Rip Hawking : मुझे गर्व है लोगों की भीड़ मुझे नहीं मेरे काम को ढूंढने आती है

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15th March, 2018 - 11:00 PM, Edited by Focus24 team

नई दिल्ली। फिजिक्स एक ऐसा सब्जेक्ट है, जिसमें अच्छे अच्छे मात खा जाते हैं। ऐसे में आर्थिक तंगियों से जूझते हुए ब्रिटेन के एक लड़के ने फिजिक्स से पीएचडी किया। और आगे चलकर संसार में एक महान ब्रह्मांड विज्ञानी के नाम से प्रसिद्ध हुआ। उस इंग्लैंड वासी का नाम स्टीवन विलियम हॉकिंग है। 
हॉकिंग आज हमारे बीच नहीं रहे। लेकिन उनके कार्यों और विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान को समस्त संसार याद रखेगा।
प्रारंभिक जीवन
स्टीवन हॉकिंग का जन्म 8 जनवरी 1942 को फ्रेंक और इसाबेल हॉकिंग के घर में हुआ। परिवार वित्तीय बाधाओं के बावजूद, माता पिता दोनों की शिक्षा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में हुई जहाँ फ्रेंक ने आयुर्विज्ञान की शिक्षा प्राप्त की और इसाबेल ने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया।
वे दोनों द्वितीय विश्वयुद्ध के आरम्भ होने के तुरन्त बाद एक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में मिले जहाँ इसाबेल सचिव के रूप में कार्यरत थी और फ्रेंक चिकित्सा अनुसंधानकर्ता के रूप में कार्यरत थे।
साइंस में योगदान
हॉकिंग ने "ब्लैक होल" और "बिग बैंग सिद्धांत" को समझने में अहम योगदान दिया।
ब्रह्मांड के खोले रहस्य
हॉकिंग ने ब्रह्मांड के कई रहस्यों से पर्दा उठाया। उन्होंने इनपर कई रिसर्च किए। इन्होंने अपने शब्दों में साफ कहा है कि मुझे गर्व है, जब लोगों की भीड़ मुझे नहीं मेरे काम को जानना चाहती है। इससे मुझे अत्यंत खुशी मिलती है।