ऑनलाइन शिक्षा पर अभिभावकों ने व्यक्त किये विचार, दिये सुझाव

ऑनलाइन शिक्षा पर अभिभावकों ने व्यक्त किये विचार, दिये सुझाव

प्रयागराज। 'ऑनलाइन शिक्षा और बच्चों का हित, सुरक्षित' विषय पर सोमवार को ऑनलाइन सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें अभिभावकों ने अपना अनुभव साझा किया और सुझाव दिये। आर्य कन्या महाविद्यालय द्वारा आयोजित सेमिनार में अभिभावकों का कहना था कि शिक्षक तो कक्षाएं लेकर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन बच्चे लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। अधिकांश अभिभावकों का दर्द था कि ग्रामीण अंचल में इन्टरनेट की सुविधा पूरी न होने तथा नेटवर्क न होने के कारण विद्यार्थी कक्षाओं से जुड़ नहीं पा रहे हैं और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। 

अध्यक्ष, शासी निकाय पंकज जायसवाल ने कहा कि शिक्षकों के साथ अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा और महाविद्यालय विभिन्न विषयों के व्याख्यान और सेमिनार के माध्यम से छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रयास कर रहा है। प्राचार्या, डॉ. रमा सिंह ने कहा कि कोविड काल में भी शिक्षक ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से छात्राओं से तारतम्य बनाकर चल रहे हैं। यद्यपि, इन्टरनेट की असुविधा को ध्यान में रखते हुए यदि कोई विद्यार्थी अपनी समस्या का समाधान करना चाहे तो कोविड के नियमों का पालन करते हुए, अनुमति प्राप्त करके महाविद्यालय खुलने पर शिक्षकों से सीधा सम्पर्क कर सकता है। 

 उन्होंने कहा कि छात्राओं के हित के लिए भविष्य में उनके द्वारा क्या कैरियर चुना जाए, इसके लिए कैरियर काउन्सिलिंग के कार्यक्रम भी कराए जायेंगे। अधिकांश अभिभावकों ने समय-समय पर हो रहे विभिन्न विषयों के व्याख्यान व सेमिनार को सराहा। अधिकांश अभिभावक टीकाकरण के प्रति सचेत थे, उन्होंने कहा कि जुलाई में महाविद्यालय आने पर यह जरूर चेक किया जाये कि विद्यार्थी को टीका लगा है।कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अभिभावक संघ की संयोजिका डॉ. इभा सिरोठिया, स्वागत डॉ. ममता गुप्ता व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रंजना त्रिपाठी ने किया।

इस अवसर पर दयाराम यादव, विशेष मिश्रा, मीनाक्षी पटेल, राम अभिलाष, नीरज यादव, मीरा देवी, रेखा जायसवाल, प्रेमचन्द्र, चन्द्रशेखर सिंह आदि अभिभावकों की भागीदारी के साथ डॉ.रेनू जैन, डॉ.मधुरिमा वर्मा, डॉ.कल्पना वर्मा, डॉ.सुधा सिंह, डॉ.नीलांजना जैन, डॉ.चित्रा चौरसिया, डॉ.अवधेश कुमार आदि शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।