'पब्लिक प्लेटफ़ॉर्म'

by Pratima Jaiswal

फीचर्स डेस्क। आने को तो वह गाँव आ गये थे, पर मन बिल्कुल झल्लाया हुआ था। अक्सर वो इस बात का लेखा जोखा करते रहे हैं कि माँ बाप का विरोध करके, जवानी में, ये पढ़ी लिखी पत्नी लाने का निर्णय कर के उन्होंने सही किया था या गलत ... कि अगर अनपढ़ रही होती तो उनकी हर बात को आज्ञा की तरह मानती, थोड़ा साड़ी गहना पा के खुश हो जाती न कि Read more...

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by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। देवसखी के  सुंदर और पवित्र संबोधन के साथ साथ वह तमाम खत वह तमाम पँक्तियाँ मैन बखूबी महसूस की औऱ आत्मसात भी रहेगी सदियो तक अब न मिलन की चाह औऱ न ही गुफ़्तगू की आरज़ू सुनो पर वह  तुम्हारा  गंभीर मज़ाक बेहद अच्छा था। और Read more...

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by Shivangi Agarwal

फीचर्स डेस्क।  आज फिर तुमने एक गहरा सवाल खड़ा कर दिया मेरे सामने.."तुम खुद को मेरी नज़र से देखना चाहती हो" वैसे तो ये फ़िल्मी सा सवाल है, जिसका जवाब भी मैं फ़िल्मी तरीके से दे सकता था। लेकिन नहीं,, चलो आज तुम्हे हक़ीक़त बताता हूँ, चलो आज बताता हूँ कि "तुम मेरी नज़र से Read more...

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by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। खूबसूरत नक्काशीदार गमले में उगा गेंदे का पौधा हवा में लहलहा रहा था।  अचानक हवा के तेज झोंके के साथ वह बाहर की ओर झुक गया। वह चौंक पड़ा, बाहर नाली के किनारे पर उसके ही जैसा एक और गेंदे का पौधा लहलहा रहा था। "अरे ! तुम तो बिलकुल मेरी तरह दिखते हो ! लेकिन यहाँ, इस नाली मे Read more...

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by Shivangi Agarwal

मोहब्बत का हक तुम अदा क्या करोगे बेवफा हो बहुत तुम वफा क्या करोगे। दिया है जो तुमने मुझे दर्द इतना मेरे जख्में दिल की दवा क्या करोगे। सताया है मुझको तुमने जो इतना अब इससे भी ज्यादा खता क्या करोगे। खुदा से भी ज्यादा तुम्हें मैंने माना हमारे लिए तुम दुआ क्या करोगे। कभी पास मेरे तु Read more...

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by Shivangi Agarwal

फीचर्स डेस्क। वसु अक्सर कह  देती थी  देव को तुम्हें क्या फर्क पड़ता है मेरे होने या न होने का। और देव हँस कर टाल देता उसकी बात। दोनों ढ़ाई साल पहले एक  समारोह में मिले थे। साधारण सी वसु किताबो में खोई हुई थी, एक खनकति मर्दानी आवाज से वह बरबस  निगाहें ऊपर कर ली।  वह शख्श किसी किताब को पूछ रहा था । Read more...

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