अटल जी स्पेशल : नेहरु ने पीएम बनने की कर दिया था भभिष्यवाणी, इंदिरा गांधी बोली थी ये बातें !

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16th August, 2018, Edited by Ananya Rawat

कानपुर सिटी। आजकल राजनीति में जहा एक पार्टी दुसरे पार्टी को देखना भी चाहती, एक पार्टी का नेता दुसरे पार्टी के नेता से बात भी नहीं करना चाहता वहीँ जबकि अटल जी राजनीति के एक ऐसे शख्श हैं जिनको विपक्ष भी अपना आदर्श मानता था। कांग्रेस के साथ अटल की सरकार के संबंध बेहतर रहे। बता दें की यह कोई आज से नहीं बल्कि प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और देश की पहली महिला पीएम इंदिरा गांधी के समय से रहा।

भाषण का अंदाज था अलग

बीजेपी के सबसे लोकप्रिय और दिग्गज नेताओं में अटल बिहारी वाजपेयी का नाम गिना जाता था। अटल जी भाषण का अंदाज, बात करने का तेंवर और मधुर भाषा हर कोई को कायल था।

जवाहर लाल नेहरू हुए थे प्रभावित

बता दें कि अटल जी के इसी अंदाज से प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू संसद में  भाषण का सुनकर इतने प्रभावित हुए थे यहाँ तक कि उनके प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी भी कर दी थे और ये बात सच भी साबित हुई।

1957 से 1977 तक लगातार संसदीय दल के रहे नेता

दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1957 के लोकसभा चुनावों में पहली बार उत्तर प्रदेश की बलरामपुर लोकसभा सीट से जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में जीतकर लोकसभा पहुंचे। अटल जी 1957 से 1977 तक लगातार जनसंघ की ओर से संसदीय दल के नेता रहे।

पाक के 93 हजार सैनिकों ने टेक दिया था घुटना

अटल बिहारी विपक्ष के कामों की तारीफ करने से भी पीछे नहीं हटते थे। 1971 के दौरान भारत-पाकिस्तान युद्ध में विजयश्री के साथ बांग्लादेश को आजाद करा कर पाक के 93 हजार सैनिकों को घुटना टेंकने को विवश किया।

संसद में दुर्गा की उपमा से सम्मानित 

इस विजय के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी जी को अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में दुर्गा की उपमा से सम्मानित किया था। तो संसद तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा था। लेकिन 1975 में इंदिरा गाँधी द्वारा आपातकाल लगाने अटल बिहारी वाजपेयी ने खुलकर विरोध किया था। आपातकाल की वजह से इंदिरा गाँधी को 1977 के लोकसभा चुनावों में करारी हार का सामना करना पड़ा।