'पब्लिक प्लेटफ़ॉर्म'

by Focus24 team

गज़ब की ऊर्जा थी उनमें भी, केवल कहने भर से कटा देते थे सर, न रहा मौत का डर और ना ही जीवन का मोह, बस सोच थी इतनी लड़ेंगे भारत मां के लिए, जिएंगे वतन के लिए, बेटे थे वे भारत मां के, अंग्रेजों से आजाद कराने अपनी धरती को दे दी अपनी जान, क्या हिन्दू, क्या मुसलमान, क्या सिख, क्या ईसाई, सबका बस एक धर्म, जिएंगे इस देश क Read more...

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by Focus24 team

जन्मा था पंजाब में एक शेर, जिसने न देखा बचपन, न देखी जवानी, हुआ बड़ा, देखी अंग्रेजों की कारस्तानी। हरकतें देख अंग्रेजी हुकुमत लगी डोलने, कोई कहता "भगत", कोई कहता "पंजाब दा शेर"। नाबालिगपन में ही मौत से लड़ने बनाई युवाओं की टोली, लूट ली पूरी ट्रेन, खरीद ली अंग्रेज़ो से लड़ने को बंदूक और गोली। कौन थे पै Read more...

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by Focus24 team

किस रूप में निहारूँ ये समझ में न आया , जिसमें भी मैने देखा सब में तुझे ही पाया । सूरज की रश्मियों से जब तीव्र तेज चमके , उनके उजास में भी तेरा दिव्य रूप दमके । बदली की ओट लेकर जब इंद्रधनुष झाँके , तब शुभ्र तेरी आभा रंग दे मुझे भी आके । Read more...

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कौन है? जो उभरता है हरदम कल्पना में बार - बार? क्यों देना चाहता है अपनी प्रेरणा का अद्भुत उपहार? ढूँढ़ रही हूँ कब से उसे झोंपड़ी और अट्टालिकाओं में , भटक रही हूँ कहाँ - कहाँ अनदेखी अनजानी राहों में , देखना मुझको है कि मिलती है झलक कब एक बार | कौन है? जो उभरता है हरदम कल्पना में बार - बार | क्या हुआ ? जो समय मेरा मे Read more...

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by Focus24 team

कौन है जो इस हृदय की वेदना को समझ पाए ? बढ़ रहे हैं नित्य कुछ खामोश पल के दीर्घ साए | याद अपनी छोड़कर जाने कहाँ वह खो गया है ? लौटकर आएगा कब जो दूर दिल से हो गया है ? कौन है जो उन सुनहरे पलों को ले करके आए ? कौन है जो इस हृदय की वेदना को समझ पाए ? है कहाँ अदृश्य अब वह आज मुझसे दूर होकर ? पूछती हैं हर निगाहें Read more...

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