बसंत पंचमी सरस्वती पूजा कल, जानें इस फेस्टिवल का महत्व

Slider 1
« »
9th February, 2019, Edited by Focus24 team

लखनऊ। बसंत पंचमी  का फेस्टिवल कल यानी रविवार को मनाया जाएगा। उत्तर भारत के कई स्टेट में बसंत पंचमी र सरस्वती पंचमी  के नाम से जाना जाता है और एक साथ मनाया जाता है। दरअसल, बसंत पंचमी का त्योहार विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की आराधना  की जाती है। शास्त्रों के मुताबिक बसंत पंचमी माघ मास की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे कुंभ में बसंत पंचमी के दिन शाही स्नान भी होगा। माता सरस्वती को ज्ञान, कला और संगीत की देवी कहा जाता है और इस दिन उनकी पूजा की जाती है। बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का बेहद खास महत्व  होता है। इसी दिन लोग पीले कपड़े पहनकर बसंत पंचमी का स्वागत करते हैं।

इस दिन पीले रंग और सरस्वती पूजा का महत्व

आपको बता दें कि बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का बहुत महत्व है, इस दिन पीला रंग बहुत शुभ माना जाता है। पीला रंग मां सरस्वती को बहुत प्रिय भी है। पीले रंग के पीछे दो महत्वपूर्ण कराण माने जाते हैं।

1. बसंत पंचमी पर पीले रंग का पहला महत्वपूर्ण कारण यह कि बसंत को ऋतुओं का माना जाता है। इस दिन सर्दियां के समाप्त होकर मौसम सुहाना होना शुरू हो जाता है और पेड़-पौधों पर नई पत्तियां, फूल-कलियां खिलने शुरू हो जता हैं। सरसों की फसल से धरती पीली नजर आने लगती है। इसी दिन लोग पीले कपड़े पहनकर बसंत पंचमी का स्वागत करते हैं।

2. वहीँ बसंत पंचमी पर पीले रंग का दूसरा महत्वपूर्ण कारण यह है कि मान्यता के मुताबिक बसंत पंचमी के दिन सूर्य उत्तरायण होता है। जिस कारण सूर्य की किरणे पीली दिखती है और यह इस बात का प्रतीक है कि सूर्य की तरह गंभीर और प्रखर बनना चाहिए। इन्हीं दो कारणों की वजह से बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का खास महत्व रहता है।