Diwali Special: दिवाली को लेकर बहुत सी हैं मान्यताएं, आप भी जानें!

Slider 1
Slider 1
« »
1st November, 2018, Edited by Pratima Jaiswal

लखनऊ सिटी। हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण त्यौहार दिवाली 7 नवम्बर को है।कहा जाता है श्री राम जब अयोध्या वापस आये थे तो उनके स्वागत में लोगों से दीपक जलाया था।तभी से यह त्यौहार मनाया जानें लगा।कहते हैं लोग दिये जलाकर अपने घर में फैले अंधकार को मिटाते है।दिवाली से पूर्व ही दिवाली की तैयारी शुरू हो जाती है। घर की साफ़ सफाई, घर को नए रंग में रंगना, बाजार तैयारी लोग शुरू कर दिए हैं, ताकि आखिरी समय में कोई चीज़ अधूरी न रह जाए।

दिवाली को लेकर बहुत सी मान्यताएं है। नार्थ इंडिया में ये मान्यता है, अयोध्या के राजा दशरत के पुत्र श्री राम जी 14 वर्ष के वनवास के बाद अपने राज्य लौटे थे। लोगों ने उनके आगमन पर घी के दिये जलाकर उनका स्वागत किया और इस तरह दिवाली का ये त्योहार मनाया जाने लगा। जबकि साउथ इंडिया में दिवाली एक दिन पहले मनाई जाती है, नरकासुर राक्षस की वध की ख़ुशी में।

भगवान श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर का वध हुआ और अंधकार से जूझ रहे राज्य में खुशहाली आई।दिवाली से एक दिन पहले धनतेरस मनाई जाती है और अगले दिन गोवर्धन पूजा और भाईदूज।दिवाली वाले दिन घर की साफ सफाई करने के बाद दिये और तरह तरह की रंग बिरंगी लाइटों से घर को सजाया जाता है।गणेशजी और लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है, ताकि घर में सुख समृद्धि बनी रहे।  इसके बाद अपने पड़ोसी और रिश्तेदारों में मिठाई बाटी जाती है और तोहफे भी।

बता दें कि बाज़ार में फेस्टिव कलेक्शन आने के साथ दिवाली की तैयारी शुरू हो गई है।सिटी के परिवार के साथ बाज़ार और मॉल्स में शॉपिंग करने जा रहे है।अपने और अपने परिवार वालों के लिए तोहफे लेने के लिए बाजार में लोगो की धूम लगी है।कपड़ों की शॉपिंग के साथ साथ घर सजाने की भी शॉपिंग हो रही है।लाइट ,कंडेल सब मार्किट आ चुके हैं।