'कहानी'

by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। अकबर परेशान थे। इधर-उधर टहल रहे थे। आख़िर बीरबल ने पूछ ही लिया, "महाराज, किस बात की चिंता है? उन्होंने कहा कि बीरबल, मैं महाप्रतापी राजा हूं। मुझ जैसा प्रतापी न कोई आया है, न आएगा। मैं चोरों को प्रश्रय नहीं देता। फिर भी मुझे पता चला है कि जनता टैक्स के रूप में जो धन हमें देती है, वो पूरा हमा Read more...

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by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। आगरा में एक शाम हर रोज की तरह तंग और बदनाम गलियों में शाम से ही 'रंगीन रातों ' का आगाज हो चुका था। कोठों से श्रृंगार रस की स्वर लहरियाँ उठ रहीं थीं । ऐसी ही गली से दैववश साधारण वस्त्रों में एक असाधारण पुरुष गुजर रहा था। साधारण नागरिकों के वस्त्रों में भी उसके चेहरे की आभा उसके तपस्वी व्यक्तित्व होन Read more...

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by Shikha singh

फीचर्स डेस्क।  समृतियों के पन्नों से धूल हटाई तो याद आया उस प्यारी सी हंसमुख बच्ची का चेहरा।  मेरी पहली नियुक्ति बतौर प्राध्यापिका अंग्रेजी , रा. व. क. वि. सिवानी मंडी में 7.7.1998 को हुई थी । मुझे देखने कौतूहल वश लड़कियाँ मेरे इर्द गिर्द इक्कट्ठी हो गईं थी । आधी छुट्टी का समय था। उन्हीं में एक थी वह।  Read more...

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by Admin

varanasi city. Read more...

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by Focus24 team

वाराणसी सिटी. Read more...

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by Focus24 team

कानपुर सिटी। एक बार एक बिज़नेसमैन जो कल तक एक सफल उद्धोगपति था अचानक किसी परेशानी से उसका बिज़नेस डूब गया और उस पर बैंक का कर्ज़ा भी हो गया और अब उसके पास कोई चारा नहीं बचा था। बैंक और सारे लेनदार उसे लगातार पैसे की भरपाई के लिए बोल रहे थे। अब तो उसे अपनी जिंदगी अंधेरे में नज़र आ रही थी।  एक बार सुबह पार्क में घूमत Read more...

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