... जब पापा बोले- अब बता इंग्लिश मीडियम वाले स्टूडेन्ट से कम है मेरी बेटी !

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16th June, 2019, Edited by Shivangi Agarwal

फीचर्स डेस्क। मेहनत से की हुई कमाई की खशुबु ही अलग है ये मेरे पापा के सिधांत हैं। सादा जीवन उच्च विचारों वाले व्यक्ति है। मैंने उनसे सत्य और सटीक बोलना ,हर हाल में खुश रहना ,अपने उद्देश्यों पर खरा उतरना, हिम्मत न हारना, मुश्किलो का डटकर सामना करना सीखा है। मैं घर की सबसे छोटी हु तो पापा की लाडली हु सबसे ज्यादा प्यार मुझे ही मिलता आया है और डाट भी। पहले लगता था सबसे छोटी हु इसलिए सब मुझे ही डांटते है पर आज हर एक डांट के पीछे का प्यार समझ आता है। मेरा नाम बिंदिया भागनानी है, मैं 25 साल की है। मैं घर में सबसे छोटी ओर पापा की लाडली हूं। मेरे पापा का नाम मोहन भागनानी है। इनकी उम्र 55 साल है। पापा एक बिजनेसमैन है ओर समाज सेवी है। पापा बहुत ही मेहनती सच्चे ईमानदार इंसान है। इन्होंने हमेशा हमे सच्चाई के रास्ते पर चलना सिखाया है। 

बचपन से ही पापा मुझे बेटे की तरह रखते थे। नाम भी घर पर बिट्टू ही है। लड़को की तरह रहना, हेयर स्टाइल से लेकर कपड़ो तक पापा ही मेरा देखते थे। कोई भी मुझे लड़की नही बताता था। सारी शैतानी में करती थी पापा को लोग यही शिकायत करते थे आपके बेटे ने शैतानी की ओर डॉट भईया को लगती थी। आज भी पापा मेरे एकदम दोस्त की तरह ही साथ बैठते है। सारी बातें करते है। परेशानी पूछते है। उन्हें हल करते है। कोई भी गलती पर बहुत ही प्यार से समझाते है। 

सच्चाई पर चलना पापा का सिंद्धांत है वही मेने अपनाया है। में डाट खा लेती हूं पर झूठ नही बोल पाती। बचपन से ही पापा ने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। घर मे आते ही पापा का  सबके बारे में पूछना अपनी परेशानी छुपाकर सबसे मुस्करा कर बात करना। घर का अच्छे से ध्यान रखना न जाने पापा सब कैसे कर लेते है 

मेरी लाइफ का एक टर्निंग पॉइंट जहाँ मेरा खुद पर विश्वास न रहा।  मेरे गाँव मे 12 कक्षा तक हिंदी मिडियम में पढ़ी हुई हूं। 1st year में  पापा ने मेरा दाखिला इंग्लिश मीडियम में BBA कोर्स के लिए करा दिया। सारी इंग्लिश में किताबें देखकर में हैरान थी। पापा ने मुझे पढ़ाया साथ दिया पर क्लास में सारे इंग्लिश मीडियम विद्यार्थीयो को देखकर लगता था मुझे कुछ नही आता । पापा ने बहुत समझाया तुम मेहनत करो उनसे आगे निकल जाओगी पर मैने खुद पर विश्वास खो दिया था इसलिए मैंने BBA का 1st ईयर खत्म करके B. Com में दाखिला ले लिया। 

पापा ने बहुत समझाया साल खराब होगा पर मुझे लगा में BBA में फैल हो जाऊंगी इसलिए B.Com में दाखिला लिया। B.COM 1St year के exam होने ही वाले थे कि BBA का परिणाम आया और मेरे first divison 62% बने। पापा result लेकर मेरे पास आये और मुझे result दिखाकर बोले अब बता इंग्लिश मीडियम वाले स्टूडेन्ट से कम है मेरी बेटी। मेरे आंखों में आंसू थे एक खुशी के की मेरी ओर पापा की मेहनत रंग लायी ओर दुख के भी मेने ना अपने आप पर विश्वास किया ना पापा की बात मानी। पापा ने मुझे गले से लगा लिया और कहा अब साल खराब मत कर BBA 2nd year में addmission ले ले। मेने कहा काफी स्टडी हो गयी होगी। पापा ने कहा मेने प्रिंसिपल से बात की है। काफी subject खत्म हो चुके है। बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी।

मेने कहा में करूंगी मुझे B.Com नही करना है। मेरा फिर से BBA 2nd year me दाखिला हुआ। और मैने बहुत मेहनत करी ओर 72 % बने or class में Top5 में मेरा नाम था। पापा ने मेरा साल खराब होने से बचा लिया और मुझे अपने आप पर विश्वास करना भी सीखा दिया।

आज जब मैने MBA में टॉप किया मुझसे ज्यादा मेरे पापा खुश थे। तब से आज तक मे खुद से ज्यादा पापा को मानती हूं। हर बात पापा से शेयर करना। उनसे सलाह लेना। मैं पापा को दिल से धन्यवाद करना चाहती हु। जिन्होंने मुझे हर कदम पर साथ दिया। सही राह पर चलना सिखाया खुद पर विश्वास करना सबकी मदद करना। प्यार से बोलना बहुत सी बातें सिखायी है। आज मे जो कुछ भी है अपने पापा की वजह से हु। में पापा को लाइफ टाइम साथ दूँगी ..बेटा ,उन्होंने मुझे बचपन मे कहा था वही बेटा बनकर अब में उनका हर कदम पर साथ दूंगी।

Thank u papa आप मेरी दुनिया हो !

ये कुछ बातें जो पापा ने मुझे सिखायी है। जिनको में अमल भी करती हूं।

उंगली पकड़ कर चलना सिखाया

मुसीबतों का सामना करना सिखाया

गोदी में बिठाकर प्यार जताया

हँसकर दुखों का सामना करना बताया

कंधों पर बिठाकर दुनिया दिखाई

हर कदम पर सही राह दिखाई

मेहनत ईमानदारी सच्चाई हमे सिखलायी

बहुत सारी बातें हमने भी अपनायी

मेहनत लग्न से काम है करना

कभी किसी के आगे ना तुम रोना

छोटी को प्यार बड़ो का सम्मान करना

कभी किसी का दिल ना दुखाना

हर काम को दिल से करना

कभी विश्वास तुम ना खोना

जो प्यार से हो जाये सुलझाई

वहां तुम ना करना कभी लड़ाई

इज्जत, संस्कार शिष्टाचार तुम न खोना

चाहे आ जाये परेशानियों का घेरा

हर परेशानी को मुस्करा कर सहना

यह भी टल जाएगी बस यही कहते रहना

हिम्मत कभी तुम न हारना 

हर हाल में बस खुश रहना

परिवार में है मिलजुल कर रहना

कभी किसी पर ना हाथ  उठाना

गुस्से में मन को शान्त रखना

भूलकर भी कोई गलत काम ना करना

जरूरत में सबका साथ देना

प्यार से बोलकर दिल जीत लेना

दुनिया मे आये है एक काम करना है।

सबके दिल मे जगह बनाकर जाना है

आपका बेटा : बिट्टू बेटा...

नोट : यह प्रतियोगिता एमएमसी ग्रुप और फोकस 24 न्यूज़ के सयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।