Teachers Day Special: ये शिक्षक नहीं, लेकिन इनकी ज़िद है कि सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिले

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5th September, 2018, Edited by Focus24 team

वाराणसी सिटी। शिक्षा जगत से न होते हुए भी सिटी के 1000 उन छात्रो को शिक्षा का अधिकार दिलाना जिनकी जज्बा है, वह शहर के ही “द अवेकर सोसायटी” के प्रबंधक सौरभ दुबे हैं। इनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का दायरा सीमित है। वहां के बच्चे प्रायवेट स्कूलों के स्टूडेंट्स से पिछड़ जाते हैं। साथ ही सिटी में कुछ ऐसे जगह हैं जहाँ के बच्चें आभाव बस स्कूल जाते ही नहीं, ऐसे में इन बच्चों की ग्रोथ और शिक्षा की जिमेवारी उठा रही संस्था द अवेकर सोसायटी उठा रही है ...।

वालंटियर कर रहें हैं हेल्प

इस सोसायटी पाठशाला में मलिन बस्ती के बच्चे पिछले 7 साल से अपने जीवन में शिक्षा रूपी प्रकाश की फैला रहे हैं। इसमें नेक काम में सौरभ दुबे के साथ कुछ स्टूडेंट्स हैं तो कई बिजनेस पर्सन भी जो समय के अनुसार अपने शिक्षा और योग्यता को डोनेट करते हैं। खास तो यह है कि इन बच्चों से स्कूल की फीस भी संस्था भर रही है। रविन्द्रपुरी पार्क और सिटी के कई स्थानो पर रूटीन से लगने वाली इस क्लास में पहली से 10वीं के 50 बच्चे आते हैं।

समय-समय पर दिखाई जाती है मोबाईल में डॉक्युमेंट्री

इस संस्था के माध्यम से बच्चों से जुड़ने वाले सौरभ दुबे कहते हैं कि कहानियों की डॉक्युमेंट्री दिखाकर नैतिकता, अधिकारों पर बात होती है। तो वहीं इन स्टूडेंट्स बच्चों में पढ़ने के बाद क्या क्या बन सकते हैं और कैसे अपने लाइफ को बेस्ट बना सकते हैं इसके लिए उन्हें समय-समय पर मोबाईल में डॉक्युमेंट्री दिखाई जाती है।

कौन है सौरभ दुबे

सिटी के औसानगंज में रहने वाले सौरभ दुबे पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, कोई बच्चा बिना पढ़े न रह जाय यह इनकी कोशिश होती है। इसलिए जब इनको संस्था में कुछ करने का मौका मिला तो इन्होने नेक काम की पहल की। ऐसा नहीं की सौरभ ये सब आसानी से कर पाए बताते हैं कि इन बच्चों के पढ़ाई के लिए मैंने कई चीज़ें फेस कीं। साथ ही इनके माता-पिता से भी लड़ाई लड़नी पड़ी वो चाहते ही नहीं थी कि बच्चे पढ़े इनके माता-पिता कूड़ा बीनने और छोटा काम करने को ही अपना और अपने बच्चों का नसीब मान  लिए थे।