कैसी ये दुनिया है और कैसे ये लोग...

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5th June, 2019, Edited by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। कुछ लोग आपके ना होकर भी आप पर यक़ीन कर जाते है। कुछ लोग आपके होकर भी आपकी कद्रर नहीं कर पाते है।

कुछ लोग अपने फायदे के लिए आपका साथ देते है। और कुछ लोग बेवजाह आपके होसलोन को उड़ान दे जाते है।

कैसी ये दुनिया है और कैसे ये लोग है। क्या किसी से उम्मीद करे यहा सभी मतलबी और कठोर है।

लगता है ये दुनिया मेरे लिए बनी ही नहीं। मैं किसी और दुनिया में आ गई हू।

पत्थर दिल इन्सानो के बीच समा गई हू। ये कैसा दुनिया का है दस्तूर, जो बचपन में था किया करता प्यार वो बडा होते ही प्यार का नाम तक गया भूल।

इस से अच्छा तो हम छोटे ही सही थे, कम से कम अपनों के बीच तो रहे थे। जो 'सही मायने में हमसे प्यार करते थे, जो हमारी खुशी में हंसते थे,  और हमारे दुख में रोया करते थे।

अब हम किसे अपना कहें और किसे पराया कहें, सब आपके गम में हंसते है और खुशियां में जला करते है और एक दूसरे को नीचा दिखाने का मौका ढूंढा करते है।

लगता है ये दुनिया मेरे लिए बनी ही नहीं। मैं किसी और दुनिया में आ गई हू। पत्थर दिल इन्सानो के बीच समा गई हू।

मैं अक्सर सोच में पढ़ जाती हूँ के आख़िर मेरा अस्तिव क्या है। क्या मेरा जीवन सिर्फ़ ताने खाने के लिये बना है।

इन छोटे से दिल के हज़ारो अरमानो को आंखो से बहा देती हू। मुझे ऐसा लगता है के मैं हर रोज लडकी होने का कर्ज चुका देती हू।

जिसे देखो अपनी हुकुमत चलाकर चला जाता है, अपना बडे होने का एहसान जता जाता है।

पूरा दिन निस्वार्थ काम करती है, फिर भी तुमने किया क्या है अकसर यही सुना करती है।

मुझे भगवान् जी से है एक गिला, उन्होंने दुनिया तो बना दी लेकिन लडकी की कदर करने वाला उन्हें कोई ना मिला.

लगता है ये दुनिया मेरे लिए बनी ही नहीं। मैं किसी और दुनिया में आ गई हू। पत्थर दिल इन्सानो के बीच समा गई हू।

कंटेंट सोर्स : अमिता जुनेजा, चंडीगढ़ सिटी.