबल दावेदार हैं। मीराबाई वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर-4 पर काबिज हैं। इस साल अप्रैल में हुए ताशकंद एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मीराबाई चानू ने स्नैच में 86 किग्रा का भार उठाने के बाद क्लीन एंड जर्क में वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम करते हुए 119 किलोग्राम का भार उठाया। वह कुल 205 किग्रा के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं। इससे पहले क्लीन एंड जर्क में वर्ल्ड रिकॉर्ड 118 किग्रा का था। वेटलिफ्टिंग में साल 2000 के सिडनी ओलिंपिक गेम्स में कर्णम मल्लेश्वरी ने पहली बार ब्रॉन्ज मेडल जीता था। सभी की निगाहे अबकी मैडल के लिए इन पर टिकी हैं।

तलवारबाजी

तलवारबाज़ी में भी क्वालीफाई करने वाली महिला ही हैं। भवानी देवी ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली देश की पहली तलवारबाज (महिला-पुरुष) हैं। साथ ही वे देश को कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप में गोल्ड दिलाने वाली भी पहली तलवारबाज हैं। वे 2017 में आईसलैंड में टर्नोई सैटेलाइट फेंसिंग चैंपियनशिप में देश के लिए गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं। भवानी इटली में तैयारी कर रही हैं। वे वहीं से सीधे टोक्यो पहुंची हैं।

जिम्नास्टिक

जिमनास्टिक में प्रणती नायक दूसरी भारतीय जिम्नास्ट हैं, जिन्होंने ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया है। पहली बार दीपा करमाकर रियो 2016 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने में सफल रहीं थी। हालांकि वे मेडल नहीं जीत पाईं और चौथे स्थान पर रही थीं। प्रणती को एशियाई कोटा के तहत ओलिंपिक में जगह मिली है। वे 2011 में एशियन आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। इस बार भी उनसे मैडल की उम्मीद है।

सारे देश की निगाहे आप सब पर टिकी हैं , आल दी बेस्ट गर्ल्स !

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