ओलंपिक में पदक होना चाहिए भारतीय हॉकी टीम का लक्ष्य : वासुदेवन भास्करन

ओलंपिक में पदक होना चाहिए भारतीय हॉकी टीम का लक्ष्य : वासुदेवन भास्करन

नई दिल्ली। हॉकी लीजेंड एवं पूर्व भारतीय कप्तान वासुदेवन भास्करन ने कहा है कि उन्हें कोई शक नहीं है कि भारतीय टीम टोक्यो ओलंपिक में पदक जीत सकती है। अगर भारतीय पुरूष हॉकी टीम को अपने गौरवशाली अतीत को फिर से वापस लाना है तो उसे टोक्यो ओलंपिक में सिर्फ भाग लेकर संतोष करने के बजाय पदक जीतना होगा। पूर्व कप्तान ने टीम को अपना मनोबल बनाये रखने की सलाह दी। उन्होंने हॉकी इंडिया के पोडकस्ट श्रृंखला ‘ हॉकी ते चर्चा ’ के दौरान कहा, “ पुरुष टीम सच में अच्छा खेल रही है। मैं उन्हें यही सलाह देना चाहूंगा कि वे आत्मविश्वास बनाए रखें। हर खिलाड़ी ने यहां तक ​​पहुंचने के लिए मुश्किल रास्ता तय किया है। सात-आठ खिलाड़ियों का यह पहला ओलंपिक होगा और मुझे लगता है कि वे सिर्फ ओलंपियन के तमगे से खुश नहीं होंगे, बल्कि उनका लक्ष्य पदक जीतना होना चाहिए। पदक प्राप्त करना तभी संभव है जब टीम में हर कोई यह माने कि वह पदक विजेता टीम हो सकती है। खिलाड़ियों को मन में यह बैठाना होगा कि उनकी टीम शीर्ष तीन टीमों में से एक के तौर पर अभियान खत्म करेगी।”

इस दौरान भास्करन ने अमेरिका को हराकर ओलंपिक टिकट हासिल करने वाली भारतीय महिला टीम के बारे में कहा, “ इस टीम ने मजबूत इच्छा शक्ति से अपना स्थान बनाया है और अब उन्हें टोक्यो ओलंपिक में शीर्ष में चार रहने पर ध्यान देना चाहिए। हम जब 1980 मास्को ओलंपिक में खेल रहे थे, तब महिला हॉकी को शामिल किया गया था और उस वक्त भारतीय टीम कांस्य पदक जीतने से चूक गयी थी। ” उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम ने भास्करन के नेतृत्व में भी 1980 में माॅस्को ओलंपिक में आखिरी बार स्वर्ण पदक जीता था।