सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है निगम में बैठी भाजपा : आप

सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है निगम में बैठी भाजपा : आप

नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने कहा कि दिल्ली नगर निगम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पिछले 15 वर्षो से सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है। आप के वरिष्ठ नेता दुर्गेश पाठक ने आज एक बयान जारी कर कहा कि भाजपा वर्ष 2003 तक नियुक्त 200 कर्मचारियों को नियमित करने की बात कर रही है। जबकी पहले ही हजारों सफाई कर्मचारी नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। भाजपा ने निगम के सफाई कर्मचारियों से आजतक जितने भी वादे किए हैं, जितनी भी याजनाओं का जिक्र किया है, उनमें से एक भी लागू नहीं किया है। जिन सफाई कर्मचारियों ने दम तोड़ दिया उनके आश्रित स्थायी नौकरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन उनका इंतजार अभी तक खत्म नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पिछले 15 वर्षो से सफाई कर्मचारियों का शोषण कर रही है। उन्हें वेतन नहीं देती है, उनके हक की योजनाओं से उन्हें वंचित रखती है, झूठे वादे करती है। यहां तक कि वह अपने कर्मचारियों को यह कहकर निकाल देती है कि ‘अब हमें आपकी जरूरत नहीं है’। श्री पाठक ने कहा, अब भाजपा कह रही है कि वर्ष 2003 तक नियुक्त 200 कर्मचारियों को नियमित करने जा रही है। जबकि वर्ष 2003 तक दिहाड़ी पर काम करने वाले कई हजार सफाई कर्मचारी पिछले 20 सालों से नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। तो जब हजारों कर्मचारी पहले ही कतार में हैं तो भाजपा सिर्फ 200 कर्मचारियों को नियमित करने की बात क्यों कर रही है? बाकी हजारों कर्मचारियों का क्या? मुझे तो लगता है कि सफाई कर्मचारियों को गुमराह करने के लिए भाजपा की यह एक नई चाल है।

भाजपा सिर्फ लोगों को ठगना और गुमराह करना ही जानती है। उन्होंने कहा, भाजपा नेताओं ने बार-बार अपने निगम के 2017 के चुनावी संकल्प-पत्र में, बजट भाषणों में और संवाददाता सम्मेलनों में सफाई कर्मचारियों के कल्याण की घोषणाएं की हैं। लेकिन उनमें से एक भी लागू नहीं की हैं। सफाई कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की, उनको वर्दी और सफाई के आधुनिक उपकरण मुहैया कराने की, प्रत्येक वार्ड में उनके लिए रेस्ट-रूम स्थापित करने की, मुफ्त स्वास्थ्य बीमा इत्यादि अनेकों योजनाओं की घोषणाएं की हैं लेकिन अभी तक एक भी घोषणा लागू नहीं की है। सफाई कर्मचारियों के कई सालों से सेवानिवृत्ति लाभांश, सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को लागू करना, डी.ए बोनस तथा कई प्रकार के बकाया एरियल का भुगतान नहीं हुआ है।