'स्टोरी'

by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। शुक्राचार्य समस्त शास्त्रों और नीतियों के ज्ञाता होने के साथ समस्त सिद्धियों से भी विभूषित थे। शुक्राचार्य राजनीति में भी प्रवीण थे। उन्होंने व्यक्ति विशेष के जीवन यापन के लिए अनेक नीतियाँ बताई है जिनको यदि व्यक्ति जीवन मे उतार लें तो कभी भी दुःखी हो ही नहीं सकता। न कभी जीवन के किसी भी विकट मोड़ पे भी असफल Read more...

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by Pratima Jaiswal

फीचर्स डेस्क। अहंकार जीव को जीवन में कभी आगे बढ़ने नहीं देता। अहंकार को दो प्रकार का बताया गया है। पहला वास्तविक अहंकार और दूसरा मिथ्या अहंकार। आपको बता दें कि मिथ्या अहंकार, मधु अर्थात शहद के समान होता है। शहद के दो गुण होते हैं। जिसमे पहला गुण  शहद बहुत मधुर होता है और दूसरा गुण जो बहुत लोग नहीं जानते होंगे वो यह है कि Read more...

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by Focus24 team

कानपुर सिटी।  धार्मिक ग्रंथों के अनुसार अच्छी सेहत और प्रसन्न तन-मन के लिए कुछ उपयोगी टिप्स दैनिक व्यवहार में लाकर आप एक सुंदर एवं स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।  सूर्योदय से पूर्व उठने की आदत डालें, इससे सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है जो तन, मन और मस्तिष्क को शांत करती है।  प्रात: काल आसपास Read more...

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by Focus24 team

कानपुर सिटी। नवरात्री आने को कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में कहा जाता है कि मां दुर्गा साल में एक बार अपने मायके आती हैं और वह अपने मायके में पांच दिन रुकती हैं, जिसको दुर्गा पूजा के रूप में मनाया जाता है। कहा जाता है कि मां दुर्गा मायके से विदा होकर जब ससुराल जाती हैं, तो सिंदूर से उनकी मांग भरी जाती है। साथ ही दुर्गा मां Read more...

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by Focus24 team

कानपुर सिटी। सबरीमला मंदिर को मक्का-मदीना के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तीर्थ स्थल माना जाता है। सबरीमला में हर साल करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। धार्मिक और पौराणिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सबरीमला मंदिर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से 175 किमी दूर पंपा में स्थित है। सबरीमाला मंदिर&nbs Read more...

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by Jyoti Patel

कानपुर सिटी। एक बार आषाढ़ माह की गर्म दोपहर के समय भगवान बुद्ध अपने शिष्यों के साथ भ्रमण पर जा रहे थे। जिस रास्ते से होकर जा रहे थे उस रास्ते में कहीं पेड़ भी नहीं थे। चारों तरफ बस रेत ही रेत देखने को मिल रही थी । ऐसे में रेत पर चलने के कारण उनके पैरों के निशान बनते जा रहे थे। चलते जा रहे थे कि अचानक शिष्यों को दूर एक प Read more...

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