'City Hotel & Restaurant'

by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। कैसे भूल जाऊँ मैं तुम्हारे प्रेम पगे हाथों की ख़ुशबू  एवम उसका स्पर्श ,और उससे स्पर्शित वस्तुओं की तुलना मैं किससे करूँ?  वो हवा के झौंके भी उस तरह नहीं रहे जैसे तुम्हारे होने पर थे,मन्द मन्द शीतल स्पर्श तुम्हें छूकर जब मुझतक आता था तो मेरे मन की व्यग्रता शान्त हो असीमानंद का अनुभव करती थी,ले Read more...

h h h h h h h h h hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh h h h h h h h h h h hhhhhhhhhh

by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। जीवन का श्रृगार बन उठे, यह पथ का अंगार सतरंगी हंस पड़े हंसी, यह सपनों का संसार। कष्ट कंटको में चल लूगीं, तूफानों में भी पल लूगीं।   साथ विवशता को लेकर म Read more...

h h h h h h h h h hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh h h h h h h h h h h hhhhhhhhhh

by Focus24 team

मेरठ सिटी। सिटी के आईआईएमटी विश्वविद्यालय मेरठ में देश - विदेश (रूस, भूटान, सिक्किम, मारीशस, बांग्लादेश, इथोपिया, नेपाल आदि) से आए ख्यातिलब्ध साहित्यकारों के उपस्थिति में  "ग्रीन केयर सोसाइटी मेरठ" की तरफ से तीन दिवसीय आयोजित "क्रांतिधरा मेरठ साहित्यिक महाकुंभ" का समापन किया गया। इस इवेंट में भा Read more...

h h h h h h h h h hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh h h h h h h h h h h hhhhhhhhhh

by Pratima Jaiswal

बीकानेर सिटी। मानव जीवन की वास्तविकता को अपने अंदर समेटे हुए "भगवतीचरण वर्मा" का उपन्यास "तीन वर्ष " 1936 में प्रकाशित हुआ। इस उपन्यास में भगवती बाबू ने आधुनिक समाज का चित्रांकन किया है। इसमें वह संसार चित्रित है जिसमें आज का मनुष्य जीवित है। आधुनिक व्यवस्था ने मनुष्य के अन्दर जो अर्थ- पिपासा भर दी ह Read more...

h h h h h h h h h hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh h h h h h h h h h h hhhhhhhhhh

by Ananya Rawat

प्रयागराज सिटी। चुनावों का दौर शुरू है। तमाम पार्टियां अपने को जनता का सबसे बढ़िया हितैषी साबित करने पर अड़ी हैं। इस कारण वे आपस में एक दूसरे के लिए कितने कटु वाक्युद्ध कर जाते हैं भगवान बचाए। जहाँ सत्तर साल बाद सत्ता में आकर जनता में नवीनता का विकास सुख देने के वादे। वहीं दूसरी ओर विगत में हुई लूटपाट और गलतियों के लिए Read more...

h h h h h h h h h hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh h h h h h h h h h h hhhhhhhhhh

by Focus24 team

varanasi city. Read more...

h h h h h h h h h hhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh h h h h h h h h h h hhhhhhhhhh