Independence day special: भारत के इन 2 शहरों में 15 नहीं 18 अगस्त को मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस

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11th August, 2018, Edited by Pratima Jaiswal

कानपुर सिटी। एक भारतीय होने के नाते आपको स्वतंत्रता दिवस कभी नहीं भूलता अगर रस्ते चलते आपसे कोई प्रश्न करे कि स्वतंत्रता दिवस कब मनाया जाता है तो आपका आंसर हो ’15 अगस्त’ । दरअसल, इस दिन को कोई भारतीय नहीं भूल सकता और इस दिन तो पूरा देश जश्न मनाता है क्योकि इसी दिन हमें आजादी मिली थी। लेकिन शायद ही आपको पता हो कि हमारे देश में कुछ सिटी ऐसे भी जो इस जश्न को 15 की जगह 18 अगस्त को सैलीब्रेट किया जाता है। बात थोड़ी अटपटी लगी होगी पर यह सच है कुछ शहरों में 15 अगस्त की जगह स्वतंत्रता दिवस समारोह, जश्न और झंडा फहराने के कार्यक्रम 18 अगस्त को ही किये जाते है।

पश्चिम बंगाल के रामघाट और कृष्णानगर

बता दें कि इंडिया के पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में स्थित रामघाट और कृष्णानगर भारत की दो ऐसी छोटे शहर हैं जहां स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को नहीं बल्कि 18 अगस्त को सैलीब्रेट किया जाता है। अब आप कह सकते हैं ऐसा क्यों है तो बता दें रामघाट और कृष्णानगर पुरे भारत से अलग अपना स्वतंत्रता दिवस मनाने की पीछे एक बड़ा और कारण है।

18 अगस्त को फहराते हैं ध्वज

बता दें वर्ष 1991 तक इन दोनों जगहों पर आज़ादी समारोह के दौरान राष्ट्रिय ध्वज नहीं फहराया जाता था क्योंकि संविधान के नियमानुसार देश में 15 अगस्त, 23 व 26 जनवरी के अलावा झंडा फहराने की अनुमति नहीं है लेकिन एक लम्बे संघर्ष के बाद फिर इन्हे 1991 में अनुमति मिल गई ।

पहले पाक में बाद में भारत में हुए शामिल

दरअसल, जिस समय भारत को आज़ादी मिली तो 15 अगस्त से एक दिन पहले पकिस्तान को आज़ाद मुल्क घोषित कर दिया गया था और ये दोनों शहर भारत और पाकिस्तान के बटवारे के टाइम पाक में शामिल कर दिया गया था। इसके बाद विवाद बढ़ गया क्योंकि ये दोनों इलाके हिन्दू बहुल क्षेत्र है और यहाँ के लोगों ने इस बात पर अपनी आपत्ति जताई और इन दोनों शहरों को भारत में शामिल करने की मांग की। बाद में इन दोनों शहरों को विरोध प्रदर्शनों के चलते भारत में शामिल कर दिया गया जिसके परिणाम स्वरूप इन दोनों शहरों को 18 अगस्त को आज़ादी मिली है।