मेरठ के कालेज का है बड़ा इतिहास, डीयू जानें से पहले पढ़े ये स्टोरी !

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15th May, 2019, Edited by Vineet dubey

मेरठ सिटी। 12वीं के रिजल्ट आ चुके हैं। आगे एडमिशन के लिए स्टूडेंट्स तैयारी कर रहें हैं। अगर मेरठ के कॉलेजों की बात करें तो यहाँ कालेज को लेकर स्टूडेंट्स की धारणा कुछ ठीक नहीं है। ऐसे में जो टॉपर हैं वो डीयू को तरजीह दे रहें हैं और जो अच्छे मार्क्स से पास हैं वो दूसरी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने का प्लान कर रहे हैं। ऐसा इसलिए भी है की मेरठ के कॉलेजों में धरना-प्रदर्शन बहुत होते हैं।  जबकि कुछ स्टूडेंट्स कहते हैं कि यहां पर डीयू के स्तर की पढ़ाई नहीं होती है। हलाकि स्टूडेंट्स की राय कुछ भी पर मेरठ के कालेज का इतिहास बड़ा है। पुरे साल सिर्फ हंगामे ही होते हैं ऐसा भी नहीं है। यहां से पढाई कर के स्टूडेंट्स पढ़कर देश ही नहीं दुनिया में भी नाम रोशन कर रहे हैं।

सन 1892 में हुई थी मेरठ कॉलेज की स्थापना

ऐसे में आज हम बात करते हैं मेरठ कॉलेज की तो आपको बता दें स्थापना सन 1892 में हुई थी। 125 साल पूरे करने वाले मेरठ कॉलेज के एल्युमिनाई की लिस्ट में देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह से लेकर तमाम अधिकारी और बिजनेसमैन शामिल हैं। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल हों या सेनाध्यक्ष बिपिन रावत। आईआईटी दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर पदमश्री डॉ.  आरएस सिरोही हों या फिर टीआईएफटी मुंबई के डायरेक्टर डॉ.  वीरेंद्र सिंह। बिट्स गोआ के डायरेक्टर डॉ.  टीसी गोयल, रिटायर वाइस एयर मार्शल केके.  जैन, रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल जेएस भटनागर ने यहां से पढ़कर कामयाबी हासिल की।

स्टूडेंट्स के लिए दो हॉस्टल

मेरठ कॉलेज में स्टूडेंट्स के रहने की बात करें तो इस वक्त एक ब्वॉयज हॉस्टल बीएनएम चल रहा है। लड़कियों के लिए सरस्वती गर्ल्स छात्रावास है। इसमें 50 से ज्यादा लड़कियों के रहने की जगह है।

खोली गई है दो लाइब्रेरी

पढाई की खास सुबिधायुक्त बनाने के लिए कालेज प्रशासन की तरफ से दो लाइब्रेरी खोली गई है। आज इस लाइब्रेरी में एक लाख के आस-पास  किताबें हैं जिससे स्टूडेंट्स अपने भविष्य गढ़ रहे हैं। खास तो यह है कि गर्ल्स और ब्वॉयज के लिए अलग-अलग जगह है। लॉ डिपार्टमेंट की अपनी अलग लाइब्रेरी है।

विदेशों में भी पढाई जाती है यहाँ की लिखी किताबे

यहां के टीचर्स का जवाब नहीं यहां के टीचर्स की लिखी किताबें देश ही नहीं बल्कि विदेशों के विश्वविद्यालयों में भी पढ़ाई जा रही हैं। पूर्व प्राचार्य डॉ।  एसके अग्रवाल की एनेलिटिकल केमिस्ट्री देशभर के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती है वहीं, एडवांस्ड इन आर्गेनिक केमिस्ट्री भारत के अलावा नेपाल, पाकिस्तान, सिंगापुर, दुबई, भूटान, हांगकांग, मॉरीसस और इंग्लैंड के विश्वविद्यालयों के सिलेबस में है। रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ।  ओपी शर्मा की प्रैक्टिकल बॉटनी की किताब देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में लगी हुई है।

इतनी हैं कालेज में सीटें

कॉलेज में सीटें-कोर्स कोर्स सीटें बीए 880 बीएससी बायोलॉजी 480 बीएससी मैथ 480 बीएससी स्टेटिक्स 480 बीकॉम 480 एलएलबी 300 पीजी कोर्सो में एमए, एमकॉम, एमएससी, बीएड, पीएचडी कोर्स चल रहे हैं। सेल्फ फाइनेंस में बीएसी होम साइंस, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी होम साइंस और एमएससी कंप्यूटर साइंस कोर्स चल रहे हैं।

कालेज में रजिस्ट्रेशन आज से

16 से रजिस्ट्रेशन, दो मेरिट के बाद ओपन मेरिट सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया 16 मई से शुरू हो जाएगी। 30 मई तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होंगे। 1 जून से यूनिवर्सिटी मेरिट निकालना शुरू कर देगी। इस बार यूनिवर्सिटी दो मेरिट निकालने के बाद ओपन मेरिट निकालेगी। अगर किसी का नाम पहली मेरिट में आ गया और उसने एडमिशन नहीं लिया तो उसका नाम दूसरी मेरिट में नहीं आएगा। उसे फिर ओपन मेरिट में ही एडमिशन का मौका मिल पाएगा।

अब कालेज में पहले के अपेक्षा बदलाव आया

पहले हंगामे-प्रदर्शन ज्यादा होते थे, लेकिन अब इसमें बदलाव आया है। छात्र-छात्राएं अब धरने-प्रदर्शन में नहीं बल्कि पढ़ाई में ध्यान देते हैं। कॉलेज का माहौल लगातार सुधर रहा है।

- डॉ.  आभा चंद्रा, प्राचार्या, मेरठ कॉलेज मेरठ।