महाशिवरात्रि स्पेशल: जानें, काशी के इन पांच मंदिरों के रहस्य, फॉरेनर्स भी लगाते हैं हाजिरी

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24th February, 2017 - 8:40 PM, Edited by

वाराणसी सिटी। देखा जाए तो काशी का कण–कण भोलेनाथ को समर्पित है। यहां के रोम-रोम में महादेव बसे हुए हैं। यहां की लगभग 80 प्रतिशत गलियों में कहीं न कहीं इनके छोटे या बड़े मंदिर मिल ही जाएंगे। लेकिन इन सबसे हटकर काशी में कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जो धार्मिक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देते हैं तथा इनके दर्शनों को दूर-दूर से टूरिस्ट खींचे चले आते हैं।

आइये जानते हैं इनके बारे में-

काशी विश्वनाथ

विश्व प्रसिद्द इस मंदिर में देश के अलावा विदेश से भी लोग दर्शन करने को आते हैं। यह मंदिर बनारस के सबसे ऊंचे स्थान पर विराजमान है। कहा जाता है कि यह मंदिर काशी के सबसे प्राचीन मंदिर है।

महामृत्युंजय महादेव

मध्यमेश्वर स्थित इस मंदिर को मृत्युंजय महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इनके दर्शनों के से मृत्यु पर विजय प्राप्त होती है। एक बार देवताओं ने भी इस मंत्र का प्रयोग कर मृत्यु पर विजय प्राप्त किया था।

तिलभांडेश्वर महादेव

काशी में भेलपुर स्थित इस मंदिर की विशेषता यह है कि इस मंदिर में स्थित भोलेनाथ की मूर्ति हर साल तिल भर बढ़ जाती है। इसी कारण इसका नाम तिलभांडेश्वर महादेव पड़ा है।

केदारेश्वर महादेव

विश्वनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित घाट के समीप इस मंदिर में भगवान अपने परिवार समेत विराजमान हैं। इस मंदिर में आपको शिव के साथ मां पार्वती, गणेश एवं कार्तिकेय के एक साथ दर्शन होंगे। इस मंदिर की भव्यता ही इसकी पहचान है।

बीएचयू विश्वनाथ मंदिर

काशी में काशी विश्वनाथ का मंदिर दो जगह स्थित है। पहला तो जहां लोग अध्यात्म की दृष्टि से आते हैं, और दूसरा महामना की बगिया काशी हिन्दू विश्वविद्यालय कैंपस में। इस मंदिर की सुन्दरता एवं भव्यता टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां आपको भगवान की पूजा-अर्चना के साथ ही एक अलग तरह की शांति प्राप्त होगी। इस मंदिर में भगवान शिव के अलावा मां पार्वती, श्री गणेश, मां दुर्गा, लक्ष्मी-नारायण, हनुमान, सरस्वती, नटराज विराजमान हैं। इस मंदिर के दीवारों पर आपको भगवान श्री कृष्ण द्वारा दीये गए गीता के उपदेश नजर आएंगे।