'कहानी'

by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। एक गावॅ में तीन सहेलियां थी ।तीनो ही बहुत सुन्दर थी। पढी लिखी होने से उनकी जिन्दगी आसान थी तीनों का पेशा डाक्टर थी और तीनो की एक दात रोटी टूटती थी। कहीं भी जाओ तीनो साथ रहती थी। गाव के लोग ने तीनों के नाम रख छोड़ा था। और किसी एक का नाम न लेकर तीनों को त्रिवेणी कह कर पुकारते थे। Read more...

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by Vineet dubey

लखनऊ। एक गांव में एक जमींदार था। उसके कई नौकरों में जग्गू भी था। गांव से लगी बस्ती में, बाकी मजदूरों के साथ जग्गू भी अपने पांच लड़कों के साथ रहता था। जग्गू की पत्नी बहुत पहले गुजर गई थी। एक झोंपड़े में वह बच्चों को पाल रहा था। बच्चे बड़े होते गये और जमींदार के घर नौकरी में लगते गये। सब मजदूरों को शाम को मजूरी मिलती। जग् Read more...

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by Shivangi Agarwal

लखनऊ। सच्चाई जानने के बाद करवा निश्चय करती है कि वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं होने देगी और अपने सतीत्व से उन्हें पुनर्जीवन दिलाकर रहेगी। वह पूरे एक साल तक अपने पति के शव के पास बैठी रहती है। उसकी देखभाल करती है। उसके ऊपर उगने वाली सूईनुमा घास को वह एकत्रित करती जाती है। एक साल बाद फिर करवा चौथ का दिन आता है। उसकी स Read more...

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by Focus24 team

कानपुर। लोग बताते हैं कि जवानी में वह बहुत सुन्दर स्त्री थी। हर कोई पा लेने की जिद के साथ उसके पीछे लगा था। लेकिन शादी उसने एक बहुत साधारण इंसान से की जिसका ना धर्म मेल खाता था, ना कल्चर, वह सुन्दर भी खास नहीं था और कमाता भी खास नहीं था। बहुत बड़े, रसूखदार और अच्छी पोजीशन वाले अनगिनत रिश्ते उसके पास आये, अनगिनत प्रेम निव Read more...

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by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। शंकर अपने पिता की लगातार सेवा कर रहा था रात उनकी तबियत खराब हो गई वह डा. के पास ले कर गया इधर कई  महीनों से पिताजी बीमार चल रहे थे। शंकर ने डा. से विनती की पिताजी को बचा लिजिये । डा। मुस्कुरा कर बोला -बुढ़ापे का क्य Read more...

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by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। अकबर परेशान थे। इधर-उधर टहल रहे थे। आख़िर बीरबल ने पूछ ही लिया, "महाराज, किस बात की चिंता है? उन्होंने कहा कि बीरबल, मैं महाप्रतापी राजा हूं। मुझ जैसा प्रतापी न कोई आया है, न आएगा। मैं चोरों को प्रश्रय नहीं देता। फिर भी मुझे पता चला है कि जनता टैक्स के रूप में जो धन हमें देती है, वो पूरा हमा Read more...

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