पहला प्यार

Slider 1
« »
6th October, 2019, Edited by Focus24 team

फीचर्स डेस्क। मेरी हर इबादत रंगीन लगने लगी, आने से तुम्हारे जिन्दगी संवरने लगी।

तेरे आने से पहले हर राह सीधी थी, ना जाने ये जिन्दगी अब किधर मुड़ने लगी?

 तेरे प्यार मे दिनोदिन दीवानगी बढती है, भूख लगे ना प्यास बस तेरी चाहत पलती है।

तेरे जिस्म की खूसबू मे ये रूह मिलती जाती है, तेरे आने की खुशी मे ये आँखें नम सी लगने लगी।

ना जाने ये जिन्दगी अब किधर मुडने लगी? तुझ को बाहों मे भरने की अब ख्वहिसें जागती हैं।

देख कर तुम्हारी प्यारी सूरत मैन मे उमंगे भागती हैं, रिमझिम सी बारिश जब पेड़ों पर गिरने लगीं।

तब पत्तों पे गिरि मुझे शबनम सी लगने लगीं, ना जाने ये जिन्दगी अब किधर मुडने लगी?

महज एक कल्पना मे प्यार का एहसास, जब की सच्चाई तो ये है कि खुशियों से नाराज है मेरी जिन्दगी।

प्यार की मोहताज है मेरी जिन्दगी, हँस लेती हुँ लोगों को दिखने के लिये वरना दर्द की किताब है मेरी जिन्दगी।

कंटैंट सोर्स :  सावित्री मिश्रा, झारसुगुड़ा ,ओडिशा।