'स्टोरी'

by Renu mishra

कानपुर सिटी। पौराणिक काल में एक थी लड़की जिसका नाम था वृंदा। उसका जन्म राक्षस कुल में हुआ था। वृंदा बचपन से ही भगवान श्री विष्णु जी की परम भक्त थी। वह बड़े ही प्रेम से भगवान श्री विष्णु जी की पूजा किया करती थी। जब वह बड़ी हुई तो उसका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया,जलंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ राक्षस था। वृ Read more...

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by Focus24 team

कानपुर सिटी। पुराणों को पढ़े तो कई देवी-देवता का जिक्र अलग-अलग तरीके से किया गया है। कुछ इसी तरह से माता छिन्नमस्ता देवी का भी जिक्र है। बता दे कि इनको चिंतपूर्णी माता भी कहा गया है। आपको इनके बारे में शिव पुराण और मार्कण्डेय पुराण में पढ़ने को मिल जायेगा। दरअसल, देवी चंडी ने राक्षसों का संहार कर देवताओं को विजय दिलायी। क Read more...

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by Abhishek seth

नई दिल्ली। महाभारत का हर एक पात्र स्वयं में अद्भुत है। उनकी क्षमताओं को वाक्यों एवं शब्दों के जरिए बता पाना सहज नहीं है। महाभारत के हर एक पात्र भावनाओं में डूबा हुआ है। जिसमें प्रेम, त्याग, तपस्या, ममता आदि देखने को सहज तरीके से ही मिल जाता है। मदर्स डे के मौके पर आज हम आपको महाभारत के उन माताओं के बारे में बता रहे जिन्होंने अपने पुत्रों के लिए अद्भुत बलिदान दिए। Read more...

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by Focus24 team

कानपुर। जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान विष्णु दुष्टों का अंत कर धर्म की स्थापना के लिए अवतार लेते हैं। पुराणों के अनुसार, कलयुग के अंत में भगवान विष्णु एक और अवतार लेंगे। भगवान का यह अवतार कल्कि के रूप में प्रसिद्ध होगा। श्रीमद्भागवत-महापुराण में भगवान के कल्कि अवतार का वर्णन एक श्लोक में किया गया है। आज हम हमक Read more...

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by Focus24 team

नई दिल्ली। भगवान विष्णु दशावतारी हैं। वे समय समय पर धर्म की स्थापना एवं अधर्म के नाश के लिए इस धरती पर अवतार लेते रहे हैं। कालांतर में एक समय ऐसा भी रहा, जब भगवान विष्णु को एक ही परिवार के लिए तीन अवतार लेने पड़े थे।  सतयुग में हिरण्याक्ष और हिरण्यकश्यप नाम के दो राक्षस उत्पन्न हुए। हिरण्याक्ष को देवी देवताओं से नफरत थी। उसने धरती पर चारों ओर गन्दगी फैला Read more...

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by Jyoti Patel

कानपुर सिटी। देवी पार्वती हिमनरेश हिमवान और उनकी रानी मैनावती की पुत्री हैं। पार्वती जी का विवाह भगवान शंकर से हुआ है। इन्‍हें पार्वती के अलावा उमा, गौरी और सती सहित अनेक नामों से जाना जाता है। माता पार्वती प्रकृति स्वरूपा कहलाती हैं। किंवदंतियों के अनुसार पार्वती के जन्म का समाचार सुनकर देवर्षि नारद हिमालय नरेश के Read more...

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