वास्तु स्पेशल : जानें, आपके घर का बाथरूम कैसा होना चाहिए

Slider 1
Slider 1
Slider 1
Slider 1
« »
15th December, 2016 - 9:22 PM, Edited by

मुंबर्ई। सुबह उठ कर व्यक्ति सबसे पहले बाथरूम का इस्तेमाल करता है और यदि वहां पॉजिटिव एनर्जी न हो तो वहां से निकल कर दिनभर वो नकारात्मक विचारों से ग्रसित रहता है। जीवन क्रिया का सबसे जरुरी हिस्सा है घर का बाथरूम इसीलिए बाथरूम वास्तु अनुसार होना बहुत ही जरुरी है। आजकल बाथरूम और शौचालय साथ बनने लगे हैं जो कि वस्तुशास्त्रानुसार एकदम गलत हैं। मगर आज जो फैशन चली है तो दुनिया फैशन को सर माथे पर रखें हैै।

जहां तक हो सके बाथरूम से शौचालय अलग रखें और यदि साथ बनाना ही हो तो बाथरूम के वायव्य कोने में  शौचालय बनायें। ये बाथरूम के एकदम बीच में न बनाये। इससे नकारात्मक ऊर्जा निकलती है जो सीधा मस्तिष्क को हानि पहुँचाती है। 

ऐसा होना चाहिए आपका बाथरूम 

1.बाथरूम घर के पश्चिम भाग में या वायव्य में होना चाहिए।

2.बाथरूम में शौचालय बाथरूम के वायव्य कोने में होना चाहिए।

3.बाथरूम में शीशा ऐसा न लगाये जिससे स्नान करते समय या शौच करते समय व्यक्ति का प्रतिबिम्ब दिखे 7ये सर्वथा गलत है।

4.बाथरूम साफ सुथरा और हवादार होना चाहिए।

5.वेंटिलेशन की पूरी व्यवस्था बाथरूम में होनी चाहिए।

6.बाथरूम और शौचालय के बीच पर्दा  होना चाहिए।

7.बाथरूम को और पॉजिटिव बनाने के लिए उसकी उत्तर दिशा में पीले फुल लगाना चाहिए।

8.बाथरूम में गीजर आग्नेय कोण में होना चाहिए।

9.बाथरूम में पानी निकास के लिए नाली उत्तर या पूर्व की तरफ होनी चाहिए।

10.बाथरूम में नहाने के नल दक्षिण के आलावा कोई भी दिशा में चलता है ।

11.शौचालय की सीट का मुख उत्तर या पूर्व की और होना चाहिए।

अंजू सोनी 
वास्तु और ज्योतिष सलाहकार 
खामगाँव, महारास्ट्र।