Navratri Special : नवरात्रि कल से, जानें मां नव दुर्गा के अलग-अलग वाहन

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9th October, 2018, Edited by Shikha singh

लखनऊ सिटी। सभी के संकट को हरण करने वाली मां दुर्गा के नवरात्रि कल से शुरू हो रहा है। वैसे तो सभी देवी-देवताओं के वाहन अलग-अलग हैं। बता दें कि मां दुर्गा शेर की सवारी करती हैं।  ऐसे में अब इन नौ दिनों में पुरे देश में मां दुर्गा के हर रूप की धूमधाम से पूजा होगी। बता दें कि मां के नौ रूप हैं जिनकी पूजा का विधि-विधान अलग है। इस सभी मां की सवारी भी अलग है। आइए जानते हैं मां दुर्गा की सवारी के बारे में....

मां शैलपुत्री गाय की  सवारी

मां शैलपुत्री को सेहत की देवी कहा जाता है। मां की अराधना करने से सभी प्रकार की बीमारियां समाप्त हो जाती हैं। ठीक वैसे ही जैसे गौ-मूत्र को पवित्र माना जाता है। इसी कारण मां शैलपुत्री गाय की सवारी करती हैं। 

ब्रह्मचारिणी तपस्या की देवी

दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। देवी ब्रह्मचारिणी को तपस्या की देवी कहा जाता है। इनका वाहन पैर ही है। कहते हैं कि जो भी मां की पूजा करता है तो वह कभी भी अपने पथ से नहीं भटकता है। अपने रास्ते बनाते जाता है। 

अलौलिक शक्तियों

मां चंद्रघंटा की पूजा करने वाले भक्तों के लिए मां अपने घंटे से उनकी रक्षा करती है। कहा जाता है कि नवरात्र के तीसरे अलौलिक शक्तियों पैदा होती हैं। मां के मस्तक में घंटे के आकार का चंद्रअर्ध है। 

कालरात्रि का वाहन गाधा

मां कालरात्रि का वाहन गाधा होता है। बता दें कि गधा तमोगुण होता है। मतलब कि गधा एक ऐसा पशु है जिसमें क्रोध और द्वेष होता है। इसीलिए मां काली ने उन्हें अपना वाहन चुना। 

लक्ष्मी की सवारी उल्लू

मां लक्ष्मी की सवारी उल्लू होता है। बता दें कि उल्लू अंधकार का प्रतीक है। लोग आज सांसारिक मोह-माया को त्याग कर धन-दौलत के पीछे भाग रहे हैं और सच को नहीं जान रहे। इसीलिए लक्ष्मी मां का वाहन उल्लू होता है।

सरस्वती का वाहन हंस

मां सरस्वती का वाहन हंस है। बता दें कि हंस एक सफेद रंग का पशु है जो शांति और पवित्रता का प्रतीक है। इसीलिए देवी सरस्वती की सवारी हंस होती है।