जनजातीय समाज को अधिकार देने की प्रदेश सरकार ने की है शुरूआत: शाह

जनजातीय समाज को अधिकार देने की प्रदेश सरकार ने की है शुरूआत: शाह

भोपाल/जबलपुर। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में जनजातीय कल्याण की दिशा में बेहतर कार्य हुए हैं। केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकार ने भी जनजातियों के विकास के लिए अनेक योजनाएं बनाकर उन्हें मैदानी स्तर पर क्रियान्वित किया है। शाह ने यह बात यहां गैरीसन ग्राउंड में अमर शहीद शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य दोनों ही सरकारें जनजातीय विकास के लिए समर्पित सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जनजातीय विकास के लिए पहले भी कार्य हुए हैं, लेकिन आज श्री चौहान ने जनजातीय वर्ग को अधिकार देने की शुरूआत की है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जनजातीय कल्याण के लिए कई कार्यों को मैदानी स्तर पर अमलीजामा पहनाने का कार्य किया है। इस दौरान केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री प्रहलाद पटेल, लोक निर्माण एवं जिले के प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव, सांसद वी.डी. शर्मा उपस्थित थे।

शाह ने कहा कि संस्कारधानी के अमर शहीद शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर 5 करोड़ की लागत से बनने वाले स्मारक की आधारशिला रखने का अवसर मुझे मिला है, इसके लिए वे अपने आपको को सौभाग्यशाली समझते हैं। आज जो स्मारक की आधारशिला रखी गई है, यह स्मारक आने वाले हजारों वर्ष तक युवाओं और समाज के लिए प्रेरणा देने का कार्य करेगा। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में हम आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर आजादी का ‘अमृत महोत्सव’ मना रहे हैं और उसमें ऐसे बलिदानी, जिनका इतिहास में जिक्र नहीं है, उनके इतिहास को खोजकर संजोने के लिए संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। देशभर में 9 स्थानों का चयन किया गया है, जिसमें 200 करोड़ रूपये की लागत से काम कराया जा रहा है। इसमें मध्यप्रदेश का छिंदवाड़ा भी शामिल है। संग्रहालयों का कार्य प्रारंभ हो चुका है और अभी तक 110 करोड़ रूपये खर्च भी किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पराक्रमी राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह ने अपनी मातृ-भूमि, अपने धर्म, अपने राज्य की रक्षा के लिये और भारत माता की परतन्त्रता की जंजीरों को काटने के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। हम उन सभी वीरों की पूजा करते हैं, जिन्होंने मातृ-भूमि के लिये अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। ऐसे जनजातीय नायकों को समर्पित भव्य स्मारक का निर्माण कराया जायेगा, जिसका सूत्रपात आज किया गया है। हर साल 18 सितम्बर को बलिदान दिवस मनाया जायेगा। श्री चौहान ने जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिये राज्य सरकार द्वारा लिये गये फैसलों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 नवम्बर को बिरसा मुण्डा की जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रुप में मनाई जायेगी। सम्पूर्ण प्रदेश में बड़े ही धूमधाम के साथ जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन होगा। उन्होंने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का नाम ‘राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय’ करने की घोषणा की।