बाहुबली अतीक अहमद के घर व ऑफिस पर CBI की रेड, हड़कंप 

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17th July, 2019, Edited by manish shukla

इलाहाबाद / प्रयागराज ।  यूपी से अतीक अहमद को बाहर भेजने (गुजरात जेल) के बाद अब उन पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जिसके क्रम में आज सुबह सीबीआई की दो टीमों ने अतीक अहमद के घर व आफिस पर रेड मारी है। अतीक के समर्थकों के बवाल करने व हालात को पूरी तरह से अंडर कंट्रोल रखने के लिये सीबीआई ने पीएसी और आरएएफ की टीमों को अपनी सुरक्षा में ले रखा है। आश्चर्य की बात यह है कि सीबीआई रेड की जानकारी लोकल पुलिस को भी नहीं दी गयी। अतीक के वर्चस्व को देखते ही पूरी गोपनियता के साथ सीबीआई ने छापेमारी की और इसकी भनक किसी को भी नहीं लगी थी। और, जब सीबीआई के अतीक घर व ऑफिस पर सीबीआई पहुंची तब तक आरएएफ व पीएसी ने पूरे परिक्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया था। इस समय किसी को भी अंदर बाहर जाने की इजाजत नहीं है। मीडिया को भी घटनास्थल से दूर रखा गया है।

छापेमारी में अभी तक सीबीआई को क्या मिला है और वह क्या ढूढने आई है, इस पर अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। माना यह जा रहा है कि अतीक के गैर कानूनी विशाल साम्राज्य से जुड़े सबूत जुटाये जा रहे हैं। साथ ही रियल एस्टेट व्यापारी मोहित जायसवाल के लिखापढी वाले कागजात भी ढूढे जा रहे हैं। फिलहाल अतीक अहमद के निवास और कार्यालय का कोना.कोना खंगाला जा रहा है। याद दिला दें कि देवरिया जेल कांड के बाद से ही अतीक की मुश्किल बढ़ गयी थी। जेल बदले जाने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उन पर सीबीआई की कार्रवाई के लिये प्रक्रिया शुरू हो गयी थी और अब जब अतीक को गुजरात शिफ्ट किया जा चुका था, ऐसे में उनके किसी भी जांच में हस्तक्षेप की संभावना कम थी। जिसके चलते ही अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने अतीक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

सबकुछ खंगाल रही सीबीआई 

सीबीआई की कार्रवाई का क्रम लगभग एक महीने पहले ही शुरू हो चुका था। इससे पहले मंगलवार को देवरिया जेल में सीबीआई ने घंटो पड़ताल की थी और देवरिया के होटलों का रिकॉर्ड भी खंगाला था। अतीक के कौन से नजदीकी और उसके गैंग को कौन लोग देवरिया में अपना ठिकाना बना कर अतीक के नजदीक थे, अब इसकी कडियां जोड़ी जा रही है। दरअसल अतीक के गैंग से जुड़े लोग लगातार देवरिया के होटलों में रूकते थे और फिर जेल में अतीक से मुलाकात करते। यह पूरे प्लान के साथ होता था और आपराधिक घटनाओं को भी इसी तरह अतीक के इशारे में अंजाम दिया जाता रहा। सीबीआई ने अतीक के साथ जेल में बंद रहे कैदियों से पूछताछ शुरू कर दी है और खास नजर उन पर है जो अतीक के साथ यह अतीक के बैरक के आस पास थे।

इस मामले को लेकर कार्रवाई

सीबीआई कार्रवाई के पीछे जो सबसे बड़ा कारण था वह था रियल एस्टेट व्यापारी मोहित जायसवाल का। अतीक अहमद ने लखनऊ के मोहित जायसवाल का 26 दिसंबर को गुर्गों के जरिए अपहरण कराया और उसे उसे अपने वर्चस्व के तहत देवरिया जेल के अंदर बुलाया गया था। आरोप था कि मोहित की जेल के अंदर ही अतीक ने बेरहमी से पिटाई की थी और उसकी करोड़ों रुपये की प्रापर्टी जबरन अपने व करीबियों के नाम करा ली थी। इस घटना के बाद जब मोहित किसी तरह छूटकर लखनऊ पहुंचा तो उसके बाद यह मामला खुला। मीडिया में मामला आने के साथ पुलिसिया कार्रवाई शुरू हुई। मुकदमा दर्ज करने के बाद लीपापोती होने लगी तो मोहित ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की थी। जिस पर कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को जांच का निर्देश दिया था। जिसके बाद सीबीआई ने पिछले एक महीने से देवरिया के सिंचाई विभाग के डाक बंगले को अपना ऑफिस बनाया हुआ था और जेल में बंदियों, .कैदियों, बंदीरक्षकों व जेल अधिकारियों के बयान दर्ज किए थे। अब इसी क्रम में सीबीआई ने सबूत जुटाने के लिये अतीक अहमद के घर व कार्यालय पर छापेमारी की है।

देवरिया जेल से चलने लगा था गैंग 

सीबीआई जांच के दौरान अभी तक यह साफ हो चुका है कि जब अप्रैल 2017 से अतीक को नैनी सेंट्रल जेल से देवरिया जेल ले जाया गया। उसके बाद अतीक का नया ठिकाना भी यहां बन गया। वह जेल के अंदर से ही अपना गैंग चलाने लगा और उसके गुर्गों ने शहर में होटलों में किराये पर कमरा लेकर अस्थानीय ऑफिस चलाना शुरू कर दिया था। अतीक इशारा करता और गुर्गे बडे बडे कारोबारियों को देवरिया लाकर रंगदारी वसूलते रहे। दरअसल सीबीआई को देवरिया स्टेशन रोड, पुरवा, राघवनगर के होटलों में जांच के दौरान जो अभिलेख हाथ लगे हैं, उससे यह साफ हो गया है कि अतीक के गुर्गों ने यहां अपना ठिकाना बनाया हुआ था। सीबीआई को यह भी पता चला है कि अतीक अपने साथ बंद कैदियों की भी मदद अंदर से कर रहा था। फिलहाल अब अतीक की मुश्किल और बढेंगी और उनके जेल से बाहर निकलने की सभी तरह की संभावनाओं पर विराम लग गया है।